लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कारीबहार गांव में पुरानी रंजिश के चलते आजाद वर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद सोमवार को गांव में भारी तनाव फैल गया। लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 4:40 बजे जैसे ही आजाद का शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारी लगातार समझाने का प्रयास करते रहे। आजाद वर्मा को रविवार शाम करीब पौने छह बजे उस वक्त बदमाशों ने गोली मार दी थी, जब वह ट्यूबवेल पर जा रहे थे। इलाज के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई। मृतक के पिता जमुना प्रसाद ने एसडीएम प्रभात सिंह को एक पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, जिसमें हत्यारोपियों के खिलाफ एनकाउंटर की कार्रवाई, दो करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। परिजनों का कहना था कि प्रशासन अक्सर आश्वासन देकर अंतिम संस्कार करा देता है, लेकिन बाद में मांगें पूरी नहीं होतीं, इसलिए इस बार पहले कार्रवाई और उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम प्रभात सिंह, सदर न्यायिक एसडीएम शिवप्रसाद, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह, तहसीलदार मयंक मिश्रा, नायब तहसीलदार रूबी यादव और क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात की। शाम करीब 6:15 बजे अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सोमवार सुबह मृतक के भाई बादल वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अशोक पाण्डेय, राजनारायण पाण्डेय, अनुराग, रूपम, सत्यम और सूरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों में सूरज पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय और रूपम पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गोसाईगंज थानाध्यक्ष अखंड देव मिश्रा के नेतृत्व में गोसाईगंज, मोतिगरपुर, अखंडनगर और जयसिंहपुर समेत करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस और तीन गाड़ियों से आए पीएसी के जवान गांव में तैनात रहे। मृतक के घर पूर्व विधायक अरुण वर्मा, अपना दल (एस) के विधि सचिव सत्यप्रकाश पटेल, जिलाध्यक्ष राकेश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी, बसपा मंडल कोऑर्डिनेटर उदयराज वर्मा, भाजपा नेता विकास वर्मा, कुलदीप यादव जनवादी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। आजाद वर्मा दो भाइयों में छोटा था, और उनके पिता जमुना प्रसाद खेती-किसानी करते हैं। बेटे की मौत से मां परम शिला का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई थी, और पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।
लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कारीबहार गांव में पुरानी रंजिश के चलते आजाद वर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद सोमवार को गांव में भारी तनाव फैल गया। लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 4:40 बजे जैसे ही आजाद का शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारी लगातार समझाने का प्रयास करते रहे। आजाद वर्मा को रविवार शाम करीब पौने छह बजे उस वक्त बदमाशों ने गोली मार दी थी, जब वह ट्यूबवेल पर जा रहे थे। इलाज के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई। मृतक के पिता जमुना प्रसाद ने एसडीएम प्रभात सिंह को एक पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, जिसमें हत्यारोपियों के खिलाफ एनकाउंटर की कार्रवाई, दो करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। परिजनों का कहना था कि प्रशासन अक्सर आश्वासन देकर अंतिम संस्कार करा देता है, लेकिन बाद में मांगें पूरी नहीं होतीं, इसलिए इस बार पहले कार्रवाई और उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम प्रभात सिंह, सदर न्यायिक एसडीएम शिवप्रसाद, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह, तहसीलदार मयंक मिश्रा, नायब तहसीलदार रूबी यादव और क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात की। शाम करीब 6:15 बजे अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सोमवार सुबह मृतक के भाई बादल वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अशोक पाण्डेय, राजनारायण पाण्डेय, अनुराग, रूपम, सत्यम और सूरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों में सूरज पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय और रूपम पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गोसाईगंज थानाध्यक्ष अखंड देव मिश्रा के नेतृत्व में गोसाईगंज, मोतिगरपुर, अखंडनगर और जयसिंहपुर समेत करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस और तीन गाड़ियों से आए पीएसी के जवान गांव में तैनात रहे। मृतक के घर पूर्व विधायक अरुण वर्मा, अपना दल (एस) के विधि सचिव सत्यप्रकाश पटेल, जिलाध्यक्ष राकेश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी, बसपा मंडल कोऑर्डिनेटर उदयराज वर्मा, भाजपा नेता विकास वर्मा, कुलदीप यादव जनवादी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। आजाद वर्मा दो भाइयों में छोटा था, और उनके पिता जमुना प्रसाद खेती-किसानी करते हैं। बेटे की मौत से मां परम शिला का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई थी, और पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।
- सुलतानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के कारी बहार जसापारा गांव में रविवार शाम पुरानी रंजिश के चलते बाइक सवार हमलावरों ने आजाद वर्मा को गोली मार दी थी। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए आजाद की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद, परिजनों की तहरीर पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई और तत्परता दिखाते हुए मात्र बीस घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सूरज पांडे, सत्यम पांडे और रूपम पांडे शामिल हैं। अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायण सिंह ने बताया कि हत्याकांड में फरार चल रहे शेष आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- सुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कारी बहार गांव में अपराधियों ने आजाद वर्मा को गोली मार दी थी, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर जिले के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जांच शुरू कर दी। मृतक का शव घर पहुंचते ही पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया, वहीं इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार और क्षेत्रवासी प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि आरोपियों का या तो एनकाउंटर किया जाए या उन्हें पेश किया जाए। कुछ अन्य मांगों को लेकर भी बातचीत जारी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कारी बहार गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जनपद के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, और बताया गया है कि अन्य जनपद से कुर्मी जाति के एक दरोगा का भी आगमन हो चुका है।1
- सुलतानपुर पुलिस ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग (PWD) के गेस्ट हाउस कर्मी के साथ मारपीट और अभद्रता करने के आरोप में तीन दबंगों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए इन अभियुक्तों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो चार पहिया वाहन भी बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बीते दिनों PWD गेस्ट हाउस में हुई थी, जहाँ आरोपियों का वहाँ तैनात एक कर्मचारी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने कर्मचारी की बेरहमी से पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गए। पीड़ित कर्मचारी की तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। अब पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की है।1
- सुल्तानपुर के कोइरीपुर में सोमवार को राष्ट्रीय कुश्ती महादंगल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में खेल प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कासिम राइन के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में दूर-दराज़ से आए दर्शकों से पूरा दंगल स्थल खचाखच भरा रहा, और रोमांचक मुकाबलों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। महादंगल के मुख्य अतिथि अवनीश सिंह उर्फ गुड्डू रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और पारंपरिक खेलों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस राष्ट्रीय कुश्ती महादंगल में सहारनपुर, हरियाणा, पंजाब, पटियाला, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, गाजीपुर, लखनऊ, जौनपुर, राजस्थान, बिहार, भोपाल, सुल्तानपुर जैसे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ नेपाल से भी नामी पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेच और दमखम का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रमुख रूप से फकीर बाबा (कलियर शरीफ, सहारनपुर), रूबी थापा (नेपाल), भीम पहलवान (आगरा), बिल्ला पहलवान शेर-ए-पंजाब (पटियाला), शमशेर पहलवान (राजस्थान), उमा सिंह (जौनपुर), खुशी पाल (कानपुर), छोटा खली (वाराणसी), मनोहर पहलवान (गोरखपुर), अंगद पहलवान (सुल्तानपुर), ओकार पहलवान (हरियाणा) तथा चंद्राराम तिवारी (उन्नाव) सहित अनेक चर्चित पहलवानों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। नगर पंचायत के बड़े बाबू रामकृष्ण मिश्रा, सभी सभासदों और मनोनीत सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। नगर और आसपास के क्षेत्रों में इस महादंगल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र में पहली बार हुए इस स्तर का आयोजन बताया। लोगों ने उम्मीद जताई कि यह राष्ट्रीय कुश्ती महादंगल कोइरीपुर के खेल इतिहास में एक यादगार आयोजन के रूप में लंबे समय तक याद किया जाएगा।3
- अमेठी जनपद के पीपरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरी तिवारी का पुरवा ग्राम सभा खाझा में बंदरों का आतंक अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इन हिंसक बंदरों ने अब तक लगभग 15 लोगों को घायल कर दिया है। इस स्थिति से भयभीत ग्रामीणों ने अमेठी प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि एक टीम भेजकर इन बंदरों को पकड़ने का कार्य किया जाए, ताकि गांव में फैले इस डर के माहौल को समाप्त किया जा सके।1
- पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने मध्य प्रदेश के कटनी निवासी 85 वर्षीय दयाराम पटेल और उनके साथी श्री लालू पटेल के संघर्ष, श्रम और समर्पण को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। उन्होंने दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास अपनी जूते की छोटी दुकान के माध्यम से वर्षों से ईमानदारी और मेहनत के साथ लोगों की सेवा कर रहे इन दोनों कर्मयोगियों को नमन किया। प्रवीण प्रकाश ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि श्री लालू पटेल वाणी से दिव्यांग होने के बावजूद पूरी निष्ठा से अपना कार्य करते हैं, और उनके साथ दयाराम पटेल भी समान समर्पण भाव से जुड़े रहते हैं। उन्होंने इन दोनों साथियों की कड़ी मेहनत की सराहना की, जो जून की 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी हो या दिसंबर की 1 डिग्री सेल्सियस की कड़ाके की ठंड, हर दिन पूरे आत्मसम्मान और मुस्कान के साथ अपने काम में जुटे रहते हैं। प्रकाश ने कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि परिश्रम, ईमानदारी और सेवा-भाव ही सफलता और सम्मान का वास्तविक आधार हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी ने दयाराम पटेल और लालू पटेल को सच्चे अर्थों में कर्मयोगी बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, सादगी और निरंतर कर्म पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने समाज से ऐसे मेहनतकश लोगों के योगदान का सम्मान करने का आग्रह किया, क्योंकि यही लोग अपने कार्य और आचरण से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
- जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अथोली थाने में बुधवार को सेना और पुलिस के बीच एक गंभीर टकराव हुआ। इस घटना के बाद पुलिस ने 17 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन-अरुण गांधी और मेजर विकास शर्मा सहित 30 से 40 सैन्य जवानों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत तब हुई जब डिप्टी कमिश्नर के काफिले के रास्ते पर एडिशनल एसपी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले एक निजी वाहन को रोका। इस कार्रवाई से सेना के जवानों में नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में जवान हथियार और लोहे की रॉड लेकर थाने में घुस गए। उन्होंने एसएचओ की वर्दी फाड़ दी और एसडीपीओ समेत कई पुलिसकर्मियों पर हमला किया। सेना ने इस मामले पर कहा है कि घटना की जांच जारी है और वे कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं, और अब एक संयुक्त जांच का इंतज़ार है।1
- अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में सेंधमारी (चंदा चोरी) के एक मामले में बेहद चौंकाने वाला और बड़ा अपडेट सामने आया है। यह मामला, जो मंदिर परिसर के भीतर नोटों की गड्डियां मिलने से शुरू हुआ था, अब सीधे एक कर्मचारी के घर तक पहुंच गया है। इस घटना ने राम मंदिर ट्रस्ट के बयानों और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का खुलासा बीते 4 जून को हुआ, जब मंदिर परिसर में स्थित उस सुरक्षित कमरे के पास बने एक बाथरूम में अचानक नोटों की गड्डियां बरामद हुईं, जहाँ रोज चढ़ावे की रकम की गिनती की जाती है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी रकम पार करने की जल्दबाजी और हड़बड़ी में नोटों से भरा पैकेट वहीं गिरा भूल गया था। बाथरूम में इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया, जिसके चलते आनन-फानन में एक आंतरिक जांच शुरू की गई।1
- नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरुण्य सोसाइटी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 21वीं मंजिल के एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (AC) फटने के बाद अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया और आसपास के फ्लैटों में भी भारी धुआँ भर गया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँच गईं। अग्निशमन कर्मियों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सोसाइटी में इस घटना के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। फिलहाल, आग पर काबू पाने के लगातार प्रयास जारी हैं। राहत कार्य पूरा होने के बाद ही आग लगने के सटीक कारणों और हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा।1