भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा, करौली के नए जिला कार्यालय का उद्घाटन आज धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम SC मोर्चा जिलाध्यक्ष संपत लाल कोली की अगुवाई में संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला अध्यक्ष ने फीता काटकर कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया और कहा कि यह नया कार्यालय SC समाज की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर दिया कि इस कार्यालय के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक मुहिम चलाई जाएगी। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस कार्यालय को केवल बैठक स्थल के बजाय गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए एक सेवा केंद्र बनाया जाए। समारोह में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस कार्यालय से पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाना अब और आसान होगा। इस उद्घाटन समारोह में SC मोर्चा जिलाध्यक्ष संपत लाल कोली के साथ-साथ महु मंडल महामंत्री लाड सिंह सोलंकी, चंद्रप्रकाश राजन, कैप्टन कुमेर सिंह, हाकिम सिंह, कार्यालय प्रभारी शिवकुमार और अमित पंजाबी समेत अन्य मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण के साथ हुआ।
भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा, करौली के नए जिला कार्यालय का उद्घाटन आज धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम SC मोर्चा जिलाध्यक्ष संपत लाल कोली की अगुवाई में संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला अध्यक्ष ने फीता काटकर कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया और कहा कि यह नया कार्यालय SC समाज की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर दिया कि इस कार्यालय के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक मुहिम चलाई जाएगी। साथ ही,
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस कार्यालय को केवल बैठक स्थल के बजाय गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए एक सेवा केंद्र बनाया जाए। समारोह में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस कार्यालय से पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाना अब और आसान होगा। इस उद्घाटन समारोह में SC मोर्चा जिलाध्यक्ष संपत लाल कोली के साथ-साथ महु मंडल महामंत्री लाड सिंह सोलंकी, चंद्रप्रकाश राजन, कैप्टन कुमेर सिंह, हाकिम सिंह, कार्यालय प्रभारी शिवकुमार और अमित पंजाबी समेत अन्य मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण के साथ हुआ।
- करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।1
- टोडाभीम के रंग लाल का पुरा के पास सड़क किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान हो गई है। सोमवार सुबह रंग लाल का पुरा के पास एक अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था, जिसकी पहचान सोमवार शाम 5:00 बजे करीरी निवासी गोलू मीणा के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्राथमिक की पेश की है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है और उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।1
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- धौलपुर जिले में, सरमथुरा के पास स्थित आँगई गांव के समीप एक सड़क हादसा हुआ है।1
- गंगापुर सिटी में खंडेलवाल युवा परिषद द्वारा 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।1
- करौली जिले में कुट्टिन का बालाजी से दानालपुर तक हाल ही में निर्मित डाबर सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बारिश के मौसम से पहले ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे इसमें गड्ढे बनने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क अभी से उखड़ने लगी है, तो बारिश के दिनों में सड़क से गिट्टियां पूरी तरह से गायब हो जाएंगी। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इस सड़क की गुणवत्ता की शीघ्र जांच करने और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मीना ने भी इस मामले में त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।1
- मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।1