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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी बयानबाजी शुरू कर दी है। एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव का बयान भी तुरंत सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश में नई रणनीति की तैयारी और एक नई पारी का दौर शुरू होता दिख रहा है।
Vinod Rastogi
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी बयानबाजी शुरू कर दी है। एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव का बयान भी तुरंत सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश में नई रणनीति की तैयारी और एक नई पारी का दौर शुरू होता दिख रहा है।
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- कांग्रेस के एक बड़े नेता ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर एक दिन पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।1
- धर्मेंद्र प्रधान के वक्तव्य के बाद जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। धर्मेंद्र प्रधान के बोलने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से अपने टेंट उखाड़ना शुरू कर दिए हैं और इसके साथ ही वहां साफ-सफाई का काम भी चालू हो गया है। प्रदर्शन खत्म होने और टेंट हटने के बाद कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि शायद अब अगले 'प्रोडक्ट' की तैयारी शुरू की जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान के वक्तव्य के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह प्रोटेस्ट पूरी तरह से खत्म हो गया है।1
- देश की जानी-मानी हस्ती सोनम वांगचुक जी 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद आज अपने राज्य लद्दाख पहुंच गए हैं। देश के युवाओं के हक के लिए दिन-रात दिल से लड़ाई लड़ने और उन्हें उनका हक दिलाने के बाद वह अपने घर लौटे हैं। लद्दाख पहुंचने के बाद उन्होंने वहां जाकर एक बड़ा संदेश दिया है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है। पार्टी का कहना है कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया है और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोज़गार मिलने तक जाएगी और इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी। पार्टी ने युवाओं को आंदोलन की इस विजय पर बधाई दी है।1
- आज प्रदर्शन कर रहे छात्रों को एक बहुत बड़ी जीत मिली है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बेहद घातक हमले किए गए, जिनमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल और क्रिटिकल हो गए। इस हिंसा में किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर तो किसी की पसली टूट गई, और छात्रों के खिलाफ पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इन तमाम हमलों और छात्रों पर हुए अत्याचार के लिए सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह को ज़िम्मेदार ठहराया गया है। इस हमले की साज़िश रचने वाले आयोजकों (organisers) से लेकर इसे जमीन पर अंजाम देने वालों (implementors) तक, सभी की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। पीड़ित छात्रों के लिए इंसाफ तभी माना जाएगा जब दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो सभी को साफ नजर आए। इसी सिलसिले में राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से अपील की है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को सिर्फ़ एक पड़ाव बताते हुए छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है। साफ़ तौर पर कहा गया है कि यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा है, मंज़िल नहीं। 20 जुलाई और उसके बाद छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को बिना किसी देरी के तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि कॉकरोच से टकराने की भूल न करें। जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा संभव हो गया है, तो अब छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।1
- तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राबड़ी देवी लालटेन लेकर नजर आईं। आखिरकार पटना पुलिस ने किस वजह से तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया है, इसको लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1
- सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि भगवा कपड़े पहने एक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें धमकाया और उनकी पिटाई कर दी। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि इस घटना के कारण काफी अशांति फैल गई है और मामले में शामिल व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।1