जाखल मंडी में कूड़े के पहाड़: रिहायशी इलाकों में डंपिंग से लोग बेहाल, प्रशासन मौन” जाखल मंडी में रिहायशी क्षेत्रों के बीच हो रही कूड़ा डंपिंग ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर अब “कूड़े के पहाड़” का रूप लेते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जहां कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके आसपास स्कूल, घर और आमजन का आना-जाना लगा रहता है। कूड़े से उठती दुर्गंध और फैलती गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब सूखा कूड़ा हवा के साथ उड़कर हर गली, हर चौराहे और हर नुक्कड़ पर फैल जाता है। प्लास्टिक की पन्नियां खुलेआम इधर-उधर बिखरी दिखाई देती हैं। कई बार ये पन्नियां चलते वाहनों के सामने आकर दुर्घटना का कारण बनने का खतरा पैदा कर देती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल गंदगी का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य बंसल ने इस संबंध में जिला प्रशासन तथा माननीय मुख्यमंत्री जी श्री Nayab Singh Saini को ईमेल के माध्यम से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 👉 मांगें: **रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। **कूड़े के लिए निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान तय किया जाए। **जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
जाखल मंडी में कूड़े के पहाड़: रिहायशी इलाकों में डंपिंग से लोग बेहाल, प्रशासन मौन” जाखल मंडी में रिहायशी क्षेत्रों के बीच हो रही कूड़ा डंपिंग ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर अब “कूड़े के पहाड़” का रूप लेते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जहां कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके आसपास स्कूल, घर और आमजन का आना-जाना लगा रहता है। कूड़े से उठती दुर्गंध और फैलती गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब सूखा कूड़ा हवा के साथ उड़कर हर गली, हर चौराहे और हर नुक्कड़ पर फैल जाता है। प्लास्टिक की पन्नियां खुलेआम इधर-उधर बिखरी दिखाई देती हैं। कई बार ये पन्नियां चलते वाहनों के सामने आकर दुर्घटना का कारण बनने का खतरा पैदा कर देती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल गंदगी का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य बंसल ने इस संबंध में जिला प्रशासन तथा माननीय मुख्यमंत्री जी श्री Nayab Singh Saini को ईमेल के माध्यम से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 👉 मांगें: **रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। **कूड़े के लिए निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान तय किया जाए। **जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
- ਐਫਸੀਆਈ ਦਾ ਕਾਲਾ ਸੱਚ ਤੇ ਅਗਨੀਵੀਰ ਲਿਆਉਣ ਵਿੱਚ ਅਸਲੀ ਮਕਸਦ ਕੀ ਸੀ ਪੂਰਾ ਸੁਣੋ1
- Post by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ4
- पातड़ां की मुख्य सड़क पर स्थित एक मोबाइल दुकान को चोरों ने देर रात निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसे और वहां रखे मोबाइल फोन, एक्सेसरी तथा नगदी लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 1 बजे की है। चोरों ने सुनसान समय का फायदा उठाते हुए दुकान का शटर तोड़ा और कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।1
- Post by ༒♛𝔖𝔥𝔦𝔣𝔞𝔩𝔦 ♛༒꧂1
- ਵਿਜੇ ਇੰਦਰ ਸਿੰਗਲਾ ਨੇ ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕੀਤੀ ਸੰਬੋਧਨ1
- ਮਾਨਯੋਗ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਦਾਰ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਪੱਖਪਾਤ ਬਿਨਾਂ ਸਿਫਾਰਸ ਤੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਨੌਕਰੀਆਂ ਤਹਿਤ ਹਲਕੇ ਮਹਿਲ ਕਲਾ ਵਿਖੇ ਬੱਚੀ ਹਰਮਨਦੀਪ ਕੌਰ ਵਜੀਦਪੁਰ ਬਦੇਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਡੈਅਰੀ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਬਤੌਰ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਦੀ ਨੌਕਰੀ ਲੱਗਣ ਤੇ ਹਲਕਾ ਮਹਿਲ ਕਲਾ ਤੋਂ ਵਿਧਾਇਕ ਕੁਲਵੰਤ ਪੰਡੋਰੀ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾ ਤੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸਨਮਾਨ1
- Post by Bandhantor singh2
- जाखल मंडी में रिहायशी क्षेत्रों के बीच हो रही कूड़ा डंपिंग ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर अब “कूड़े के पहाड़” का रूप लेते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जहां कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके आसपास स्कूल, घर और आमजन का आना-जाना लगा रहता है। कूड़े से उठती दुर्गंध और फैलती गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब सूखा कूड़ा हवा के साथ उड़कर हर गली, हर चौराहे और हर नुक्कड़ पर फैल जाता है। प्लास्टिक की पन्नियां खुलेआम इधर-उधर बिखरी दिखाई देती हैं। कई बार ये पन्नियां चलते वाहनों के सामने आकर दुर्घटना का कारण बनने का खतरा पैदा कर देती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल गंदगी का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य बंसल ने इस संबंध में जिला प्रशासन तथा माननीय मुख्यमंत्री जी श्री Nayab Singh Saini को ईमेल के माध्यम से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 👉 मांगें: **रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। **कूड़े के लिए निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान तय किया जाए। **जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।1