राजस्थान के अलवर स्थित राजकीय कला महाविद्यालय में पिछले दिनों हुए पेपर लीक और सामूहिक नकल के मामले को लेकर 'शिक्षा बचाओ आंदोलन' ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आंदोलन की ओर से प्रोफेसर रमेश बैरवा ने होटल स्वरूप विलास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर परीक्षा में हुई इस भारी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने मामले के मुख्य दोषियों, जिनमें प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य, परीक्षा समिति और अन्य शिक्षक शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। शिक्षा बचाओ आंदोलन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, उच्च शिक्षा सचिव और कॉलेज शिक्षा आयुक्त को एक ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में दोषी प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य और परीक्षा समिति के सदस्यों को तुरंत निलंबित करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। आंदोलन ने राज्य के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने, सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करने और नियमित कक्षाएं संचालित करने की भी वकालत की है ताकि छात्र नकल के लालच में न आएं। आंदोलन के अनुसार, राज ऋषि भर्तृहरी मत्स्य विश्वविद्यालय की मिड टर्म सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान मोबाइल के जरिए सामूहिक नकल कराने और गोपनीयता भंग करने का यह गंभीर मामला सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आया है। सेमेस्टर परीक्षा में मिड टर्म के अंक बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इसमें कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा शामिल होता है। प्रोफेसर बैरवा ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए खुद दोषी केंद्राधीक्षक डॉ. अशोक आर्य ने एक आंतरिक जांच समिति बनाई, जिसमें सह-आरोपी परीक्षा समिति के संयोजक डॉ. सुरेन्द्र वेदवान, सदस्य डॉ. महेंद्र प्रताप बाँयला और डॉ. राजकुमार गोयल को ही शामिल कर लिया गया। इतना ही नहीं, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा गठित जांच दल पर भी मामले की लीपापोती करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया कि जांच दल 8 जुलाई को दोपहर बाद करीब 3 बजे कॉलेज पहुंचा, जब अधिकांश छात्र और शिक्षक जा चुके थे, और वहां जांच करने के बजाय दोषी प्राचार्य व शिक्षकों के साथ ड्राई फ्रूट और काजू कतली का नाश्ता कर एकतरफा औपचारिकता पूरी करके लौट गया। अंत में, अलवर में सोनम वांगचुक के समर्थन के साथ इस आंदोलन ने उच्च शिक्षा की गरिमा और छात्रों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
राजस्थान के अलवर स्थित राजकीय कला महाविद्यालय में पिछले दिनों हुए पेपर लीक और सामूहिक नकल के मामले को लेकर 'शिक्षा बचाओ आंदोलन' ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आंदोलन की ओर से प्रोफेसर रमेश बैरवा ने होटल स्वरूप विलास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर परीक्षा में हुई इस भारी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने मामले के मुख्य दोषियों, जिनमें प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य, परीक्षा समिति और अन्य शिक्षक शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। शिक्षा बचाओ आंदोलन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, उच्च शिक्षा सचिव और कॉलेज शिक्षा आयुक्त को एक ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में दोषी प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य और परीक्षा समिति के सदस्यों को तुरंत निलंबित करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। आंदोलन ने राज्य के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने, सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करने और नियमित कक्षाएं संचालित करने की भी वकालत की है ताकि छात्र नकल के लालच में न आएं। आंदोलन के अनुसार, राज ऋषि भर्तृहरी मत्स्य विश्वविद्यालय की मिड टर्म सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान मोबाइल के जरिए सामूहिक नकल कराने और गोपनीयता भंग करने का यह गंभीर मामला सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आया है। सेमेस्टर परीक्षा में मिड टर्म के अंक बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इसमें कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा शामिल होता है। प्रोफेसर बैरवा ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए खुद दोषी केंद्राधीक्षक डॉ. अशोक आर्य ने एक आंतरिक जांच समिति बनाई, जिसमें सह-आरोपी परीक्षा समिति के संयोजक डॉ. सुरेन्द्र वेदवान, सदस्य डॉ. महेंद्र प्रताप बाँयला और डॉ. राजकुमार गोयल को ही शामिल कर लिया गया। इतना ही नहीं, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा गठित जांच दल पर भी मामले की लीपापोती करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया कि जांच दल 8 जुलाई को दोपहर बाद करीब 3 बजे कॉलेज पहुंचा, जब अधिकांश छात्र और शिक्षक जा चुके थे, और वहां जांच करने के बजाय दोषी प्राचार्य व शिक्षकों के साथ ड्राई फ्रूट और काजू कतली का नाश्ता कर एकतरफा औपचारिकता पूरी करके लौट गया। अंत में, अलवर में सोनम वांगचुक के समर्थन के साथ इस आंदोलन ने उच्च शिक्षा की गरिमा और छात्रों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
- पिछले एक महीने से चल रहे सीपी प्रोटेस्ट (CJP Protest) में आज लाखों युवाओं ने शिरकत कर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बना दिया है। युवाओं ने संसद मार्च कर सीधे सरकार के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे सर्वोपरि है। युवाओं के इस विशाल संसद मार्च को देखकर मोदी सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। भले ही सरकार ने इस प्रोटेस्ट को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया, लेकिन युवा डटे रहे और लगातार आगे बढ़ते गए। इस ऐतिहासिक आंदोलन के जरिए युवाओं ने साफ संदेश दे दिया है कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है' और अब मोदी सरकार के हाथ-पांव फूल रहे हैं।1
- अलवर के एम.आई.ए. (M.I.A.) स्थित कपूर इंजीनियरिंग वर्क्स में वेल्डर और टर्नर के पदों पर भर्ती के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है। यहाँ कुल 2 वेल्डर और 2 टर्नर के पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। यदि आपके पास संबंधित कार्य का अनुभव है या आप इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक हैं, तो आप इस मौके का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए सीधे संपर्क नंबर 9414846109 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, पुलिस स्टेशन के पास, जी1-491, एम.आई.ए., अलवर स्थित कंपनी के पते पर भी संपर्क किया जा सकता है। रोजगार और मजदूरों से जुड़ी यह महत्वपूर्ण जानकारी 'पब्लिक पावर – द वॉयस ऑफ लेबर' द्वारा साझा की गई है।1
- राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने किशनगढ़ बास स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय मेवात बालिका आवासीय विद्यालय का आकस्मिक और विस्तृत निरीक्षण किया। जयपुर स्थित राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशासनिक निर्देशों के तहत सोमवार को किए गए इस निरीक्षण के दौरान सचिव ने छात्राओं को मिल रही सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन और शैक्षणिक माहौल का जायजा लिया। इस दौरान आवासीय विद्यालय में कुल नामांकित 45 छात्राओं में से केवल 32 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जब विद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में छात्र प्रवेश, छात्र-स्टाफ उपस्थिति सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की गई, तो वहां अनियमितताएं मिलीं। इस पर सचिव अजीत कुड़ी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्था प्रधान अनीता यादव को सभी आधिकारिक रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट और संधारित रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं की डॉर्मिटरी का भी अवलोकन किया और वहां साफ-सफाई, प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सचिव ने विद्यालय के रसोईघर का भी निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, सामग्री भंडारण और बर्तनों की सफाई का जायजा लिया। उन्होंने रसोई स्टाफ को छात्राओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए केवल गुणवत्तापूर्ण सामग्री और मसालों का उपयोग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में सचिव अजीत कुड़ी ने दोटूक कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में कमी पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कनिष्ठ सहायक पुनीत शर्मा, पीएलवी सूरजभान कछवाहा और विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।2
- राजस्थान के कोटपूतली में जिला कांग्रेस कमेटी कोटपूतली-बहरोड़ की नव गठित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर ने की। बैठक में जिला प्रभारी राजपाल शर्मा और सह प्रभारी सरलेश राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, मुंडावर विधायक ललित यादव, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, पूर्व विधायक रामचंद्र रावत, महिपाल यादव, बहरोड़ से कांग्रेस प्रत्याशी संजय यादव, पूर्व प्रत्याशी डॉ. आरसी यादव और पूर्व चेयरमैन उर्मिला योगी सहित कांग्रेस संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी नेताओं ने एकजुट होकर पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत करने और आमजन की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए पूरी सक्रियता से काम करने का आह्वान किया।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में शिक्षा विभाग की स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने ताला लगाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय के शिक्षकों को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। पीपलवास के इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहली से बारहवीं कक्षा तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के बाद इस वर्ष यहां से तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो चुका है। इसके अलावा, एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही खाली चल रहा था। स्कूल में हिंदी, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के पद रिक्त होने से कुल सात पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों का शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विद्यालय में शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है और खाली पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।4
- राजस्थान के अलवर में कभी अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए धरने पर बैठने वाले मजदूर आज बेहद बुरे हाल में हैं। जब एक मां की नौकरी छिनती है, तो सिर्फ एक कर्मचारी बेरोजगार नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें डगमगा जाती हैं। कई महिलाओं का आरोप है कि उन्हें दूसरे प्लांट में भेजने की बात कहकर काम से दूर कर दिया गया। अब पिछले दो महीने से इन परिवारों के घरों में आय का जरिया पूरी तरह बंद हो चुका है। इसके कारण बच्चों की स्कूल फीस, रसोई का खर्च और रोजमर्रा की दवाइयों की चिंता हर बीतते दिन के साथ बढ़ती जा रही है।1
- राजस्थान में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और घटना की आधिकारिक जांच या पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।1