हमीरपुर के मौदहा नगर में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, मौदहा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क सीमांकन की प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और गंभीर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम विभिन्न मार्गों पर अलग-अलग मानक अपनाकर सीमांकन कर रही है, जिससे सैकड़ों व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता (जोकेश गुप्ता) ने ज्ञापन में बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मौदहा में कहीं सड़क की चौड़ाई 34 मीटर, कहीं 24 मीटर और कहीं 16 मीटर निर्धारित की जा रही है, जबकि एक ही नगर में सड़क चौड़ीकरण और सीमांकन के लिए समान मापदंड होने चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि इस असमान प्रक्रिया से प्राकृतिक न्याय और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन हो रहा है, जिसके चलते व्यापारियों में भारी रोष है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बस चौराहा से रहमानियां रोड तक का मार्ग, जो बांदा मंडल मुख्यालय और प्रयागराज को जोड़ता है, नगर की प्रमुख लाइफ लाइन है, जहाँ 34 मीटर चौड़ाई का सीमांकन किया गया है। वहीं, बड़े चौराहे से तहसील मार्ग तक न तो जाम की समस्या है और न ही अत्यधिक अतिक्रमण, फिर भी यहाँ भी व्यापक सीमांकन किया जा रहा है। इसके विपरीत, मलिकपुरा मार्ग से रहमानियां तक प्रतिदिन जाम की समस्या और अपेक्षाकृत अधिक अतिक्रमण के बावजूद केवल 16 मीटर का सीमांकन प्रस्तावित है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। व्यापार मंडल ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि बीते वर्षों में नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग ने संबंधित मार्गों पर नालों के निर्माण, इंटरलॉकिंग और अन्य विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। यदि अब इन्हीं संरचनाओं को तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाता है, तो यह सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी। संगठन ने चेतावनी दी कि वर्तमान प्रस्तावित सीमांकन लागू होने पर मौदहा का व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे अनेक प्रतिष्ठान संकट में आ जाएंगे और व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। व्यापार मंडल का दावा है कि व्यापारिक समस्याओं के कारण कई व्यापारी पहले ही नगर छोड़कर दूसरे शहरों का रुख कर चुके हैं। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाया जाए। साथ ही, संयुक्त टीम में व्यापारियों को भी शामिल कर पूरे नगर का पुनः सर्वेक्षण कराया जाए और “एक सड़क, एक माप” के सिद्धांत पर सीमांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी व्यापारी के साथ अन्याय न हो। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कार्रवाई बिना भेदभाव और समान मानकों के आधार पर की जानी चाहिए।
हमीरपुर के मौदहा नगर में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, मौदहा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क सीमांकन की प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और गंभीर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम विभिन्न मार्गों पर अलग-अलग मानक अपनाकर सीमांकन कर रही है, जिससे सैकड़ों व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता (जोकेश गुप्ता) ने ज्ञापन में बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मौदहा में कहीं सड़क की चौड़ाई 34 मीटर, कहीं 24 मीटर और
कहीं 16 मीटर निर्धारित की जा रही है, जबकि एक ही नगर में सड़क चौड़ीकरण और सीमांकन के लिए समान मापदंड होने चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि इस असमान प्रक्रिया से प्राकृतिक न्याय और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन हो रहा है, जिसके चलते व्यापारियों में भारी रोष है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बस चौराहा से रहमानियां रोड तक का मार्ग, जो बांदा मंडल मुख्यालय और प्रयागराज को जोड़ता है, नगर की प्रमुख लाइफ लाइन है, जहाँ 34 मीटर चौड़ाई का सीमांकन किया गया है। वहीं, बड़े चौराहे से तहसील मार्ग तक न तो जाम की समस्या है और न ही अत्यधिक अतिक्रमण, फिर भी यहाँ भी व्यापक सीमांकन किया जा रहा
है। इसके विपरीत, मलिकपुरा मार्ग से रहमानियां तक प्रतिदिन जाम की समस्या और अपेक्षाकृत अधिक अतिक्रमण के बावजूद केवल 16 मीटर का सीमांकन प्रस्तावित है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। व्यापार मंडल ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि बीते वर्षों में नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग ने संबंधित मार्गों पर नालों के निर्माण, इंटरलॉकिंग और अन्य विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। यदि अब इन्हीं संरचनाओं को तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाता है, तो यह सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी। संगठन ने चेतावनी दी कि वर्तमान प्रस्तावित सीमांकन लागू होने पर मौदहा का व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे अनेक प्रतिष्ठान संकट में आ जाएंगे और
व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। व्यापार मंडल का दावा है कि व्यापारिक समस्याओं के कारण कई व्यापारी पहले ही नगर छोड़कर दूसरे शहरों का रुख कर चुके हैं। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाया जाए। साथ ही, संयुक्त टीम में व्यापारियों को भी शामिल कर पूरे नगर का पुनः सर्वेक्षण कराया जाए और “एक सड़क, एक माप” के सिद्धांत पर सीमांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी व्यापारी के साथ अन्याय न हो। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कार्रवाई बिना भेदभाव और समान मानकों के आधार पर की जानी चाहिए।
- मौदहा में राम मंदिर दान पेटिका से जुड़े मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने थाने चौराहा पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस सांकेतिक विरोध के तहत, कार्यकर्ताओं ने भिक्षा मांगकर ₹420 जुटाए, जिससे उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान, आप कार्यकर्ताओं ने 'चंदा चोरों गद्दी छोड़ो' के नारे लगाए। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई, जिससे सच्चाई सामने आ सके।1
- बांदा से खबर है कि एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है कि एक परिचित ने उसके रुपये वापस नहीं किए और उसे जान से मारने की धमकी दी है। ग्राम प्रेमपुर की गुड़िया राजपूत ने सांसद प्रतिनिधि इंजीनियर पुरुषोत्तम गुप्ता के साथ मिलकर पुलिस अधीक्षक बांदा को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। गुड़िया राजपूत का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले उनके एक परिचित ने उनसे दो लाख दस हजार रुपये लिए थे, लेकिन अब तक यह रकम वापस नहीं की गई है। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने पैसे मांगे, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।2
- बाँदा शहर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) / सचिव बीडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों पर छापा मारा, जिसमें पाँच सेंटर बिना मान्यता के चलते पाए गए। इन सभी अवैध सेंटरों को मौके पर ही बंद करा दिया गया, जबकि एक सेंटर को ताला लगाकर सील भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई हुई, उनमें मैथमैटिक्स बाई अंकित गुप्ता, फिजिक्स बाई इ० आदित्य, मैथमैटिक्स बाई आदित्य, इंग्लिश बाई जी०डी० और बायलॉजी बाई अनिल द्विवेदी शामिल हैं। इन सेंटरों में बच्चों के आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और कोई अलग निकास द्वार नहीं था। इसके अतिरिक्त, आग बुझाने का एक भी उपकरण उपलब्ध नहीं था और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं लिया गया था, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। सभी पाँच अवैध कोचिंग सेंटरों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया और एक सेंटर को सील कर दिया गया। इसी अभियान के तहत टीम ने बिजली खेड़ा में एक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। लाइब्रेरी में पाई गई कमियों को तुरंत ठीक करने अथवा उसे बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लाइब्रेरी संचालक ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इन कमियों को दूर कर देगा। प्रशासन ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को किसी भी कोचिंग संस्थान में भेजने से पहले उसका पंजीकरण और सभी सुरक्षा इंतजामों की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।2
- बांदा के कमासिन ब्लॉक की मऊ और सयोहट ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार का जिला पंचायती राज अधिकारी राजेंद्र कुमार ने संज्ञान लिया है, जिसके बाद अब जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है। यह संज्ञान खबर चलने के बाद प्रशासन के हरकत में आने से लिया गया है। आरोप है कि मऊ ग्राम पंचायत में सचिव और जेई ने मिलकर अंत्येष्टि स्थल की रंगाई-पुताई के नाम पर दोबारा फर्जी तरीके से पैसा निकाल लिया। वहीं, सयोहट ग्राम पंचायत में दो साल पहले बना अंत्येष्टि स्थल बेकार हो गया है, जिससे लाखों का सरकारी पैसा बर्बाद हो गया। DPRO राजेंद्र कुमार द्वारा इस मामले का संज्ञान लेने के बाद, दोनों ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में, सिमरन टंकी का डेरा गांव गंभीर पानी की समस्या से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मौजूद एकमात्र नल लंबे समय से खराब पड़ा है और पूरी तरह से अनुपयोगी है। यह नल पूरे गांव का एकमात्र जल स्रोत है, लेकिन इसकी खराब स्थिति के बावजूद, ग्रामीणों की इस परेशानी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।1
- बाँदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई करोड़ों की नकदी और आभूषणों की चोरी का गंभीर आरोप लगाया गया है। कांग्रेस कमेटी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित करने की माँग की है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में इस कथित चोरी के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।3
- बाँदा में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की सख्ती रंग लाई है, जहाँ कोतवाली देहात पुलिस ने चटगन खदान में हुई खूनी लूट के दो और फरार वांछित बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों खदानकर्मियों को पीट-पीटकर लहूलुहान करने और लाइसेंसी रायफल लूटने के मामले में वांछित थे। इस घटना की रिपोर्ट खदान मैनेजर ने 3 मई को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 1 मई की शाम चारपहिया वाहन से आए बदमाशों ने खदान पर धावा बोला था। उन्होंने कर्मियों को बुरी तरह पीटा, एक की लाइसेंसी रायफल छीन ली और उनकी जेब से रुपए निकालकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भूरा को 4 मई को ही लूट की रायफल के साथ पहले ही पकड़ लिया था। मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस ने पहले अनुराग को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे बांदा रोड से गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर अनुराग ने अपना जुर्म कबूल किया और अपने साथी का नाम भी बताया। इसके बाद पुलिस ने गोविंद को कटरा बलखंडीनाका स्थित उसके घर से धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए लुटेरों में अनुराग पुत्र राकेश, जो जंगल दफ्तर सिविल लाइन का निवासी है और जिसका स्थायी पता करहिया कोतवाली देहात है, तथा गोविंद पुत्र प्रकाश चंद्र, जो कटरा बलखंडीनाका, कोतवाली नगर का निवासी है, शामिल हैं। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार लुटेरों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में पुलिस ने एक दुकान का ताला तोड़कर लैपटॉप और अन्य उपकरण चोरी करने वाले आरोपी को महज 14 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अतर्रा पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत की गई, जिससे चोरी की घटना का खुलासा हुआ। तहसील के सामने स्थित एक दुकान से लैपटॉप, फिंगर प्रिंट डिवाइस, की-बोर्ड और अन्य सामान की चोरी हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी राजेश को गल्ला मंडी के पीछे से पकड़ा। पुलिस ने आरोपी राजेश के कब्जे से चोरी किया गया सारा सामान और ताला तोड़ने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।2
- हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र के बेरी तिराहे के पास स्टेट हाईवे पर एक मामूली बात को लेकर दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। बीच सड़क हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। वायरल वीडियो में एक युवक दूसरे युवक पर चप्पलों की बरसात करता दिखाई दिया, और दोनों के बीच काफी देर तक विवाद व हाथापाई चलती रही, जिसके कारण मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। कुरारा थाना पुलिस द्वारा वायरल वीडियो की जांच किए जाने पर पता चला कि यह विवाद पारा गांव निवासी ऑटो चालक राममोहन यादव और वार्ड नंबर-9 निवासी करण प्रजापति के बीच हुआ था। यह झगड़ा किराए के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गया। पुलिस के अनुसार, वर्तमान में स्थिति सामान्य है। मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1