बारिश में गरीब का आशियाना ढहा, परिवार बाल-बाल बचा तीन दिन की बारिश के बाद मकान की दीवारें भरभराकर गिरीं, मलबे में फंसा परिवार; घायल हुआ युवक लखीमपुर खीरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने ग्राम खमरिया पंडित निवासी एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक मकान की दीवारें भरभराकर गिर गईं। दीवारों के मलबे में पूरा परिवार फंस गया। मोहल्ले के लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में दुर्गेश कुमार जायसवाल पुत्र मुनीम जायसवाल के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित परिवार की मनोरमा देवी पुत्री पुरुषोत्तम लाल जायसवाल का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि आवास और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए वह काफी समय से ग्राम प्रधान, विधायक और सांसद के यहां चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्के आवास की सुविधा नहीं मिल सकी। बारिश के कारण हालात इतने खराब हो गए कि परिवार के लिए घर में रहना भी मुश्किल हो गया। पीड़िता का कहना है कि मकान की दीवारें गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर है। उनका यह भी दावा है कि पिछले तीन दिनों से घर में चूल्हा नहीं जला और बच्चों को भोजन तक नसीब नहीं हुआ। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चल रही सरकारी आवास एवं राहत योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक आखिर क्यों नहीं पहुंच रहा है। यदि पीड़ित परिवार लंबे समय से आवास के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहा था तो उसकी स्थिति की जांच समय रहते क्यों नहीं हुई? बारिश शुरू होने के बाद जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर क्या व्यवस्था की गई, यह भी जांच का विषय है। मनोरमा देवी ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर परिवार की स्थिति देखने और तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। पीड़िता ने बेहद गंभीर स्थिति में परिवार सहित आत्महत्या करने की बात भी कही है। एक ओर सरकार गरीबों को आवास और आपदा के समय राहत देने की योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर यदि किसी जरूरतमंद परिवार को जर्जर मकान में रहने और मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल जरूरत आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की है। साथ ही प्रशासन को मामले की जांच कर यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि परिवार ने यदि वास्तव में आवास के लिए पूर्व में आवेदन या शिकायतें की थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई हुई। बारिश ने मकान की दीवार गिराई है, लेकिन इस हादसे ने सरकारी व्यवस्था की दीवारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब कागजों में देता है या मौके पर पहुंचकर इस गरीब परिवार की मदद करता है।
बारिश में गरीब का आशियाना ढहा, परिवार बाल-बाल बचा तीन दिन की बारिश के बाद मकान की दीवारें भरभराकर गिरीं, मलबे में फंसा परिवार; घायल हुआ युवक लखीमपुर खीरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने ग्राम खमरिया पंडित निवासी एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक मकान की दीवारें भरभराकर गिर गईं। दीवारों के मलबे में पूरा परिवार फंस गया। मोहल्ले के लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में दुर्गेश कुमार जायसवाल पुत्र मुनीम जायसवाल के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित परिवार की मनोरमा देवी पुत्री पुरुषोत्तम लाल जायसवाल का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि आवास और अन्य सरकारी
सुविधाओं के लिए वह काफी समय से ग्राम प्रधान, विधायक और सांसद के यहां चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्के आवास की सुविधा नहीं मिल सकी। बारिश के कारण हालात इतने खराब हो गए कि परिवार के लिए घर में रहना भी मुश्किल हो गया। पीड़िता का कहना है कि मकान की दीवारें गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर है। उनका यह भी दावा है कि पिछले तीन दिनों से घर में चूल्हा नहीं जला और बच्चों को भोजन तक नसीब नहीं हुआ। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चल रही सरकारी आवास एवं राहत योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक आखिर क्यों नहीं पहुंच रहा है। यदि पीड़ित परिवार लंबे समय से आवास
के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहा था तो उसकी स्थिति की जांच समय रहते क्यों नहीं हुई? बारिश शुरू होने के बाद जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर क्या व्यवस्था की गई, यह भी जांच का विषय है। मनोरमा देवी ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर परिवार की स्थिति देखने और तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। पीड़िता ने बेहद गंभीर स्थिति में परिवार सहित आत्महत्या करने की बात भी कही है। एक ओर सरकार गरीबों को आवास और आपदा के समय राहत देने की योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर यदि
किसी जरूरतमंद परिवार को जर्जर मकान में रहने और मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल जरूरत आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की है। साथ ही प्रशासन को मामले की जांच कर यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि परिवार ने यदि वास्तव में आवास के लिए पूर्व में आवेदन या शिकायतें की थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई हुई। बारिश ने मकान की दीवार गिराई है, लेकिन इस हादसे ने सरकारी व्यवस्था की दीवारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब कागजों में देता है या मौके पर पहुंचकर इस गरीब परिवार की मदद करता है।
- खीरी नगर पंचायत ने अनाउंस किया और बताया कि खीरी में अत्यंत भारी वर्षा, आंधी तूफान, आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं की संभावना है। खीरी नगर पंचायत ने अनाउंस किया और बताया कि खीरी में अत्यंत भारी वर्षा, आंधी तूफान, आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं की संभावना है। अतः सभी नागरिकों से अपील है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलें। खुले स्थानों, पेड़-पौधों, विद्युत खंभों एवं जर्जर भवनों से दूर रहें1
- सड़क पर गिरा विशालकाय शीशम का पेड़, आवागमन हुआ बंद पटिहन से फुलवरिया जाने वाले मार्ग पर पेड़ गिरने से ग्रामीणों को हुई परेशानी पलियाकलां-खीरी। पलिया क्षेत्र में पिछले दो दिनों से तेज हवा के साथ हो रही बारिश के बीच आज शनिवार को पटिहन से फुलवरिया जाने वाले मार्ग पर शीशम का विशालकाय पेड़ अचानक धराशायी हो गया। पेड़ के सड़क पर गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया। पेड़ गिरने से विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिसकी सूचना विद्युत विभाग को दे दी गयी है। शनिवार को बारिश के दौरान तेज हवा चलने के बीच विशालकाय शीशम का पेड़ जड़ समेत सड़क पर गिर गया। पेड़ की डालियां सड़क के काफी हिस्से में फैल जाने के कारण दोपहिया और चौपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। मार्ग बंद होने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सड़क पर पेड़ गिरने के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र पेड़ हटवाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुचारु कराने की मांग की है। विद्युत विभाग के एक्सईएन चमन प्रकाश ने बताया कि पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही बिजली सप्लाई बन्द कर दी गयी है। उनका कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त होने में थोड़ा समय लग सकता है। लाइन ठीक होने के बाद ही क्षेत्र में विद्युतापूर्ति कराना संभव हो सकेगा।2
- साइफन जाम, बीच वाली मस्जिद के पास घरों में घुसा बारिश का पानी मितौली। लगातार बारिश के बाद कस्बे में जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। अमृत सरोवर के समीप बने घरों में पानी भर गया है। साइफन जाम होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से अस्पताल रोड, गुप्ता कालोनी, ब्लाक पास के कई मोहल्लों के लोग परेशान हैं। लोगों ने तत्काल साइफन की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। साइफन जाम, बीच वाली मस्जिद के पास घरों में घुसा बारिश का पानी मितौली। लगातार बारिश के बाद कस्बे में जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। अमृत सरोवर के समीप बने घरों में पानी भर गया है। साइफन जाम होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से अस्पताल रोड, गुप्ता कालोनी, ब्लाक पास के कई मोहल्लों के लोग परेशान हैं। लोगों ने तत्काल साइफन की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।2
- लखीमपुर में 24 घंटे से लगातार बारिश, शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील लगातार हो रही बारिश से लखीमपुर शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रमुख सड़कें पानी में डूबी नजर आ रही हैं, जिससे आमजनजीवन प्रभावित है। बारिश का सबसे ज्यादा असर मजदूर और रोज कमाकर खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते कामकाज प्रभावित होने से रोजी-रोटी का संकट भी बढ़ रहा है।1
- बारिश और तेज हवा से फसलों को नुकसान, बिजली व्यवस्था भी लड़खड़ाई लखीमपुर खीरी। जिले में शुक्रवार को दिन भर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया बनका गांव उचौलिया क्षेत्र में खेतों में खड़ी धान समेत कई फसलें जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को फसल खराब होने, उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। इतना ही नहीं बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, इससे आवागम प्रभावित हो गया। वहीं, बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।जिले में बृहस्पतिवार शाम करीब आठ बजे मौसम बदला। ठंडी हवा चलने के बाद रात करीब 11 बजे बारिश शुरू हुई, जो पूरी रात होती रही। शुक्रवार सुबह थोड़ी देर हल्की रही, लेकिन बाद में फिर से पूरे दिन बारिश का सिलसिला चलता रहा। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश से दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान है। धान की फसल जो गिर गई, एक दो दिन में कोई खास नुकसान नहीं होगा। इससे ज्यादा गिरे रहने पर फसल सड़ने लगेगी। इससे अधिक नुकसान का अनुमान है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, वह 72 घंटों के अंदर टोल फ्री 14447 नंबर पर सूचना दे दें। कंपनी प्रतिनिधि फसल नुकसान का सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देंगी। इस बार जिले के 6400 किसानों ने फसल बीमा कराया है1
- लखीमपुर में भारी बारिश के बाद भी किया गया गणेश विसर्जन भारी संख्या में श्रद्धालु सुबह से हो रही बरसात से स्थानीय निवासी परेशान1
- लगातार बारिश के बीच डीसी रोड पर गिरा विशालकाय पेड़, यातायात हुआ बाधित लखीमपुर में लगातार हो रही बारिश के चलते डीसी रोड पर जिलाधिकारी आवास के निकट एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि पेड़ गिरने के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई। पेड़ गिरने की सूचना के बाद उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।3
- बारिश ने खोली विकास की पोल टेहरा देहात का रास्ता बना कीचड़ का दलदल, दो दिन की लगातार बारिश से बढ़ी दुश्वारियां, स्कूली बच्चों के गिरने से ग्रामीणों में आक्रोश पलिया ग्राम पंचायत के टेहरा देहात में रास्ते की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद रास्ते पर जलभराव और कीचड़ होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। जगह-जगह जमा गंदा पानी और दलदलनुमा कीचड़ के कारण लोगों को रास्ते से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों का भी रोजाना आना-जाना होता है। रास्ते पर अत्यधिक कीचड़ होने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। मौके की वीडियो में रास्ते की बदहाली साफ दिखाई दे रही है। रास्ते पर कीचड़ के साथ जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है और कूड़ा भी जमा है। ग्रामीण आशीष कुमार, रामनिवास, भगौती प्रसाद एवं तोताराम आदि ने बताया कि लंबे समय से रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान न होने के कारण उन लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से रास्ते की तत्काल सफाई, जलनिकासी की व्यवस्था और रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान आवागमन की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।3
- dhaurahara1