श्रीराम चिकित्सालय के डा संजीव थापर पर गहरा आरोप मरीजों के ===========साथ करते हैं चीटिंग============99 ================================. अयोध्या,21 जुलाई। समाजसेवा के क्षेत्र सदैव अग्रणी भूमिका में रहने वाले भाकपा नेता एवं शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय द्वारा उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से की गई शिकायत की जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में उनके बयान से प्रारंभ की गई। श्री पाण्डेय ने गत जनवरी महीने में श्री राम नेत्रालय अयोध्या के नेत्र चिकित्सक डा संजीव थापर से मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था। श्री पाण्डेय ने उपमुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में आंख में विज़न की कमी तथा आंख के दाहिने कोने में कुछ अटके रहने की शिकायत किया था।इसकी जांच कराकर आख्या मांगी गई है।इसी क्रम में जिला चिकित्सा अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच का आदेश जारी किया है। शिकायत कर्ता सूर्य कांत पाण्डेय ने आज जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि आंख के आपरेशन में चिकित्सक द्वारा लापरवाही की उन्हें सजा दी जाए और उनकी आंख का उचित इलाज किया जाएं। शिकायत के अनुसार उक्त चिकित्सक अपने पैड पर दवाएं नहीं लिखते और दवाई खरीदने पर उसकी बिल भी नहीं देते जबकि उसी समस्या के लिए दिखाने पर बार- बार फीस लेते हैं। शिकायत में कहा गया है कि आपरेशन में लगभग पचास हजार रुपए खर्च हुए। छानबीन करने पर यहां दिखाने वाले एक मरीज ने कहा डा थापर ने मेरी आंख का इलाज वर्षों तक किया कई हजार रुपए फीस व दवा के नाम पर लेकर मेरा शोषण किया जब मैंने देखा दवा फायदा नहीं कर रही है तो लखनऊ जाकर दूसरे डा को दिखाया तब कहीं जाकर मेरी आंखें ठीक हुई ।यह डा नहीं लुटेरा है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
श्रीराम चिकित्सालय के डा संजीव थापर पर गहरा आरोप मरीजों के ===========साथ करते हैं चीटिंग============99 ================================. अयोध्या,21 जुलाई। समाजसेवा के क्षेत्र सदैव अग्रणी भूमिका में रहने वाले भाकपा नेता एवं शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय द्वारा उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से की गई शिकायत की जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में उनके बयान से प्रारंभ की गई। श्री पाण्डेय ने गत जनवरी महीने में श्री राम नेत्रालय अयोध्या के नेत्र चिकित्सक डा संजीव थापर से मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था। श्री पाण्डेय ने उपमुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में आंख में विज़न की कमी तथा आंख के दाहिने कोने में कुछ अटके रहने की शिकायत किया था।इसकी जांच कराकर आख्या मांगी गई है।इसी क्रम में जिला चिकित्सा अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच का आदेश जारी किया है। शिकायत कर्ता सूर्य कांत पाण्डेय ने आज जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि आंख के आपरेशन में चिकित्सक द्वारा लापरवाही की उन्हें सजा दी जाए और उनकी आंख का उचित इलाज किया जाएं। शिकायत के अनुसार उक्त चिकित्सक अपने पैड पर दवाएं नहीं लिखते और दवाई खरीदने पर उसकी बिल भी नहीं देते जबकि उसी समस्या के लिए दिखाने पर बार- बार फीस लेते हैं। शिकायत में कहा गया है कि आपरेशन में लगभग पचास हजार रुपए खर्च हुए। छानबीन करने पर यहां दिखाने वाले एक मरीज ने कहा डा थापर ने मेरी आंख का इलाज वर्षों तक किया कई हजार रुपए फीस व दवा के नाम पर लेकर मेरा शोषण किया जब मैंने देखा दवा फायदा नहीं कर रही है तो लखनऊ जाकर दूसरे डा को दिखाया तब कहीं जाकर मेरी आंखें ठीक हुई ।यह डा नहीं लुटेरा है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- सावन माह मे आने वाले कावड़ियों की सुरक्षा को लेकर दिया ज्ञापन!!! आज राष्ट्रीय हिंदू परिषद (भारत) की तरफ से *आगरा के जिलाधिकारी महोदय* को दिया गया *ज्ञापन* है - जिसमे सावन मेला को लेकर प्रमुख मांगें की गई है.. 1. *सफाई व्यवस्था* - सभी महादेव मंदिरों और परिक्रमा मार्ग की साफ-सफाई 2. *सड़क* - परिक्रमा मार्ग गड्ढा मुक्त होना चाहिए 3. *लाइट* - सभी महादेव मंदिरों पर पर्याप्त लाइटिंग 4. *स्वास्थ्य* - कांवड़ मार्ग पर हर 5 किलोमीटर पर एक डॉक्टर की व्यवस्था 5. *सुरक्षा* - हर 5 किलोमीटर पर महिला और पुरुष पुलिस की तैनाती 6. *मार्ग व्यवस्था* - पूरे मार्ग की साफ-सफाई 7. *बंदी* - कांवड़ मार्ग में शराब की दुकानें ढकी हों और मांस-अंडे की दुकानें बंद हों *महत्वपूर्ण बात:* ज्ञापन में लिखा है कि सावन में लाखों कांवड़िये और श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुविधा और आस्था का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।1
- अरनोटा तिराहे पर पीडब्लूडी का रास्ता है और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से जिस रास्ते से हजारों लोगो का रोजाना आवागवन होता है और बरसात के समय वहाँ पानी भर जाता है यहाँ की प्रॉब्लम किसी को नहीं दिख रही नेताओं का क्या ही कहना है ज़ब जनता को ही दिक्कत नहीं है तो बेसे किसी जगह पर अधिक गंदगी का होना लोगो के लिए घातक होता है क्यों गंदगी बीमारी पैदा करती है हमारा मकसद हर गांव हर तिराहा विकास का हो1
- राजाखेड़ा थाना परिसर में सीएलजी बैठक आयोजित महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा, अधिकारों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना परिसर में शुक्रवार को सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीओ मनिया खलील अहमद, प्रोविजनल आरपीएस सुखराम विश्नोई एवं थानाधिकारी वीर सिंह ने की। बैठक के दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, साइबर ठगी या अन्य अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके अलावा बैठक में नशे के दुष्परिणामों, बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों का पालन तथा आगामी त्यौहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रति भी आमजन को जागरूक किया गया। बैठक में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के साथ सुना गया और उन्हें निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। राजाखेड़ा थाना परिसर में सीएलजी बैठक आयोजित महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा, अधिकारों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना परिसर में शुक्रवार को सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीओ मनिया खलील अहमद, प्रोविजनल आरपीएस सुखराम विश्नोई एवं थानाधिकारी वीर सिंह ने की। बैठक के दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, साइबर ठगी या अन्य अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके अलावा बैठक में नशे के दुष्परिणामों, बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों का पालन तथा आगामी त्यौहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रति भी आमजन को जागरूक किया गया। बैठक में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के साथ सुना गया और उन्हें निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया।1
- ब्रेकिंग न्यूज आगरा जगनेर दहेज के लिए सास ससुर और पति ने की मारपीट निशा 22वर्ष थाना बसई जगनेर निवाशी इनकी शादी 1/5/2023 को मालोंनी पमार थाना कोलारी धौलपुर राजस्थान में हुई थी इनका पति बंटू पुत्र विजय सिंह शराब पीकर मारपीट करता है और साथ में सास ससुर भी शामिल है उसे रोज दहेज के प्रताड़ित करते निशा ने बताया। प्लॉट ओर भेष भी बेच दी ओर मुझे बोलते है अपने माता पिता से पैसे लेकर आओ तभी यहां रखेंगे तुम्हे महिला ने कोर्ट की शरद ली कोर्ट के दुवारा 16 लोगो के ख़िलाफ़ ओर साथ में सास ससुर देहेज अधिनियम के तहत मुकदमा पंचीकृत हुआ है वीडियो के माध्यम से अपनी बात मीडिया को बताई आरोपी,,,,अजय पुत्र केदार, आकाश पुत्र दिनेश, राम बरन पुत्र होरि लाल, शांति पत्नी केदार पुत्र निरोती निवाशी मालोंनी पमार थाना कोलारी जिला धोलपुर . पीड़िता निशा मोबाइल 98706295261
- फतेहाबाद के छतरियापुरा में घर में निकला काला सांप, वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू फतेहाबाद। आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के ग्राम छतरियापुरा में शुक्रवार को एक मकान में काला सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सांप को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसके बाद सांप मकान के अंदर छिप गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी केशव के घर में अचानक काला सांप दिखाई दिया। परिवार ने बिना देरी किए इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। वन विभाग के कर्मचारी भूरी सिंह ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने सांप को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्राधिकारी विशाल सिंह राठौर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया था। प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास कहीं भी सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और क्षेत्र के लोगों ने विभाग की कार्यशैली की सराहना की।1