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लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार देर रात को शुरू हुआ, जो लगभग 7 घंटे तक चला। यह प्रक्रिया रात भर जारी रही ताकि मृतकों की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
KNINews
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार देर रात को शुरू हुआ, जो लगभग 7 घंटे तक चला। यह प्रक्रिया रात भर जारी रही ताकि मृतकों की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
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- मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए एक आवश्यक अपील की गई है, जिसमें कहा गया है कि किसी का एक छोटा सा प्रयास एक परिवार की खुशियों को वापस ला सकता है। इस अपील में गरीब मरीजों के इलाज और ऑपरेशन के खर्चों में आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि एक छोटा सा दान किसी की जान बचा सकता है। यह भी सूचित किया गया है कि डोनेशन या मरीज के सत्यापन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए सीधे टीम से संपर्क किया जाए।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरावखेड़ा (जेहटा) में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित परिवार दबंगों के जानलेवा हमलों, छेड़छाड़ और लूटपाट से तंग आकर अपना घर-द्वार छोड़ने पर मजबूर हो गया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस, विशेषकर जेहटा चौकी पर, आरोपियों को खुला संरक्षण देने और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने का संगीन आरोप लगाया है। यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। पीड़ित अशोक कुमार (निवासी उमरावखेड़ा, जेहटा) ने बताया कि बीते 30 मई 2026 की रात करीब 09:58 बजे पड़ोसी आरोपी काशी ने बाहर से एक टेंपो में अज्ञात गुंडों को बुलाया। इन बदमाशों ने उनके घर में घुसकर तांडव मचाया, पत्नी के साथ छेड़छाड़ व लूटपाट की, और पूरे परिवार को लाठी-डंडों व सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे सभी को गंभीर चोटें आईं। यह पूरी वारदात घर के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। पीड़ित का आरोप है कि इस घटना के बाद उन्हें पूरी रात दुबग्गा थाने में बैठना पड़ा, तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन आज तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार 5 जून 2026 को एसीपी महोदय के समक्ष पेश हुआ। एसीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जेहटा चौकी इंचार्ज को फोन कर फटकार लगाई और गिरफ्तारी न होने का कारण पूछते हुए मुकदमे में उचित धाराएं बढ़ाकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। हालाँकि, आरोप है कि जेहटा चौकी इंचार्ज ने एसीपी के आदेश को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया और कोई कदम नहीं उठाया। पीड़ित अशोक कुमार ने जेहटा चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पूर्व की कई घटनाओं का भी ब्योरा दिया। इनमें 5 जुलाई 2025 को आरोपी राजेश, धीरज और पप्पू द्वारा लाठी-डंडों व सरियों से जानलेवा हमला शामिल है, जिसमें ग्रामीणों के बीच-बचाव से जान बची थी, लेकिन पुलिस ने मामूली धाराओं (BNS 126/135) में मामला रफा-दफा कर दिया था। 6 दिसंबर 2025 को आरोपी धीरज ने पीड़ित के बेटे को इतना पीटा कि उसकी उंगली टूट गई, जिस पर पुलिस ने सिर्फ एक मामूली NCR दर्ज की। 14 अप्रैल 2026 को आरोपी धीरज ने शाम को पीड़ित के घर की तरफ बारूद जैसी ज्वलनशील वस्तु फेंकी, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को जब धीरज की पत्नी द्वारा पीड़ित के बेटे को पीटने की शिकायत लेकर परिवार जेहटा चौकी पहुंचा, तो आरोपी काशी ने चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश के सामने ही पीड़ित परिवार को 'बोटी-बोटी काटने' की धमकी दी, जिस पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों को दिए पत्र में स्पष्ट कहा है कि वे अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार नामजद आरोपियों (काशी, राजेश, धीरज, पप्पू, पूर्णिमा, शांति) के साथ-साथ जेहटा चौकी इंचार्ज और संबंधित दरोगा भी होंगे। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच जेहटा चौकी पुलिस से हटाकर किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और दबंगों व उनके अज्ञात गुंडों को गिरफ्तार कर परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।3
- लखनऊ में एक 16 वर्षीय नाबालिग ने देर रात सोते समय अपने बड़े भाई, भाभी और 3 साल के मासूम भतीजे की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना ने सबको चौंका दिया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह और अपने इरादों को लेकर कई चौंकाने वाले बयान दिए हैं। उसने बताया कि वह पढ़ने में बहुत तेज था और उसका सपना IAS अफसर बनने का था, लेकिन उसके घर वालों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी थी। आरोपी ने आरोप लगाया कि उस पर मजदूरी करने का दबाव बनाया जाता था, उसे रोज जलील किया जाता था, भरपेट खाना तक नहीं दिया जाता था और उसे अपने ही घर में सोने के लिए भी जगह नहीं मिलती थी। पूछताछ के दौरान, नाबालिग ने यह भी खुलासा किया कि वह अपने पिता को भी तड़पा-तड़पा कर मारना चाहता था।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक दो मंजिला इमारत में आग लगने की घटना सामने आई है।1