सूरत के पलसाणा तालुका स्थित वरेली में औद्योगिक विकास के नाम पर खुलेआम मानव जीवन से छेड़छाड़ की जा रही है, जहां सुहाग प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड आसपास के निवासियों के लिए 'सांस का कैंसर' साबित हो रहा है। कंपनी की चिमनियाँ चौबीसों घंटे जहरीला काला धुंआ उगल रही हैं, जिससे पर्यावरणीय नियमों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन हो रहा है और स्थानीय आबादी में भारी परेशानी व आक्रोश है। वेरेली के निवासियों के अनुसार, यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं, बल्कि सुहाग प्रिंटर्स की 'दैनिक दिनचर्या' बन गई है। इस जहरीले धुएं का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है; पूरे इलाके में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि छोटे बच्चों और अस्थमा के मरीजों का घर में रहना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, आस-पास के घरों के खुले स्थानों और चिमनियों में काले पाउडर जैसे अवशेष मिलने की भी खबरें हैं। यह गंभीर प्रदूषण अब केवल एक परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है, जिस पर हर तरफ यही बहस छिड़ी है कि क्या गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) के अधिकारी वरेली से गुजरते समय आँखों पर पट्टी बांध लेते हैं, या इस काले धुएं के पीछे 'सफेद कमाई' की मलाई बांटी जा रही है। खुलेआम दिख रहे इस प्रदूषण के बावजूद जिम्मेदार विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। लोग पूछ रहे हैं कि GPCB सुहाग प्रिंटर्स की वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली की जांच क्यों नहीं कर रहा है? क्या कंपनी के पास वैध सहमति (संचालन की सहमति) है और अगर है, तो नियमों का इतना खुला उल्लंघन क्यों किया जा रहा है? साथ ही, स्थानीय ग्राम पंचायत और प्रशासनिक व्यवस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कब जागेगी? स्थानीय निवासी अब 'लड़ाई के मूड' में हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि इस प्रदूषण को तुरंत नहीं रोका गया और सुहाग प्रिंटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च स्तरीय लिखित शिकायतों की एक श्रृंखला शुरू करेंगे और एक हिंसक आंदोलन छेड़ेंगे।
सूरत के पलसाणा तालुका स्थित वरेली में औद्योगिक विकास के नाम पर खुलेआम मानव जीवन से छेड़छाड़ की जा रही है, जहां सुहाग प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड आसपास के निवासियों के लिए 'सांस का कैंसर' साबित हो रहा है। कंपनी की चिमनियाँ चौबीसों घंटे जहरीला काला धुंआ उगल रही हैं, जिससे पर्यावरणीय नियमों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन हो रहा है और स्थानीय आबादी में भारी परेशानी व आक्रोश है। वेरेली के निवासियों के अनुसार, यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं, बल्कि सुहाग प्रिंटर्स की 'दैनिक दिनचर्या' बन गई है। इस जहरीले धुएं का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है; पूरे इलाके में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि छोटे बच्चों और अस्थमा के मरीजों का घर में रहना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, आस-पास के घरों के खुले स्थानों और चिमनियों में काले पाउडर जैसे अवशेष मिलने की भी खबरें हैं। यह गंभीर प्रदूषण अब केवल एक परेशानी नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है, जिस पर हर तरफ यही बहस छिड़ी है कि क्या गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) के अधिकारी वरेली से गुजरते समय आँखों पर पट्टी बांध लेते हैं, या इस काले धुएं के पीछे 'सफेद कमाई' की मलाई बांटी जा रही है। खुलेआम दिख रहे इस प्रदूषण के बावजूद जिम्मेदार विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। लोग पूछ रहे हैं कि GPCB सुहाग प्रिंटर्स की वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली की जांच क्यों नहीं कर रहा है? क्या कंपनी के पास वैध सहमति (संचालन की सहमति) है और अगर है, तो नियमों का इतना खुला उल्लंघन क्यों किया जा रहा है? साथ ही, स्थानीय ग्राम पंचायत और प्रशासनिक व्यवस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कब जागेगी? स्थानीय निवासी अब 'लड़ाई के मूड' में हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि इस प्रदूषण को तुरंत नहीं रोका गया और सुहाग प्रिंटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च स्तरीय लिखित शिकायतों की एक श्रृंखला शुरू करेंगे और एक हिंसक आंदोलन छेड़ेंगे।
- Post by Raju Yadav1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ की रेजिडेंसी में एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। इस अवसर पर, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के बाद से भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है। उन्होंने योग के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह हमें मानसिक और शारीरिक दोनों रूपों से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने ही योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। योग दिवस पर दिए गए अपने संदेश में, उन्होंने सभी से स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का आग्रह किया।1
- 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को प्रयागराज के थाना कौंधियारा परिसर में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में सभी पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया, जिसकी शुरुआत सुबह 6 बजे हुई। इस सत्र में सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, ताड़ासन, वज्रासन सहित कई विभिन्न योगासन कराए गए। थाना प्रभारी ने इस दौरान बताया कि पुलिस की ड्यूटी तनावपूर्ण होती है और योग न केवल शारीरिक रूप से फिट रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर कार्यक्षमता व एकाग्रता को बढ़ाता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील भी की। कार्यक्रम में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और योग के महत्व को समझा। अंत में, थाना प्रभारी ने “योग भगाए रोग” के मंत्र को अपनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण की बात कही, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को जलपान कराया गया।1
- प्रयागराज जिले के सराय इनायत थाना क्षेत्र की फतूहा ग्राम सभा में एक महिला को उसके पति द्वारा आए दिन मारपीट करने का मामला सामने आया है। पति के इस हिंसक व्यवहार से परेशान होकर, पीड़ित महिला ने आज सरायइनायत थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- गर्मी के दिनों में तापमान 44.5 से लेकर 48.8 तक पहुँच गया है, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- सूरत संभाग के सायंगम इलाके में ओलपाड पुलिस ने जुआ खेलते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कुल ₹1,12,730 मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन और दो वाहन शामिल हैं। ओलपाड पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है। यह कार्रवाई सूरत संभाग के पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रेमवीर सिंह साहब और सूरत ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गधिया साहब के मार्गदर्शन में की गई, जिन्होंने जिले में जुआ और निषेध से संबंधित मामलों का पता लगाने के निर्देश दिए थे। संभागीय पुलिस अधिकारी, कॉमरेड संभाग, सूरत के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक सी.आर. जाधव ने विशिष्ट दिशा-निर्देश दिए थे। ओलपाड पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर डी.बी. देसाई के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने सायन ए.पी.ओ. क्षेत्र में गश्त के दौरान प्राप्त गुप्त सूचना पर कार्य किया। पुलिसकर्मी ए.एल.आर. प्रतीकभाई प्रवीणभाई बी. नंबर 1194 को उनके निजी मुखबिर से सूचना मिली थी कि मौजे सायन गांव में अंकित एस्टेट के खुले भूखंड में लोग 'गंजिपाना' के नाम पर पैसे जीतने के लिए जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर छापा मारा और जुआ खेलते हुए 12 लोगों को पकड़ा। पुलिस ने उनकी व्यक्तिगत तलाशी के दौरान ₹9,680 नकद और दांव पर लगे ₹3,050 नकद, कुल ₹12,730 नकद जब्त किए। इसके अतिरिक्त, ₹50,000 मूल्य के 10 मोबाइल फोन, ₹25,000 मूल्य की एक हीरो स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल (पंजीकरण क्रमांक GJ-05-LR-9018) और ₹25,000 मूल्य की एक हीरो डुएट मोपेड (पंजीकरण क्रमांक GJ-05-NH-6169) भी जब्त की गई हैं। इस प्रकार, जब्त की गई सभी संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,12,730 है।1