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देवरिया सदर सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रात के समय बड़ी लापरवाही सामने आई है। रात के करीब 3:00 बजे के एक वीडियो में दिख रहा है कि अपनी शिफ्ट बदलने के बाद इमरजेंसी में तैनात तीन लोग सोए हुए थे। इसके साथ ही, अस्पताल की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड भी रात के 3:00 बजे सो जाता है।
Vinod भारती देवरिया न्यूज़
देवरिया सदर सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रात के समय बड़ी लापरवाही सामने आई है। रात के करीब 3:00 बजे के एक वीडियो में दिख रहा है कि अपनी शिफ्ट बदलने के बाद इमरजेंसी में तैनात तीन लोग सोए हुए थे। इसके साथ ही, अस्पताल की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड भी रात के 3:00 बजे सो जाता है।
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- देवरिया के रुपई भटनी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है, जिसका वीडियो सामने आया है।1
- देवरिया में समाजवादी पार्टी के छात्र और युवा संगठनों ने NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में सुभाष चौक से जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक एक जोरदार पैदल मार्च निकाला। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तारियां होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए युवा नेताओं ने सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध व पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में भी जमकर नारे लगाए गए। इस मार्च में समाजवादी छात्र सभा, युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड तथा समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इन मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस पूरे प्रदर्शन पर प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में इनर व्हील क्लब ऑफ देवरिया के पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में क्लब की नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा एवं उनकी नई कार्यकारिणी ने विधिवत अपना दायित्व ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रभावी ढंग से कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। समारोह के दौरान निवर्तमान अध्यक्ष चाँदनी कौर के सफल, समर्पित एवं उल्लेखनीय कार्यकाल की सराहना की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि चाँदनी कौर के नेतृत्व में क्लब ने सेवा, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का सफल संचालन किया, जिससे संगठन की सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हुई। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी तथा जोनल हेड सरोज अग्रवाल भी मौजूद रहीं, जिन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा और उनकी नई टीम के प्रति यह विश्वास व्यक्त किया गया कि नई कार्यकारिणी सेवा भावना, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ क्लब की गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। कार्यक्रम में आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, महिला जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को और गति देने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन नई टीम के सफल, प्रेरणादायी एवं जनसेवा से परिपूर्ण कार्यकाल की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।1
- देवरिया के रामपुर कारखाना (मुण्डेरा लाला, पोखरभिण्डा) में लगभग 500 एकड़ धान की फसल को जलजमाव से नष्ट होने से बचाने के लिए किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। गोविंदपुर के पश्चिम में स्थित इस फसल को बचाने के लिए किसानों ने 15 जुलाई 2026 से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य विभागों के सक्षम अधिकारियों को किसान दिवस के समय अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित होकर किसानों ने नोनिया टोला व मुण्डेरा लाला पर धरना शुरू कर दिया। इस धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष कमला यादव, प्रदेश सचिव आनंद प्रकाश चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष रामजी चौहान और जल बचाओ के राष्ट्रीय नेता उर्फ 'जल देवता' विजय जुआठा ने किया। आंदोलन में गोविंदपुर, मुण्डेरा लाल और मुण्डेरा लाल के नोनिया टोला के किसान ऋषिकेश चौरसिया, मुसाहिद, वकील अंसारी, लाल बहादुर, मेराज, अफताब, अशोक पटेल, संदीप, सत्येंद्र यादव, राजू, राजाराम प्रसाद, कालीचरण सिंह, तेजू यादव सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पी डब्लू ओ के सक्षम अधिकारी द्वारा फोन पर 21 जुलाई 2026 तक उचित माप का ह्यूमन पाइप लगाकर पानी निकलवाने का आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार तक के लिए इस धरना-प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित संसद मार्च के समर्थन में समाजवादी पार्टी के युवा फ्रंटल संगठनों ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में प्रदर्शन किया। समाजवादी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और छात्र सभा के कार्यकर्ता हाथों में बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सुभाष चौक पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा की बर्बादी को रोकने, परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सुभाष चौक से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर युवाओं के इस काफिले ने प्रशासन को अपनी चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने भाजपा पर शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अब तक 150 पेपर लीक हो चुके हैं और बेतहाशा बढ़ती बेरोजगारी से नौजवान त्रस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, बेइमानी और लूट चरम पर है और देश-प्रदेश के बेरोजगार नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। रणवीर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के पास रोजगार की कोई योजना नहीं है और पढ़ा-लिखा नौजवान बेरोजगारी के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है और खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा भर्ती और नौकरी को खत्म करने की साजिश कर रही है और बेरोजगारों को नौकरी के बदले लाठियों की सौगात मिल रही है। इस प्रदर्शन में हृदय नारायण जायसवाल, रामप्रकाश चौधरी, हरिओम लाला, शिवानंद, संजीव, गिरीश जायसवाल, सुनैना कुशवाहा और लारेब सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और पेपर लीक के गंभीर मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के युवाओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया है। युवाओं ने इन मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- देवरिया के बरियारपुर थाना क्षेत्र में महुआनी से सोनूघाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर सोमवार तड़के मूसलाधार बारिश के दौरान एक विशाल बबूल का पेड़ बीच सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने के कारण सुबह करीब चार बजे से ही यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होने से मौके पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह आठ बजे तक न तो प्रशासन की कोई टीम मौके पर पहुंची और न ही वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी पेड़ हटाने के लिए वहां दिखाई दिया। इसके चलते ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अन्य राहगीर घंटों फंसे रहे। कई लोगों को मजबूरी में गांव के भीतर से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जहां बारिश का पानी भरा होने के कारण आवागमन काफी जोखिम भरा रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल जेसीबी और कर्मचारियों को भेजकर सड़क से पेड़ हटाने और यातायात सुचारु करने की मांग की है। साथ ही, भविष्य की समस्याओं से निपटने के लिए संवेदनशील मार्गों पर त्वरित राहत टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।4
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में समाजवादी पार्टी के युवा संगठनों ने दिल्ली में आयोजित संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को एक पैदल मार्च निकाला। समाजवादी युवजन सभा, छात्र सभा, लोहिया वाहिनी और मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मार्च में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। दमन और भय के जरिए जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, जनता के सम्मान और छात्र-युवा वर्ग के अधिकारों की रक्षा के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की मांग की।1