राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी 16 सितंबर को डिंडौरी दौरे पर, कलेक्ट्रेट में लेंगी समीक्षा बैठक 15 सितंबर को भोपाल से जबलपुर पहुंचेंगी, अगले दिन भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से करेंगी मुलाकात डिंडौरी, 14 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी 15 सितंबर से लगातार दौरा कार्यक्रम पर रहेंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यमंत्री 15 सितंबर को भोपाल से जबलपुर के लिए रवाना होंगी और 16 सितंबर को डिंडौरी पहुंचेंगी। कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को शाम 4 बजे राज्यमंत्री भोपाल से जबलपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। इस दौरान उनका मार्ग मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बाड़ी-बरेली, उदयपुरा एवं राजमार्ग चौराहा रहेगा। रात करीब 9 बजे जबलपुर सर्किट हाउस पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगी। कलेक्ट्रेट में होगी समीक्षा बैठक 16 सितंबर की सुबह 7:30 बजे राज्यमंत्री जबलपुर से डिंडौरी के लिए रवाना होंगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार वे निवास, बिछिया एवं शहपुरा होते हुए डिंडौरी पहुंचेंगी। सुबह 10:30 बजे डिंडौरी सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय डिंडौरी के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। बैठक में जिले से संबंधित विकास कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। दोपहर 1 बजे का समय आरक्षित रखा गया है, जबकि दोपहर 2 बजे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगी। भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात राज्यमंत्री शाम 4 बजे जिला भाजपा कार्यालय, डिंडौरी पहुंचेंगी, जहां आगमन एवं कार्यकर्ताओं से भेंट का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद शाम 5 बजे डिंडौरी से सतना के लिए प्रस्थान करेंगी। उनका मार्ग शहपुरा, उमरिया, कटनी एवं मैहर रहेगा। रात करीब 10 बजे सतना पहुंचने का कार्यक्रम है। राज्यमंत्री का यह दौरा डिंडौरी जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक समीक्षा बैठक के साथ स्थानीय कार्यक्रम एवं भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान जिले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी 16 सितंबर को डिंडौरी दौरे पर, कलेक्ट्रेट में लेंगी समीक्षा बैठक 15 सितंबर को भोपाल से जबलपुर पहुंचेंगी, अगले दिन भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से करेंगी मुलाकात डिंडौरी, 14 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी 15 सितंबर से लगातार दौरा कार्यक्रम पर रहेंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यमंत्री 15 सितंबर को भोपाल से जबलपुर के लिए रवाना होंगी और 16 सितंबर को डिंडौरी पहुंचेंगी। कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को शाम 4 बजे राज्यमंत्री भोपाल से जबलपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। इस दौरान उनका मार्ग मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बाड़ी-बरेली, उदयपुरा एवं राजमार्ग चौराहा रहेगा। रात करीब 9 बजे जबलपुर सर्किट हाउस पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगी। कलेक्ट्रेट में होगी समीक्षा बैठक 16 सितंबर की सुबह 7:30 बजे राज्यमंत्री जबलपुर से डिंडौरी के लिए रवाना होंगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार वे निवास, बिछिया एवं शहपुरा होते हुए डिंडौरी पहुंचेंगी। सुबह 10:30 बजे डिंडौरी सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय डिंडौरी के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। बैठक में जिले से संबंधित विकास कार्यों एवं विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। दोपहर 1 बजे का समय आरक्षित रखा गया है, जबकि दोपहर 2 बजे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगी। भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात राज्यमंत्री शाम 4 बजे जिला भाजपा कार्यालय, डिंडौरी पहुंचेंगी, जहां आगमन एवं कार्यकर्ताओं से भेंट का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद शाम 5 बजे डिंडौरी से सतना के लिए प्रस्थान करेंगी। उनका मार्ग शहपुरा, उमरिया, कटनी एवं मैहर रहेगा। रात करीब 10 बजे सतना पहुंचने का कार्यक्रम है। राज्यमंत्री का यह दौरा डिंडौरी जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक समीक्षा बैठक के साथ स्थानीय कार्यक्रम एवं भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान जिले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
- धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वामित्व योजना के तहत अपने संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख एवं पंजीयन अवश्य कराएं। यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैध स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन की कार्रवाई समय पर पूर्ण कराएं। स्वामित्व अधिकार मिलने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का सुरक्षित एवं वैध अधिकार प्राप्त होगा।1
- नगर में गड्ढा या गड्ढे में नगर बादल सड़के जनता परेशान. उमरिया जिले से ब्यूरो चीफ शम्मी खान नियाजी. Mo. No✨78690837101
- ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।1
- एंबुलेंस का इंतजार करती रही प्रसूता, पिकअप से पहुंची अस्पताल; उमरिया में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उमरिया। जिले के बरतराई गांव से सामने आया एक मामला सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। एक प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजन एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन करीब एक घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार परिजनों को पिकअप वाहन की व्यवस्था कर प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया गया कि बरतराई गांव से जिला अस्पताल की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की थी। उनके मुताबिक उन्हें बताया गया कि मानपुर से एंबुलेंस आने के बाद ही उसे गांव भेजा जाएगा। इंतजार बढ़ता गया और प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने की चिंता भी बढ़ती गई। इसके बाद परिजनों ने पिकअप वाहन का सहारा लिया। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी परिजनों की परेशानी खत्म नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में अस्पताल के गेट पर कर्मचारी की गैरमौजूदगी दिखाई दे रही है। इसके बाद परिजनों ने खुद प्रसूता को वाहन से उतारा और स्टेचर की मदद से अस्पताल के अंदर पहुंचाया। कांग्रेस नेत्री एवं जनपद सदस्य रोशनी सिंह ने इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, वायरल वीडियो की न्यूज वर्ल्ड स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। मामले में सिविल सर्जन डॉ. केसी सोनी ने बताया कि वर्तमान में रेफर के मामले अधिक होने के कारण एंबुलेंस की कुछ परेशानी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसूता और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। गेट पर कर्मचारी नहीं मिलने के मामले में संबंधित कर्मचारी को नोटिस देने और जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस और अस्पताल पहुंचने के बाद तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी मजबूत है। अब निगाह विभागीय जांच और कार्रवाई पर है।2
- थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।3
- कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।1
- ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।1