Shuru
Apke Nagar Ki App…
महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों में निर्माण मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। इन निर्माण कार्यों में रेत के बजाय प्रतिबंधित डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मौके से मिली तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर मसाले में डस्ट मिलाई जा रही है, जबकि मानकों के अनुसार इन कार्यों में केवल साफ रेत का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट तौर पर मानक के विपरीत प्रतिबंधित डस्ट का इस्तेमाल है।
RAHUL KASHYAP
महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों में निर्माण मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। इन निर्माण कार्यों में रेत के बजाय प्रतिबंधित डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मौके से मिली तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर मसाले में डस्ट मिलाई जा रही है, जबकि मानकों के अनुसार इन कार्यों में केवल साफ रेत का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट तौर पर मानक के विपरीत प्रतिबंधित डस्ट का इस्तेमाल है।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- छतरपुर में नगर पालिका-निगम कर्मचारी महासंघ ने आज 25 मई को दोपहर करीब 4:00 बजे कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। महासंघ ने कलेक्टर को बताया कि नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों को लंबे समय से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में पिछले कई वर्षों से कार्यरत लगभग 180 आउटसोर्स कर्मचारियों को फिर से काम पर रखना शामिल है। साथ ही, नगर पालिका में संचालित वाहनों और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के काम को बंद करने के बजाय कर्मचारियों के हित में व्यवस्थित रूप से जारी रखने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान हो, ईपीएफ और अन्य संबंधित राशियों को नियमित रूप से जमा किया जाए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा कर उचित और निर्णायक कदम उठाने की भी मांग रखी गई है।1
- फेल्प्स 3डी के भव्य शुभारंभ समारोह के अवसर पर, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम मोहन धुरिया ने प्रतिष्ठान का अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान प्रतिष्ठान की गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- छतरपुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ एक भाई-बहन कुएं में डूब गए। मिली जानकारी के अनुसार, बहन को डूबता देख भाई उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया। हालांकि, इस कोशिश में दुर्भाग्यवश दोनों ही वापस नहीं लौट पाए। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरा घर शोक में डूब गया है।1
- छतरपुर में एक घटना सामने आई है जहाँ पांच बच्चों की मां को इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति से प्यार हो गया। इसके बाद वह महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी और उसकी प्रेमिका, यानी पांच बच्चों की मां को पकड़ लिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में रेलवे स्टेशन से एक 2 वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण और उसे नहर में फेंकने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 3 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। यह घटना रविवार शाम करीब 8:30 बजे डायल-112 पर मिली सूचना से शुरू हुई, जिसमें बताया गया कि बांदा रेलवे स्टेशन से एक अज्ञात व्यक्ति 2 साल के बच्चे को उठा ले गया है। सूचना मिलते ही बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, एसओजी और अन्य पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। उच्चाधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करवाई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब बच्चे की मां और परिवार के सदस्य मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे और इसी दौरान आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और त्रिनेत्र ऐप की मदद से आरोपी की लोकेशन तिंदवारी रोड की ओर ट्रेस की। इसी बीच, कोतवाली देहात और एसओजी की टीम महोकर चौराहे के पास गश्त कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी ने बच्चे को नहर में फेंक दिया और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशन निवासी तिंदवारी को मौके से पकड़ लिया और तुरंत नहर से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बांदा पुलिस और आरपीएफ टीम ने मासूम बच्चे को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- छतरपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ई-रिक्शा और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम जंगीपुरा निवासी राकेश अहिरवार ने अपनी पत्नी और बच्ची को ससुराल से साथ न भेजने से आहत होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, राकेश अपनी पत्नी को लेने के लिए ग्राम बगौता स्थित अपने ससुराल गया था। वहाँ ससुराल पक्ष ने उसकी पत्नी और बच्ची को उसके साथ भेजने से इनकार कर दिया। इस बात से व्यथित होकर राकेश ने गांव लौटते समय रास्ते में ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घर पहुंचने पर जब परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई, तो वे उसे तुरंत एक निजी वाहन से बमीठा अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक को जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक का पोस्टमार्टम आज 25 मई को दोपहर लगभग 12:30 बजे जिला अस्पताल में कराया गया।1
- महुआ में जनगणना कार्य की जिम्मेदारी निभा रही अनुदेशिका एवं प्रगणक सरिता निर्मल भीषण गर्मी और लू की चपेट में आकर अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं। घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने के दौरान हुई इस चिंताजनक घटना में, सौभाग्य से उनकी सहकर्मी ज्योति अवस्थी और 'ऑक्सीजन बाबा' रामकृष्ण अवस्थी की तत्परता से स्थिति गंभीर होने से बची। यह घटना केवल एक कर्मचारी के अस्वस्थ होने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी फील्ड कर्मियों की उस कठिन वास्तविकता को उजागर करती है, जहाँ वे 45 डिग्री से अधिक तापमान और लू के थपेड़ों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की सफलता ऐसे ही कर्मचारियों की अथक मेहनत पर निर्भर करती है, जिसके चलते उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी उतनी ही गंभीरता से प्राथमिकता दी जानी चाहिए। महुआ की यह घटना प्रशासन के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि भीषण गर्मी के इस दौर में फील्ड ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ, जैसे पर्याप्त पेयजल, विश्राम स्थल और तत्काल चिकित्सकीय सहायता, अब केवल एक आवश्यकता नहीं बल्कि अनिवार्यता हैं। बांदा से सुरेश साहू ने इस मामले पर रिपोर्ट दी है।2
- मध्य प्रदेश के बमीठा में पावर हाउस के पास एक किराए के मकान में रहने वाली 3 साल की मासूम बच्ची की पानी के टैंक में गिरने से दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद, बच्ची के शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया गया है।1