रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत को डंपर से टक्कर मारने वाला ड्राइवर हुआ गिरफ्तार /छोटीसादड़ी। रेंजर प्रतापसिंह चूंडावत हत्याकांड में छोटीसादड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा बावरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को घोसुंडी जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र के धामनिया रोड का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार 21 सितंबर की रात रेंजर प्रतापसिंह चूंडावत वन भूमि में कथित अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अवैध खनन में लगे डंपर को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि डंपर चालक ने रेंजर को टक्कर मारते हुए उनके ऊपर डंपर चढ़ा दिया। गंभीर रूप से घायल रेंजर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त डंपर की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस ने अवैध खनन में प्रयुक्त डंपर और जेसीबी को भी जब्त किया। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस नामजद एवं अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। यह पूरी कार्रवाई एसपी विशाल जांगिड़ के निर्देशन में छोटीसादड़ी सीआई कैलाश सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही हे Byte कैलाश सोनी (ci )थाना अधिकारी छोटी सादड़ी
रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत को डंपर से टक्कर मारने वाला ड्राइवर हुआ गिरफ्तार /छोटीसादड़ी। रेंजर प्रतापसिंह चूंडावत हत्याकांड में छोटीसादड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा बावरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को घोसुंडी जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र के धामनिया रोड का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार 21 सितंबर की रात रेंजर प्रतापसिंह चूंडावत वन भूमि में कथित अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अवैध खनन में लगे डंपर को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि डंपर चालक ने रेंजर को टक्कर मारते हुए उनके ऊपर डंपर चढ़ा दिया। गंभीर रूप से घायल रेंजर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त डंपर की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस ने अवैध खनन में प्रयुक्त डंपर और जेसीबी को भी जब्त किया। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस नामजद एवं अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। यह पूरी कार्रवाई एसपी विशाल जांगिड़ के निर्देशन में छोटीसादड़ी सीआई कैलाश सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही हे Byte कैलाश सोनी (ci )थाना अधिकारी छोटी सादड़ी
- 🌍 विश्व पर्यटन दिवस पर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में सांस्कृतिक रंग, पर्यटकों ने उठाया लुत्फ 🏰 विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ दुर्ग के टिकट खिड़की व्यू प्वाइंट पर सांस्कृतिक आयोजन, आने वाले पर्यटकों ने कार्यक्रम का लिया आनंद2
- MP - CM मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को भोपाल के BHEL दशहरा मैदान में 351 बसों को हरी झंडी दिखाई थी, लेकिन पुरानी बसों पर चढ़ाई गई ऑरेंज विनाइल पहले ही उखड़ती नजर आई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।1
- प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, 1452 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास1
- प्रभु तारा छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी पर्यूषण महापर्व की धून थमी *प्रभु तारा नाम छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी*। *आसपुर में पर्यूषण महापर्व की धुन थमी* *सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से रथोत्सव संहित क्षेत्र के समस्त जैन बाहुल्य गांवों मे चल रहे दस लक्षण पर्युषण महापर्व का समापन किया। बिसा नरसिंहपुरा दिगम्बर समाज की ओर से शांतिनाथ* - *दिगम्बर जैन मंदिर एवं नागदा समाज की ओर से आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से निकली रथयात्रा के दौरान गणेश चौक, तहसील चौराया, पुराना बस स्टैंड एवं* *होली चौक में युवक युवतियों नें भक्ति गीतों की धुन पर सुंदर डांडिया रास प्रस्तुत कर महोत्सव के आनंद को* *बहुगुणित किया। रथोत्सव का नजारा देखने आस पास के गांवों से लोग उमड़े। रात्रि में रथ भंडारण की रस्म अदायगी के साथ तीर्थकर भगवंत एवं* *जिनवाणी मां की मंगल आराधना कर विश्व शांति एवं लोक मंगल की कामना की। चंपालाल भूखिया, सेठ शांतिलाल सिंघवी, अध्यक्ष भगवती लाल भूखिया, धनपाल नेतावत, शंकरलाल कुंडलिया, सेठ लक्ष्मीचंद किकावत, व्यापार संघ अध्यक्ष सुशील जैन, नरेंद्र जैन, कारुलाल रायकीया, प्रकाश नागदा एवं पुलक मंच के अनिल चंदावत आदि उपस्थित रहे*।1
- सालमगढ कोठारी परिवार (चांदमल जी कोठारी) कि ओर से भगवान कि भक्ति का आयोजन किया गया जिसमें बडी संख्या में सकल जैन समाज के महानुभाव उपस्थित हुए व सभी ने बडे भक्ति भाव से भजन कीर्तन किया व सुना सालमगढ कोठारी परिवार (चांदमल जी कोठारी) कि ओर से भगवान कि भक्ति का आयोजन किया गया जिसमें बडी संख्या में सकल जैन समाज के महानुभाव उपस्थित हुए व सभी ने बडे भक्ति भाव से भजन कीर्तन किया व सुना1
- 🙏 Shri Sanwariya Seth Ji Today Live Shringar Darshan 🙏✨ 🙏 Shri Sanwariya Seth Ji Today Live Shringar Darshan 🙏✨1
- MP - मध्य प्रदेश में "बहुत से RTO ऑफिसर गांधीवादी हैं। गांधी की नोट दिखती है तो फटाफट ठप्पे मारते हैं..." "सीएम सुगम परिवहन योजना" के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान भोपाल में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी1
- SOG की तत्कालीन एडिशनल SP दिव्या मित्तल पर 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। SOG की तत्कालीन एडिशनल SP दिव्या मित्तल पर 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। मामला एक NDPS केस में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने से जुड़ा बताया गया। ACB के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद रिश्वत की मांग का सत्यापन किया गया। आरोप है कि शुरुआत में 2 करोड़ रुपये की मांग की गई, जिसके बाद कथित तौर पर 50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई। ACB ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर तलाशी ली और दिव्या मित्तल को गिरफ्तार किया। हालांकि, आरोपी अधिकारी ने रिश्वत मांगने के आरोपों से इनकार किया था और अपना पक्ष भी रखा था। फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।1
- जोधपुर केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार की मौत डूंगरपुर/जोधपुर। जोधपुर के बासनी क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए भीषण ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे फायरकर्मी प्रीतेश परमार की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में प्रीतेश करीब 90 फीसदी तक झुलस गए थे और पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था। प्रीतेश डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रीतेश के परिवार का अग्निशमन सेवा से भी गहरा जुड़ाव है। उनके पिता धुलेश्वर परमार डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं और करीब 25 वर्षों से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। आग बुझाने के दौरान हुआ था जोरदार ब्लास्ट हादसा 23 सितंबर की शाम जोधपुर के बासनी स्थित गणेश नगर क्षेत्र की एक हैंडीक्राफ्ट/केमिकल फैक्ट्री में हुआ था। शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार करीब 10 दमकल गाड़ियां ऑपरेशन में लगाई गई थीं। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे, तभी फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रमों में अचानक विस्फोट होने लगे। एक रिपोर्ट के अनुसार छत से पत्थर गिरने के बाद फिनोल से भरे ड्रम में विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। विस्फोट इतना तेज था कि आग बुझाने में जुटे 14 फायरकर्मी झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में जयपुर किया गया था रेफर हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल फायरकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया था। कुछ घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। प्रीतेश की हालत भी बेहद गंभीर थी और करीब 90 फीसदी तक झुलसने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता भी फायर ब्रिगेड में, बेटे ने भी चुनी अग्निशमन सेवा की राह प्रीतेश के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि उनके पिता धुलेश्वर परमार खुद लंबे समय से फायर ब्रिगेड में सेवाएं दे रहे हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए प्रीतेश भी अग्निशमन सेवा से जुड़े थे। ड्यूटी के दौरान हादसे में बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जोधपुर की इस घटना में बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों के झुलसने के बाद फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रीतेश परमार की मौत ने उस अग्निशमनकर्मी की जिम्मेदारी और जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है, जो दूसरों की जान और संपत्ति बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच पहुंचता है।1