Shuru
Apke Nagar Ki App…
चित्रकूट में प्रधान न्यायाधीश ने साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। उन्होंने लोगों को प्रदूषण कम करने और प्रकृति बचाने के लिए प्रेरित किया।
Chitrakootnewslive
चित्रकूट में प्रधान न्यायाधीश ने साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। उन्होंने लोगों को प्रदूषण कम करने और प्रकृति बचाने के लिए प्रेरित किया।
More news from Chitrakoot and nearby areas
- चित्रकूट के करवी में 2 साल की शादीशुदा महिला पिंकी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह 8 महीने के बच्चे की मां थी, जिससे पूरा मामला और भी उलझ गया है। पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।2
- सतना के वार्ड क्रमांक 4 में कई दिनों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। स्मार्ट सिटी के नाम पर वार्डवासी मटमैला पीला पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।1
- रीवा के चोरहटा गाँव में चिता की चिंगारी से एक बगीचे में भीषण आग भड़क गई, जिससे आसपास दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के दमकल विभाग को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। समय रहते उद्योग विभाग की दमकल टीम ने आग पर काबू पाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया।1
- Post by Pintu Dubey1
- उत्तर प्रदेश भीषण बिजली कटौती से जूझ रहा है, जहां गांवों से लेकर शहरों तक लोग अंधेरे और गर्मी से परेशान हैं। ऐसे में राज्य के ऊर्जा मंत्री का मंच पर डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जनता अब सवाल उठा रही है कि संकट के समय जिम्मेदार आखिर किस दुनिया में व्यस्त हैं।1
- रीवा के चंदई के पास हाईवे पर सरिया से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और बड़ा जान-माल का नुकसान टल गया।1
- चित्रकूट के एक नगरपालिका कर्मी AI ब्लैकमेल के बाद लापता हो गए हैं। एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उनके बारे में कोई सुराग नहीं जुटा पाई है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।2
- रीवा जिले के गुढ़ नेशनल हाईवे 39 पर बीती रात गौतम ढाबा के पास खड़ी दो ट्रकों से डीजल चोरी कर लिया गया। इस घटना से वाहन चालकों में भय और नाराजगी है, क्योंकि ऐसी वारदातें लगातार हो रही हैं। स्थानीय लोगों और ड्राइवरों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में शराब सिंडिकेट खुलेआम महंगे दामों पर शराब बेच रहा है। ठेकेदारों का दावा है कि वे आबकारी अधिकारियों को कमीशन देते हैं, जिससे कोई कार्रवाई नहीं होती। शहर की किसी भी दुकान में रेट लिस्ट भी नहीं लगी है।1