अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य समाज संघीवाड़ा प्रांगण में किया गया स्त्रीशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य समाज संघीवाड़ा प्रांगण में किया गया स्त्रीशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन समाजसेविका डॉ कृष्णा कुमारी आर्या एवं अरुणा आर्या के नेतृत्व में आर्य समाज संघीवाड़ा में सशक्त महिला उन्नत समाज संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं स्वामी दयानन्द पीठ प्रभारी डॉ सुमन रानी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रही वही नगरपरिषद की चेयरमैन कमलेश सैनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस संगोष्ठी में आसपास के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही समाजसेवी महिला प्रतिभाओं, बेटियों व माताओं को पटका, शाल, पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया गया वहीं समस्त मातृशक्ति ने कन्या भ्रूणहत्या, दहेज़ प्रथा, बालविवाह और स्त्री अशिक्षा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की शपथ खाई। समाजसेविका डॉ कृष्णा कुमारी आर्या ने उपस्थित जनसमूह को स्त्री सशक्तिकरण की शपथ दिलाई वहीं डॉ सुमन कुमारी ने महिलाओं की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों व कामयाबियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महिलाओं को बिना किसी झिझक व संकोच के आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा की आज महिला को दूसरी महिलाओं के कंधे से कंधे से कन्धा मिलाकर चलने की सख्त जरूरत है और स्त्री सशक्तिकरण की नई परिभाषा लिखने का इतिहास बनाना है। उनके अनुसार महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं और बेटियां धरती से लेकर आसमान तक की ऊँचाइयाँ नाप रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश सैनी ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा की महिलाएं आज के समय में किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं रही हैं। उनके अनुसार बेटियों की सुरक्षा व शिक्षा के लिए अनेक अधिकार और कानून बनाए गए हैं जो उन्हें आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकते हैं इसलिए बेटियों को बेझिझक अपनी पढ़ाई करनी चाहिए और महिलाओं को अपने अधिकारों का पूरा फायदा उठाना चाहिए और समाज को अपना योगदान देना चाहिए। महिलाओं ने इस अवसर पर स्त्री सशक्तिकरण के प्रेरणा गीत गाये वहीं बालिकाओं ने ओजस्वी कविता सुनाई। कार्यक्रम में उपस्थित आर्य समाज से जुड़े सदस्यों ने सर्वसम्मति से महिलाओं को आगे बढ़ाने का समर्थन किया। गोष्ठी में डॉ सुमन रानी, श्रीमती कमलेश सैनी, डॉ कृष्णा कुमारी आर्या, अरुणा आर्या व विद्यादेवी को विशेष मैडल, स्मृति चिन्ह, पटका, पगड़ी, माला पहनाकर सम्मानित किया गया वहीं विविध क्षेत्रों में कार्य कर रही मातृशक्ति सम्मान सूची में समाजसेविका रेणू आर्या, दुर्गाशक्ति कुमकुम जांगड़ा, आर्य समाज प्रधान अरुणा आर्या, विद्यादेवी, सेविका राजबाला, योगाचार्या सरोज कश्यप, पीहू आर्या, महिला उद्यमी सरिता जांगड़ा, गायत्री,वंदना सैनी, महेन्द्रगढ़ आर्य समाज महिला प्रधान कृष्णा देवी, मुकेश, लक्ष्मीदेवी शामिल रही एवं अंशी, खुशबु, भरपाई, गीता, संतरा, बेबी, सुमन, संतोष, माया, चंपा, नानूदेवी, पूनम उपस्थित रही । कार्यक्रम संयोजन में वेदप्रकाश आर्य एवं आर्य समाज की समस्त टीम शामिल रही।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य समाज संघीवाड़ा प्रांगण में किया गया स्त्रीशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य समाज संघीवाड़ा प्रांगण में किया गया स्त्रीशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन समाजसेविका डॉ कृष्णा कुमारी आर्या एवं अरुणा आर्या के नेतृत्व में आर्य समाज संघीवाड़ा में सशक्त महिला उन्नत समाज संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं स्वामी दयानन्द पीठ प्रभारी डॉ सुमन रानी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रही वही नगरपरिषद की चेयरमैन कमलेश सैनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस संगोष्ठी में आसपास के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही समाजसेवी महिला प्रतिभाओं, बेटियों व माताओं को पटका, शाल, पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया गया वहीं समस्त मातृशक्ति ने कन्या भ्रूणहत्या, दहेज़ प्रथा, बालविवाह और स्त्री अशिक्षा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की शपथ खाई। समाजसेविका डॉ कृष्णा कुमारी आर्या ने उपस्थित जनसमूह को स्त्री सशक्तिकरण की शपथ दिलाई वहीं डॉ सुमन कुमारी ने महिलाओं की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों व कामयाबियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महिलाओं को बिना किसी झिझक व संकोच के आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा की आज महिला को दूसरी महिलाओं के कंधे से कंधे से कन्धा मिलाकर चलने की सख्त जरूरत है और स्त्री सशक्तिकरण की नई परिभाषा लिखने का इतिहास बनाना है। उनके अनुसार महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं और बेटियां धरती से लेकर आसमान तक की ऊँचाइयाँ नाप रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश सैनी ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा की महिलाएं आज के समय में किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं रही हैं। उनके अनुसार बेटियों की सुरक्षा व शिक्षा के लिए अनेक अधिकार और कानून बनाए गए हैं जो उन्हें आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकते हैं इसलिए बेटियों को बेझिझक अपनी पढ़ाई करनी चाहिए और महिलाओं को अपने अधिकारों का पूरा फायदा उठाना चाहिए और समाज को अपना योगदान देना चाहिए। महिलाओं ने इस अवसर पर स्त्री सशक्तिकरण के प्रेरणा गीत गाये वहीं बालिकाओं ने ओजस्वी कविता सुनाई। कार्यक्रम में उपस्थित आर्य समाज से जुड़े सदस्यों ने सर्वसम्मति से महिलाओं को आगे बढ़ाने का समर्थन किया। गोष्ठी में डॉ सुमन रानी, श्रीमती कमलेश सैनी, डॉ कृष्णा कुमारी आर्या, अरुणा आर्या व विद्यादेवी को विशेष मैडल, स्मृति चिन्ह, पटका, पगड़ी, माला पहनाकर सम्मानित किया गया वहीं विविध क्षेत्रों में कार्य कर रही मातृशक्ति सम्मान सूची में समाजसेविका रेणू आर्या, दुर्गाशक्ति कुमकुम जांगड़ा, आर्य समाज प्रधान अरुणा आर्या, विद्यादेवी, सेविका राजबाला, योगाचार्या सरोज कश्यप, पीहू आर्या, महिला उद्यमी सरिता जांगड़ा, गायत्री,वंदना सैनी, महेन्द्रगढ़ आर्य समाज महिला प्रधान कृष्णा देवी, मुकेश, लक्ष्मीदेवी शामिल रही एवं अंशी, खुशबु, भरपाई, गीता, संतरा, बेबी, सुमन, संतोष, माया, चंपा, नानूदेवी, पूनम उपस्थित रही । कार्यक्रम संयोजन में वेदप्रकाश आर्य एवं आर्य समाज की समस्त टीम शामिल रही।
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- भिवानी: हरियाणा के मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'पैदल मार्च' आज भिवानी पहुंचा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और मनीषा की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मुख्य बिंदु: न्याय की गुहार: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पैदल यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए लोगों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। प्रशासन को चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने "मनीषा को न्याय दो" और "दोषियों को फांसी दो" के नारे लगाए। स्थानीय समर्थन: भिवानी पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने भी इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया और अपनी एकजुटता प्रकट की। बाजार क्षेत्रों से गुजरते समय भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मनीषा के परिवार वालों का कहना है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस पैदल यात्रा ने शासन के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।1
- मुंडावर उपखंड क्षेत्र के हरियाणा सीमा से सटे गांव रामसिंहपुरा का एक और वीर सपूत देश सेवा करते हुए शहीद हो गया। भारतीय सेना में कार्यरत जवान नितेश कुमार श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए। इस खबर के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार नितेश कुमार 28 दिन की छुट्टी पूरी कर चार दिन पहले ही वापस ड्यूटी पर श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके चचेरे भाई डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि ड्यूटी पर लौटने से पहले नितेश गुलमर्ग स्थित ट्रांजिट कैंप में पहुंचे थे, जो सेना की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। बताया गया कि ट्रांजिट कैंप में पहुंचने के बाद नितेश अपने ससुराल पलावा गांव में 11 मार्च को होने वाली अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी बढ़ाने का प्रार्थना पत्र अधिकारियों को देने पहुंचे थे। इसी दौरान वह सेना के वाहन से साथियों के साथ सफर कर रहे थे। वाहन से उतरते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह फिसलकर सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। ड्यूटी के दौरान हुई इस दुर्घटना में शहीद होने पर सेना द्वारा उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामसिंहपुरा लाया गया। नितेश कुमार वर्ष 2017 में 19 इन्फेंट्री डिवीजन के तहत भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने वर्ष 2015 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने पिता के मार्गदर्शन में सेना में भर्ती होने की तैयारी शुरू की थी। शहीद नितेश कुमार का परिवार भी लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता अभय सिंह वर्ष 2008 में भारतीय सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके बड़े भाई विजय सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेना में तैनात हैं। गांव रामसिंहपुरा के इस वीर सपूत की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर मुंडावर विधायक ललित यादव,जाट महासभा जिला अध्यक्ष अमित धर्मपाल चौधरी, मानका सरपंच गोविंद वाल्मीकि, राजा पंडित, लक्ष्मीकांत मीणा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- भिवानी की बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को समर्थन देने भिवानी पहुँचे युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला1