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कानपुर नगर पुलिस से यशोदा नगर क्षेत्र में 17 जून 2026 को आयोजित महाराणा प्रताप स्वाभिमान/शौर्य यात्रा कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम कानपुर नगर के यशोदा नगर में हुआ था। अनुरोधकर्ता ने वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट्स, फोटो एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा है कि पुलिस विभाग इन प्रमाणों के आधार पर संबंधित स्थान और थाना क्षेत्र की पहचान आसानी से कर सकता है, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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कानपुर नगर पुलिस से यशोदा नगर क्षेत्र में 17 जून 2026 को आयोजित महाराणा प्रताप स्वाभिमान/शौर्य यात्रा कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम कानपुर नगर के यशोदा नगर में हुआ था। अनुरोधकर्ता ने वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट्स, फोटो एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा है कि पुलिस विभाग इन प्रमाणों के आधार पर संबंधित स्थान और थाना क्षेत्र की पहचान आसानी से कर सकता है, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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- ताज़ा खबर के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाले निर्धारित हस्तस्कंबन और फोटो सेशन में भाग लेने से इनकार कर दिया है।1
- एक चैनल ने दर्शकों से अपील की है कि वे तमाम छोटी-बड़ी खबरों को सबसे पहले जानने और पाने के लिए उनके चैनल को सब्सक्राइब करें।1
- एक सोशल मीडिया वीडियो का हवाला देते हुए, एक नागरिक ने शराब के ठेकों पर सिगरेट और पान मसाले की तरह ही वैज्ञानिक चेतावनी अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस मांग में विशेष रूप से ठेकों पर 24 घंटे ऑडियो मोड में ऐसी चेतावनी चलाने का सुझाव दिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे सिगरेट के पैकेटों पर 'सिगरेट पीना हानिकारक है' लिखा होता है। नागरिक ने अपनी टिप्पणी में यह भी जोड़ा कि उन्होंने अक्सर देखा है कि शराब के ठेकों पर 'शराब पीना शरीर के लिए हानिकारक है' जैसी कोई चेतावनी लिखी हुई नहीं होती है। इस विषय पर उन्होंने सीधे मोदी सरकार और योगी सरकार से अपील की है, खासकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए। नागरिक का कहना है कि यदि ये सरकारें वास्तव में जनता के हित में हैं, तो उन्हें मात्र 200 रुपये के एक स्पीकर में 24 घंटे ऐसी ऑडियो चेतावनी चलानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर यह वीडियो सत्य है, जिसमें अमेरिका में हुई जांच का जिक्र है, तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि 'हम ही नहीं रहेंगे तो वोट कौन देगा आपको।' यह अपील सरकारों से जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाने की मांग करती है।1
- कानपुर नगर के परमट मंदिर आनंदेश्वर के पास गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जहां छोटे बच्चे और कम आयु के लोग बीच धारा में स्नान व जलक्रीड़ा कर रहे हैं। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 21 जून, रविवार को लगभग 7 बजकर 52 मिनट पर किसी जनमानस द्वारा यह वीडियो प्रकाशित किया गया था, जिसमें अज्ञात बच्चे बीच धारा में जल क्रीड़ा करते दिख रहे थे। हालांकि, संवाददाता दिनकर जी ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि यदि इन बच्चों के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि आमतौर पर जनरक्षक किसी समस्या या दुर्घटना के बाद ही उचित कार्रवाई करते हैं। भविष्य में संभावित अनहोनी और उसके बाद की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं, साथ ही शासन और प्रशासन की चुप्पी पर भी प्रश्नचिह्न लगाया गया है, यह पूछा गया है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन क्यों है।1
- कानपुर नगर के परमट मंदिर आनंदेश्वर घाट पर गंगा नदी में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और धारा भी तेज़ है। इसके बावजूद कम उम्र के बच्चे गंगा में स्नान कर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से यह सवाल उठाया गया है कि यदि इन बच्चों के साथ कोई दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। भारत सूत्र लाइव डिजिटल लाइव टीवी न्यूज़ समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 21 जून रविवार को सुबह लगभग 7 बजकर 52 मिनट पर किसी जन मानस द्वारा एक वीडियो प्रकाशित किया गया था। इस वीडियो में कुछ अज्ञात बच्चों को गंगा की बीच धारा में जलक्रीड़ा करते हुए देखा गया। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जनरक्षक अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई आमतौर पर किसी समस्या या दुर्घटना के घटित होने के बाद ही की जाती है। यह रिपोर्ट और वीडियो इस आशंका को उजागर करते हैं कि गंगा में बढ़े हुए जलस्तर के बीच बच्चों का इस तरह से स्नान करना किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकता है, और ऐसे में जवाबदेही तय करना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।1