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देश के अविराम और निरंतर विकास को आगे बढ़ाने, सुरक्षा सुनिश्चित करने, आतंकवादियों का मुकाबला करने तथा देशविरोधी और देशद्रोहियों पर अंकुश लगाने के लिए बीजेपी का चयन करने का आह्वान किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि इन महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति हेतु वे बीजेपी को चुनें।
दौलत राम शर्मा शास्त्री
देश के अविराम और निरंतर विकास को आगे बढ़ाने, सुरक्षा सुनिश्चित करने, आतंकवादियों का मुकाबला करने तथा देशविरोधी और देशद्रोहियों पर अंकुश लगाने के लिए बीजेपी का चयन करने का आह्वान किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि इन महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति हेतु वे बीजेपी को चुनें।
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- एक वायरल वीडियो में एक इंटरसेप्टर पुलिस अधिकारी द्वारा एक ड्राइवर से कथित रूप से अपमानजनक भाषा में बात करने का मामला सामने आया है। घटना के अनुसार, यदि वाहन की गति निर्धारित सीमा से अधिक थी, तो नियमानुसार चालान किया जा सकता था। हालांकि, किसी भी चालक से अभद्र भाषा में बात करना या धमकी भरे अंदाज में संवाद करना न तो कानून की भावना के अनुरूप माना गया है और न ही एक जिम्मेदार अधिकारी की गरिमा के। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वर्दी किसी को किसी नागरिक का अपमान करने का अधिकार देती है। जनता का मानना है कि ड्राइवर भी इस देश के नागरिक हैं, जो दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और परिवहन व्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह स्वीकार किया गया है कि कानून का पालन करवाना आवश्यक है, लेकिन नागरिकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही ज़रूरी है। अगर ड्राइवर की गलती थी तो सिर्फ चालान बनना चाहिए था, न कि अपमानजनक शब्दों का प्रयोग। प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और सभी पक्षों की बात सामने लाने की मांग की जा रही है।1
- एक कवि ने अपनी रचना के माध्यम से भारत की भ्रष्ट राजनीति को लक्ष्य बनाकर उस पर करारा व्यंग्य किया है। इस व्यंग्य को 'सुनने लायक' बताया गया है, जिसके जरिए कवि ने जनता को वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के प्रति सचेत करने का प्रयास किया है। इस प्रभावशाली और महत्वपूर्ण रचना के लिए कवि की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया गया है।1
- आमेर निवासी हमारे भाई सुनील जी सैनी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- जयपुर जिले के हरचंदपुरा-कंवरपुरा कंवरपुर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ राकेश जाट नामक व्यक्ति का शव मिट्टी में दबा हुआ मिला है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची है, जिसने घटना स्थल की जांच शुरू कर दी है।1
- दौसा जिले के सैंथल पुलिस थाने पर रविवार को 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के आह्वान पर 'फिट राजस्थान' अभियान के तहत किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को स्वस्थ रहने, फिट रहने, पर्यावरण बचाने और सड़क सुरक्षा अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के नेतृत्व में हुई इस साइकिल रैली का उद्देश्य स्वस्थ शरीर, पर्यावरण संरक्षण और यातायात नियमों के पालन के प्रति जन-जन तक जागरूकता फैलाना था। इस रैली में सैंथल गांव के सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर, सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और कई बीमारियाँ दूर रहती हैं। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम योग करने, घूमने और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की भी सलाह दी। इसके अतिरिक्त, चौधरी ने सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस कार्यक्रम में थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के साथ एएसआई शिवदास शर्मा, एएसआई बनवारी लाल और कांस्टेबल कमलेश शर्मा सहित कई ग्रामीण जैसे अशोक शर्मा, संजय सैनी, महेश सैनी, विनोद बयाडवाल, सोनू जांगिड़ और ख्याली गुर्जर उपस्थित रहे।3
- दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा आरपीएस और संचित निरीक्षक, रिजर्व पुलिस लाइन, दौसा के नेतृत्व में आज दिनांक 07.06.2026 को सुबह 06:30 बजे से 07:30 बजे तक 'संडे ऑन साईकिल' अभियान का जिलेभर के थाना क्षेत्रों सहित जिला मुख्यालय पर सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर में पुलिस अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों द्वारा किए गए योगाभ्यास से हुई, जहाँ स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया। इसके बाद आयोजित साईकिल रैली के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य, दूषित वातावरण व पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस जन-जागरूकता अभियान में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फिट एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। दौसा पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर के थाना क्षेत्रों में आमजन की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे यह सफल और प्रभावी बना। दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने साईकिल रैली, योगाभ्यास और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से फिट व सुरक्षित रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य के लिए, दूषित वातावरण से पर्यावरण को बचाने के लिए, और सड़क सुरक्षा के लिए साईकिल अपनाने का आह्वान किया।4
- आज जयपुर की सड़कों पर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जहाँ एक पिकअप वाहन में एक ऊंट बैठा हुआ था और उसके ऊपर एक गाड़ी रखी गई थी। यह परिवहन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। हालांकि, आम आदमी अक्सर कुछ पैसे बचाने के उद्देश्य से इस तरह का जोखिम उठाता है। सामान्यतः, ऊंट गाड़ियों को रेत में या सड़क पर चलते हुए देखा जाता है, लेकिन इस बार का दृश्य बिल्कुल अलग था।1
- भारत में राजनीति को भ्रष्टाचार की जननी बताया गया है। पोस्ट के अनुसार, यह भ्रष्टाचार 'कुराजनीती' के आँचल में पनपा है और आज तक देश में यही 'कुराजनीती' इसे समाप्त नहीं होने देती। कई नेता भ्रष्टाचार और घोटालों के लिए कुख्यात हैं, जिनमें कंजरलाल, चारा चोर, टोटीचोर और गाँधी परिवार शामिल हैं।1
- दिल्ली में कमर्शियल वाहन चालकों के साथ कथित तौर पर पैसे की मांग और अनावश्यक परेशानियों के गंभीर आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। ड्राइवर भाइयों का कहना है कि सड़क पर कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है, क्योंकि उन्हें अलग-अलग विभागों की कार्रवाई और लगातार दबाव का सामना करना पड़ता है। चालकों के अनुसार, उनके सभी दस्तावेज पूरे होने पर भी उन्हें रोका जाता है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या वे सिर्फ चालान और वसूली का माध्यम बनकर रह गए हैं। देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन कमर्शियल वाहन चालकों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। वे पूछ रहे हैं कि ईमानदारी से काम करने वाले ड्राइवरों को आखिर कब तक बार-बार परेशान किया जाएगा और क्या उनकी समस्याओं को सुनने तथा समाधान करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद है। चालक अपनी शिकायतें किसके सामने रखें और उन्हें सम्मान व न्याय आखिर कब प्राप्त होगा, यह एक बड़ा सवाल है जो आज भी अनुत्तरित है।1