सड़क बदहाल, राहगीरों को परेशानी मेजा क्षेत्र का डोरवा चौराहा, जो कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख केंद्र है, वर्तमान में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए यहाँ से गुजरना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। जर्जर सड़क और बढ़ती मुसीबतें डोरवा चौराहे से गुजरने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। आलम यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पहचानना मुश्किल हो जाता है। हल्की सी बारिश होते ही ये गड्ढे छोटे तालाबों का रूप ले लेते हैं, जिससे राहगीरों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। * धूल का गुबार: सूखे मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। भारी वाहनों के गुजरने पर उड़ने वाली धूल ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। * व्यापार पर असर: सड़क खराब होने के कारण लोग इस बाजार में रुकने से बचते हैं, जिसका सीधा असर यहाँ के व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। * आवागमन में देरी: गड्ढों के कारण वाहनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस और स्कूली बसों को भी घंटों जाम और खराब रास्तों का सामना करना पड़ता है। जन-आक्रोश और मांग स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद, स्थिति जस की तस बनी हुई है। चुनाव के समय किए गए वादे अब तक केवल कागजों तक ही सीमित हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है क्योंकि यह मार्ग न केवल व्यावसायिक बल्कि स्कूली बच्चों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। > मुख्य बिंदु: खराब सड़क न केवल विकास को रोकती है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गई है। > क्षेत्र की जनता की केवल एक ही मांग है: डोरवा चौराहे की सड़क का अविलंब उच्चीकरण और पुनर्निर्माण हो, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।
सड़क बदहाल, राहगीरों को परेशानी मेजा क्षेत्र का डोरवा चौराहा, जो कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख केंद्र है, वर्तमान में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए यहाँ से गुजरना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। जर्जर सड़क और बढ़ती मुसीबतें डोरवा चौराहे से गुजरने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। आलम यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पहचानना मुश्किल हो जाता है। हल्की
सी बारिश होते ही ये गड्ढे छोटे तालाबों का रूप ले लेते हैं, जिससे राहगीरों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। * धूल का गुबार: सूखे मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। भारी वाहनों के गुजरने पर उड़ने वाली धूल ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। * व्यापार पर असर: सड़क खराब होने के कारण लोग इस बाजार में
रुकने से बचते हैं, जिसका सीधा असर यहाँ के व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। * आवागमन में देरी: गड्ढों के कारण वाहनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस और स्कूली बसों को भी घंटों जाम और खराब रास्तों का सामना करना पड़ता है। जन-आक्रोश और मांग स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद, स्थिति जस की तस बनी हुई है। चुनाव के समय किए गए वादे अब तक केवल कागजों तक
ही सीमित हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है क्योंकि यह मार्ग न केवल व्यावसायिक बल्कि स्कूली बच्चों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। > मुख्य बिंदु: खराब सड़क न केवल विकास को रोकती है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गई है। > क्षेत्र की जनता की केवल एक ही मांग है: डोरवा चौराहे की सड़क का अविलंब उच्चीकरण और पुनर्निर्माण हो, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
- **कानपुर जिलाधिकारी श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज दोपहर किया पिएचसी उत्तरीपुरा का औचक निरीक्षण जिसमें मेडिकल ऑफिसर सहित चार स्वास्थ्य कर्मी मिले अनुपस्थित बता दे कि अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मियों का जिलाधिकारी ने एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए !* *कासिम अब्बास राष्ट्रीय समाचार पत्र उम्मीद का किनारा* 🖊️1
- मध्यप्रदेश के खजुराहो में लव जिहाद का मामला सामने आया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अपना कैफे में छापा मारा और उसके अंदर से बंद रूम नंबर 205 को खुलवाया जिसमें मुस्लिम युवक शकील ने काफी देर में दरवाजा खोला। कमरे की अलमारी के भीतर नाबालिग युवती मिली। इसके बाद कार्यकताओं ने उसके पिटाई की और कपड़े उतारकर जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उसके मोबाइल में कई लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो हैं और लड़कियां उसे छोड़ने की गुहार लगा रही हैं। घटना के बाद से खजुराहो में सनसनी फैली हुई है। #MP #khajuraho #LoveJihad #muslim #hindu #police #hotel1
- Post by Journalist Satish Chandra1
- तोहे #खोजी कहा मैया #पतवार बिना डुबे #मझधार बिचे #नेइया #देवी गीत #वायरल गीत #वायरल_विडिओ #viralvideo #trendingreels #dharmendra_halchal #pryagraj #गायक_धर्मेंद्र_हलचल #Devigeet1
- प्रयागराज: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेंगी,जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा हैं।1
- *निवर्तमान विधायक पर जमीनी विवाद को लेकर लगे आरोप निकले झूठे सुने अजय कुमार जुबानी* *विनय कुमार रिपोर्टर हिन्दी दैनिक समाचार पत्र 8174801662* नगर पालिका परिषद भरवारी निवर्तमान विधायक संजय कुमार गुप्ता पर शिव शंकर केसरवानी द्वारा जो गंभीर आरोप लगाए गया था वह सरासर झूठ निकला , अजय कुमार का कहना है कि संजय कुमार गुप्ता जी का इस मकान में कोई लेना देना नही है इन पर लगाए गए आरोप गलत है2
- लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान यह वह सरकार है जो विरोध स्वीकार ही नहीं सकती और अपना राग गाते रहते हैं- अखिलेश इतनी झूठी सरकार हमने आपने नहीं देखी होगी- अखिलेश विकसित भारत राम जी योजना में इनका बजट कम हो गया-अखिलेश भाजपा की सरकार में जितनी भी पानी की टंकियां बन रही हैं, वह भ्रष्टाचार का भार सह नहीं पा रही हैं, जिसकी वजह से टूट रही हैं-अखिलेश केवल मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों का फॉर्म 7 से नोटिस देकर वोट कटवा रहे हैं- अखिलेश Gen Z बड़े जागरूक नौजवान लोग हैं, उन्होंने CM का मतलब ‘corrupt mouth’ निकाला है-अखिलेश जो मुख्यमंत्री बिष्ट जी हैं, उनके अन रजिस्टर्ड संघी साथियों ने वंदे मातरम् कभी नहीं गाया- अखिलेश न आज़ादी के पहले गाया, न आज़ादी के बाद-अखिलेश JPNIC जिसने बनाया वो बीजेपी में चला गया- अखिलेश पहले बीजेपी से मैं कहूंगा, जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालो- अखिलेश यह सरकार विरोध सहन नहीं करती- अखिलेश झूठ और भ्रष्टाचार की सरकार चल रही हैं - अखिलेश गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है-अखिलेश नई योजनाओं का बजट कम किया जा रहा है- अखिलेश हमारी आवाज़ दबाई जा रही है, लोकतंत्र खतरे में है- अखिलेश यादव1