11 मई 202महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा के खिलाफ मुखर हुई मातृशक्ति 11 मई 202महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा के खिलाफ मुखर हुई मातृशक्ति महिला आरक्षण विरोधी मानसिकता के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं *महिला आरक्षण विरोध पर सपा के खिलाफ गूंजे नारे* बदायूँ :- नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के अंतर्गत वर्ष 2029 से लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा ऐतिहासिक विधेयक लाया गया, लेकिन सपा, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के प्रति अपनी नकारात्मक मानसिकता को उजागर किया। इसी के विरोध में महिला जन-आक्रोश अभियान के अंतर्गत विपक्षी सांसद के विरुद्ध क्रमिक कार्यक्रम के दूसरे दिन बदायूँ लोकसभा के सपा सांसद आदित्य यादव के आवास के निकट लक्ष्मीबाई चौक, डीएम चौराहा, बदायूँ में बिल्सी विधानसभा की महिला कार्यकर्ताओं एवं भाजपा पदाधिकारियों द्वारा महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया गया तथा सपा के खिलाफ नारेबाजी की गई। क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा रेनू सिंह ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाने का कार्य कर रही है, लेकिन विपक्षी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर अपनी महिला विरोधी सोच को उजागर किया है। चैयरमैन बिल्सी ज्ञानवती सागर ने कहा लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय देश की मातृशक्ति को सम्मान और अधिकार देने वाला है। भाजपा सरकार महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर केवल राजनीति करने का कार्य करता रहा है। जिला मंत्री आरती कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। महिला आरक्षण विधेयक भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को रोकने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सीमा राठौर, महिला मोर्चा ज़िलाध्यक्ष अमिता उपाध्याय, जिला मंत्री रचना शंखधार, क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा रजनी मिश्रा, करुणा सोलंकी, जया साहू, छाया शर्मा, रेखा उपाध्याय, वंदना शर्मा, ममता वर्मा जी, पूनम शर्मा, ममता वाल्मीकि, रेनू वाल्मीकि, गुड्डी राजपूत, प्रवेश सिन्हा, नीलू मिश्रा आदि महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
11 मई 202महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा के खिलाफ मुखर हुई मातृशक्ति 11 मई 202महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा के खिलाफ मुखर हुई मातृशक्ति महिला आरक्षण विरोधी मानसिकता के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं *महिला आरक्षण विरोध पर सपा के खिलाफ गूंजे नारे* बदायूँ :- नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के अंतर्गत वर्ष 2029 से लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा ऐतिहासिक विधेयक लाया गया, लेकिन सपा, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के प्रति अपनी नकारात्मक मानसिकता को उजागर किया। इसी के विरोध में महिला जन-आक्रोश अभियान के अंतर्गत विपक्षी सांसद के विरुद्ध क्रमिक कार्यक्रम के दूसरे दिन बदायूँ लोकसभा के सपा सांसद आदित्य यादव के आवास के निकट लक्ष्मीबाई चौक, डीएम चौराहा, बदायूँ में बिल्सी विधानसभा की महिला कार्यकर्ताओं एवं भाजपा पदाधिकारियों द्वारा महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया गया तथा सपा के खिलाफ नारेबाजी की गई। क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा रेनू सिंह ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाने का कार्य कर रही है, लेकिन विपक्षी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर अपनी महिला विरोधी सोच को उजागर किया है। चैयरमैन बिल्सी ज्ञानवती सागर ने कहा लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय देश की मातृशक्ति को सम्मान और अधिकार देने वाला है। भाजपा सरकार महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर केवल राजनीति करने का कार्य करता रहा है। जिला मंत्री आरती कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। महिला आरक्षण विधेयक भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को रोकने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सीमा राठौर, महिला मोर्चा ज़िलाध्यक्ष अमिता उपाध्याय, जिला मंत्री रचना शंखधार, क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा रजनी मिश्रा, करुणा सोलंकी, जया साहू, छाया शर्मा, रेखा उपाध्याय, वंदना शर्मा, ममता वर्मा जी, पूनम शर्मा, ममता वाल्मीकि, रेनू वाल्मीकि, गुड्डी राजपूत, प्रवेश सिन्हा, नीलू मिश्रा आदि महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
- आज की दुनिया में ऐसे लोग दुर्लभ होते जा रहे हैं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सफलता में अपनी खुशी खोजते हैं। बुदायूं में भी यह सामाजिक बदलाव चर्चा का विषय बन गया है, जो परोपकार की भावना पर सवाल उठाता है।1
- बरेली में इंसानियत शर्मसार हुई जब एक बुजुर्ग को अपनी बीमार पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती न किए जाने पर ठेले पर घर ले जाना पड़ा। यह घटना उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावों की पोल खोलती है और गरीब मरीजों की बदहाली उजागर करती है।1
- बदायूं के हजरतपुर क्षेत्र में एक युवक की गंगा नदी में स्नान करते समय डूबने से मौत हो गई। वह एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया था और क्रिया पूरी होने के बाद गंगा स्नान कर रहा था। पुलिस ने शव बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है।1
- ग्राम पंचायत बमेड़ ब्लॉग अम्बियापुर तहसील बिल्सी जिला बदायूं में केदारी पृथ्वीराज के घर व खेल मैदान श्मशान घाट का रास्ता है ग्राम पंचायत __बमेड़ ब्लॉक अम्बियापुर_ में सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे आने-जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग है।”2
- बदायूँ के दातागंज में एक नाले का निर्माण हुआ, लेकिन खुदाई से निकली मिट्टी सड़क पर ही छोड़ दी गई है। इस्माइलपुर गांव के लोगों को अब आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह कार्य जिला पंचायत द्वारा एक ठेकेदार से कराया गया था।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पुलिस और जनता के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई। इस दौरान सड़कों पर लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।1
- एक सामाजिक टिप्पणी में कहा गया है कि आज की संतानें अपने माता-पिता से दूर हो रही हैं। इसमें माँ गंगा का उदाहरण देते हुए बच्चों को अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्य निभाने की बात कही गई। यह विचार समाज में रिश्तों के बदलते मायने पर बहस छेड़ रहा है।1
- बदायूं के अंबियापुर ब्लॉक के बमेड़ गांव में सड़क पर लंबे समय से पानी भरा है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। लाखों रुपये का बजट मिलने के बावजूद खेल मैदान तक पहुंचने वाला रास्ता दलदल बना हुआ है। कई शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीण जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।4
- गुरुग्राम के मुस्तकिल इलाकों में अब हल्की बारिश भी जलभराव का कारण बन रही है, जो मानसून तक सीमित नहीं है। 'मिलेनियम सिटी' में अनियोजित विकास ने प्राकृतिक जल निकासी तंत्र को नष्ट कर दिया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी हो रही है।1