केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कोटा में लबान इंटरचेंज से लेकर दरा टनल तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। गोपालपुरा इंटरचेंज पर आयोजित स्वागत समारोह में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने राजस्थान को बड़े आर्थिक सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण वह आज ₹50,000 करोड़ नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन अगली बार जब वह जयपुर आएंगे तो उनके “फिक्स्ड डिपोजिट वॉल” में साइन की हुई चेकबुक तैयार होगी, जिस पर कोई भी राशि भरी जा सकेगी। गडकरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी बातों को पूरा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलालजी को संबोधित करते हुए कहा कि वे मांगते-मांगते थक जाएंगे, पर वह देते-देते कभी नहीं थकेंगे, क्योंकि उनके पास “द्रौपदी की थाली” है और पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल नेशनल हाईवे (NH) से संबंधित काम ही कर सकते हैं, और राजस्थान जितना चाहे, ₹10,000 करोड़, ₹20,000 करोड़, ₹50,000 करोड़, ₹1 लाख करोड़ या ₹2 लाख करोड़ तक मांग सकता है, क्योंकि उनकी तरफ से इसे देने की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस दौरान एक 'रियलिटी चेक' में भारत की आर्थिक स्थिति पर विपरीत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इसके अनुसार, भारत का कुल सरकारी कर्ज (Central Government Debt) मार्च 2026 (2025-26 के अंत) के आसपास लगभग ₹197 लाख करोड़ था। 31 मार्च 2026 (2025-26 RE) तक कुल कर्ज और अन्य दायित्व लगभग ₹197.18 लाख करोड़ थे, और 31 मार्च 2027 (2026-27 अनुमान) तक यह ₹214.82 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसके साथ ही, वर्तमान में एफडीआई की दर बिल्कुल 0 हो चुकी है, विदेशी निवेशक शेयर मार्केट से पैसा निकाल कर दूसरे देशों में निवेश कर रहे हैं, और घरेलू उद्योगपति अपना मुनाफा विदेशों में लगा रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ निगेटिव है, और महंगाई व बेरोजगारी की स्थिति भी गंभीर है, जो गडकरी के “कोई पैसे की कमी नहीं है, तुमको जितना मांगना है मांगो” वाले बयान से विरोधाभास प्रस्तुत करती है।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कोटा में लबान इंटरचेंज से लेकर दरा टनल तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। गोपालपुरा इंटरचेंज पर आयोजित स्वागत समारोह में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने राजस्थान को बड़े आर्थिक सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण वह आज ₹50,000 करोड़ नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन अगली बार जब वह जयपुर आएंगे तो उनके “फिक्स्ड डिपोजिट वॉल” में साइन की हुई चेकबुक तैयार होगी, जिस पर कोई भी राशि भरी जा सकेगी। गडकरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी बातों को पूरा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलालजी को संबोधित करते हुए कहा कि वे मांगते-मांगते थक जाएंगे, पर वह देते-देते कभी नहीं थकेंगे, क्योंकि उनके पास “द्रौपदी की थाली” है और पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल नेशनल हाईवे (NH) से संबंधित काम ही कर सकते हैं, और राजस्थान जितना चाहे, ₹10,000 करोड़, ₹20,000 करोड़, ₹50,000 करोड़, ₹1 लाख करोड़ या ₹2 लाख करोड़ तक मांग सकता है, क्योंकि उनकी तरफ से इसे देने की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस दौरान एक 'रियलिटी चेक' में भारत की आर्थिक स्थिति पर विपरीत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इसके अनुसार, भारत का कुल सरकारी कर्ज (Central Government Debt) मार्च 2026 (2025-26 के अंत) के आसपास लगभग ₹197 लाख करोड़ था। 31 मार्च 2026 (2025-26 RE) तक कुल कर्ज और अन्य दायित्व लगभग ₹197.18 लाख करोड़ थे, और 31 मार्च 2027 (2026-27 अनुमान) तक यह ₹214.82 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसके साथ ही, वर्तमान में एफडीआई की दर बिल्कुल 0 हो चुकी है, विदेशी निवेशक शेयर मार्केट से पैसा निकाल कर दूसरे देशों में निवेश कर रहे हैं, और घरेलू उद्योगपति अपना मुनाफा विदेशों में लगा रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ निगेटिव है, और महंगाई व बेरोजगारी की स्थिति भी गंभीर है, जो गडकरी के “कोई पैसे की कमी नहीं है, तुमको जितना मांगना है मांगो” वाले बयान से विरोधाभास प्रस्तुत करती है।
- ऐसे समय में जब भारत में लोग जातीय और धार्मिक नफ़रत के कारण एक-दूसरे की जान ले रहे हैं, इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से एक दिल को छू लेने वाला नज़ारा सामने आया है। यह घटना इस बात को दर्शाती है कि इंसानों के मुकाबले जानवरों में कहीं ज़्यादा हमदर्दी और एक-दूसरे की मदद करने की भावना होती है। सुमात्रा में आई अचानक ज़बरदस्त बाढ़ के तेज़ बहाव में एक बाघ फंस गया था, जिसे बचाने की कोशिश करता हुआ एक सुमात्रा का हाथी दिखाई दिया। यह भी बताया गया है कि वहाँ के इंसान भी ऐसी ही इंसानियत का परिचय देते हैं। इस घटना को प्रकृति का एक सचमुच दिल को छू लेने वाला और अनोखा नज़ारा करार दिया गया है। प्रसिद्ध पत्रकार, संपादक और राजनीतिक विश्लेषक अजय शुक्ला साहब के अनुसार, इस हाथी ने बाढ़ में घिरे बाघ की जान बचाई और उसे अपनी पीठ पर बैठाकर एक सुरक्षित जगह तक पहुँचाया।1
- एक 'स्वामीजी' ने कांग्रेस पार्टी को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उनके इस बयान में गाँधी परिवार के सदस्यों—सोनिया, राहुल, प्रियंका और रौबर्ट बाड्रा—की 'औकात' पर सीधा सवाल उठाया गया है। यह जानकारी दी गई है कि इस बयान में कही गई बातें स्वयं स्वामीजी के शब्दों में सुनी जा सकती हैं।1
- राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान, स्कूल, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में न तो पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था है और न ही सुरक्षा नियमों का अनुपालन किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो भवन उपनियमों के विपरीत, बेसमेंट में ही कोचिंग क्लास और लाइब्रेरी चलाई जा रही हैं, जबकि नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग, स्टोर या उपयोगिता सेवाओं के लिए ही हो सकता है। लगातार सामने आ रही इन लापरवाहियों और उल्लंघनों के बावजूद, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है, क्योंकि अब तक कोई ठोस या व्यापक कार्रवाई नहीं की गई है। शहरवासियों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल एक व्यापक जांच अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों को सीज किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोगों ने यह भी जोर दिया कि प्रशासन को ऐसे संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके और यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। इस स्थिति पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, क्योंकि अक्सर कार्रवाई किसी बड़े हादसे के बाद ही शुरू की जाती है। यह सवाल बना हुआ है कि बिना फायर सेफ्टी एनओसी के चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई कब होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम कब उठाए जाएंगे।1
- गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आने वाले दो साल के भीतर फर्राटेदार सफर शुरू हो जाएगा।1
- कोटा शहर और आस-पास के इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले काफी समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मूसलाधार बारिश ने राहत दी, लेकिन मौसम में आए इस अचानक बदलाव के चलते शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आसमान में काले घने बादल छाते ही और तेज बारिश शुरू होते ही सड़कों पर चल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई, और दुपहिया वाहन चालक तथा राहगीर अचानक हुई बारिश से बचने के लिए दुकानों के नीचे व सुरक्षित जगहों पर छिपते नजर आए। तेज हवाओं के साथ हुई इस भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर देखते ही देखते पानी जमा हो गया। अचानक हुए जलभराव ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थाम दी और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अचानक हुई इस तेज बारिश ने नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।1
- सड़क मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल के आगमन की बात सामने आई है।1
- रेलवे ने ट्रेन यात्रा के दौरान हुई एक गंभीर लापरवाही के मामले में संबंधित टिकट चेकर (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब 6 जुलाई, 2026 को ट्रेन नंबर 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने फर्स्ट एसी कूपे को 'गोल्डन नाइट' के लिए सजाने के लिए निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर को बुलाया था। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस डेकोरेटर का ट्रेन के कोच में प्रवेश अधिकृत नहीं था, जिसे सुरक्षा और नियमों के लिहाज से एक गंभीर चूक माना गया है। इस पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से एक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 15 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के दौरे से ठीक पहले हुई।1