सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित अंधे कत्लकांड का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जिसके पीछे अवैध प्रेम संबंध और घरेलू विवाद मुख्य कारण बताए गए हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 जून 2026 को ग्राम भरी निवासी रघुनाथ उर्फ सरजू खेवार (38 वर्ष) का शव नेशनल हाईवे-39 किनारे बोल्डर के पीछे संदिग्ध अवस्था में मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद चितरंगी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक का अपनी पत्नी रामकली खेवार से अक्सर विवाद होता था। पुलिस ने जब रामकली से गहन पूछताछ की, तो उसने कई बार बयान बदले, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि रामकली का माड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मलगा निवासी नीरज कुमार साह से प्रेम संबंध था और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होती थी। महिला ने अपने प्रेमी से कहा था कि उसका पति उनके संबंधों में बाधा बन रहा है और उसे रास्ते से हटाना जरूरी है। पुलिस के अनुसार, 19 जून को मृतक रघुनाथ एक शादी समारोह में शामिल होने ग्राम भरी से निकला था। इसी दौरान, प्रेमी नीरज कुमार साह अपने साथी सूरज सिंह गोंड के साथ मौके पर पहुंचा और मृतक को शराब पिलाने के बहाने नेशनल हाईवे-39 के किनारे ले गया। वहाँ दोनों ने मिलकर रघुनाथ के साथ मारपीट की और पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे बोल्डर के पीछे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। बाद में नीरज ने फोन कर रामकली को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नीरज कुमार साह (23 वर्ष) निवासी ग्राम मलगा, थाना माड़ा; सूरज सिंह गोंड (22 वर्ष) निवासी ग्राम मलगा, थाना माड़ा; और रामकली खेवार (30 वर्ष), पत्नी स्व. रघुनाथ उर्फ सरजू खेवार, निवासी ग्राम भरी, थाना चितरंगी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में चितरंगी थाना प्रभारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पूछताछ के आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने दावा किया है कि अंधे कत्ल की इस गुत्थी को महज 72 घंटे के भीतर सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित अंधे कत्लकांड का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जिसके पीछे अवैध प्रेम संबंध और घरेलू विवाद मुख्य कारण बताए गए हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 जून 2026 को ग्राम भरी निवासी रघुनाथ उर्फ सरजू खेवार (38 वर्ष) का शव नेशनल हाईवे-39 किनारे बोल्डर के पीछे संदिग्ध अवस्था में मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद चितरंगी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक का अपनी पत्नी रामकली खेवार से अक्सर विवाद होता था। पुलिस ने जब रामकली से गहन पूछताछ की, तो उसने कई बार बयान बदले, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि रामकली का माड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मलगा निवासी नीरज कुमार साह से प्रेम संबंध था और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होती थी। महिला ने अपने प्रेमी से कहा था कि उसका पति उनके संबंधों में बाधा बन रहा है और उसे रास्ते से हटाना जरूरी है। पुलिस के अनुसार, 19 जून को मृतक रघुनाथ एक शादी समारोह में शामिल होने ग्राम भरी से निकला
था। इसी दौरान, प्रेमी नीरज कुमार साह अपने साथी सूरज सिंह गोंड के साथ मौके पर पहुंचा और मृतक को शराब पिलाने के बहाने नेशनल हाईवे-39 के किनारे ले गया। वहाँ दोनों ने मिलकर रघुनाथ के साथ मारपीट की और पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे बोल्डर के पीछे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। बाद में नीरज ने फोन कर रामकली को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नीरज कुमार साह (23 वर्ष) निवासी ग्राम मलगा, थाना माड़ा; सूरज सिंह गोंड (22 वर्ष) निवासी ग्राम मलगा, थाना माड़ा; और रामकली खेवार (30 वर्ष), पत्नी स्व. रघुनाथ उर्फ सरजू खेवार, निवासी ग्राम भरी, थाना चितरंगी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में चितरंगी थाना प्रभारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पूछताछ के आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने दावा किया है कि अंधे कत्ल की इस गुत्थी को महज 72 घंटे के भीतर सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
- सिंगरौली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से जनता को बचाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 15 दिनों तक चलेगा, जिसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें इन अपराधों से सुरक्षित रखना है।1
- उत्तर प्रदेश के उरई से एक अजब-गजब मामला सामने आया है, जहाँ गर्मी से राहत पाने के लिए स्विमिंग पूल में उतरे एक युवक को अप्रत्याशित “सरप्राइज गेस्ट” का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि नहाते समय एक सांप सीधे युवक के अंडरवियर में जा घुसा, जिससे युवक की घबराहट बढ़ गई। युवक को जब “अंदर कुछ हलचल” महसूस हुई तो उसकी हालत ऐसी हो गई, मानो स्विमिंग पूल नहीं, बल्कि “नागलोक का दरवाजा” खुल गया हो। घबराए युवक के दोस्तों ने हिम्मत दिखाई और सांप को बाहर से काबू में रखते हुए बड़ी सावधानी से उसे बाहर निकाला। गनीमत रही कि “नागराज ने भी समझदारी दिखाई” और युवक को डसने के बजाय सिर्फ डराने का काम किया, जिससे युवक सुरक्षित बच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है और लोग भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह वाकया एक नया सवाल खड़ा कर रहा है कि “अब गर्मी में आदमी ठंडक के लिए स्विमिंग पूल जाए या पहले वहाँ सांपों की एंट्री चेक करे?” लोगों का कहना है कि “गर्मी बड़ी आफत है जी... अब तो पानी में उतरने से पहले पानी का हाल भी पूछना पड़ेगा!”1
- सिंगरौली में आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से, थाना मोरबा पुलिस ने "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक साइबर जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया। यह रैली थाना मोरबा परिसर से शुरू होकर पूरे कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी। रैली के दौरान, पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने और किसी के साथ भी ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा न करने की अपील की। इस पहल से नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। थाना मोरबा पुलिस ने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान का मुख्य लक्ष्य लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ाना और साइबर अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है।1
- सोनभद्र के ओबरा नगर पंचायत अंतर्गत गुलाब तिराहा के गजराज वार्ड नंबर 3 में सार्वजनिक सड़क पर नागेंद्र पांडे द्वारा एक चैंबर का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध निर्माण के संबंध में नगर पंचायत ओबरा और आईजीआरएस को कई बार लिखित आवेदन दिए गए थे, लेकिन नगर पंचायत ओबरा ने इन शिकायतों को केवल ऊपर से मिट्टी और गिट्टी डालकर, फोटो खींचकर 'निस्तारित' कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह चैंबर नगर पंचायत ओबरा, नागेंद्र पांडे और ठेकेदार की मिलीभगत से बनाया गया है। इस कार्रवाई को 'फर्जी निस्तारीकरण' बताते हुए, शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत ओबरा पर सार्वजनिक सड़क पर हुए इस निर्माण के मामले में सही ढंग से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।4
- सोनभद्र के चोपन में मोहर्रम का त्योहार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुक्रवार को बड़े एहतेराम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान झंडा जुलूस और ताजिया निकाली गई, जिसमें गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली। नगर के बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा से छोटी-बड़ी ताजिया आलम के साथ गौरव नगर से होते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मुख्यमार्ग से बैरियर स्थित जामा मस्जिद के पूर्व सदर स्वर्गीय लल्लन कुरैशी के घर तक पहुँचीं। वहाँ से बस स्टैंड होते हुए प्रीतनगर के एस.आर. पेट्रोल पंप से वापस बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा लौटकर सभी ताजियों को रखा गया। इमामबाड़ा में अखाड़ा कमेटी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, जहाँ चेयरमैन उस्मान अली ने उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद, देर शाम सभी ताजियों को इमामबाड़ा से उठाकर ईदगाह पर दफ्न किया गया। जुलूस के दौरान लोगों ने जगह-जगह हैरतअंगेज करतब भी प्रदर्शित किए, और छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक सभी ने हसन-हुसैन के नारे लगाकर कर्बला की दास्तान को याद किया और फूट-फूटकर रोए। इस नेक अवसर पर समाजसेवियों द्वारा नगर में जुलूस के लिए जगह-जगह पानी, शरबत और खिचड़े की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उप जिलाधिकारी विवेक सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता, और कस्बा इंचार्ज राम ज्ञान यादव भारी पुलिस बल के साथ चाक-चौबंद नज़र आए। इस मौके पर चेयरमैन उस्मान अली, जामा मस्जिद के सदर हाजी सरफराज अहमद, नाजिम खान, सेक्रेटरी महफूज आरिफ, हाजी गयासुद्दीन, शाकीब खान, शाहिद हुसैन, नागेंद्र यादव, रियाज अहमद, सभासद सलीम कुरैशी, रिजवान अहमद, ईदू भाई, बरकत अली, उमरान अहमद, नजमुद्दीन इदरीसी, सलीम खान, सोएब अहमद, इस्राइल अहमद, चिराग अली सहित सैकड़ों की संख्या में लोग और पर्दानशीन माँ-बहनें मौजूद रहीं।1
- मजहब-ए-इस्लाम के पहले महीने मोहर्रम की नौवीं तारीख की रात ओबरा नगर में अकीदत, ऐतिहासिक परंपरा और कौमी एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल आठ निर्धारित पारंपरिक स्थलों पर रखी गईं खूबसूरत ताजिया को देर रात पूरे एहतराम के साथ नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। ढोल-ताशे की मातमी धुनों के बीच ये सभी ताजिया मुख्य मार्गों से होते हुए सामूहिक रूप से जामा मस्जिद चौक पर एकत्रित हुईं। यहाँ इस्लामी मान्यताओं के अनुरूप करबला के शहीदों की याद में विशेष दुआख्वानी, फातिहा और मजहबी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गईं, जिसके बाद ताजिया पुनः अपने-अपने स्थानों के लिए रवाना हो गईं। इस बड़े धार्मिक और पारंपरिक आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय नगर पंचायत का पूरा तंत्र पूरी शिद्दत से जुटा रहा। नगर पंचायत द्वारा जुलूस के मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों और सभी आठ ताजिया स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर मार्ग को सुगम बनाया गया। इसके अतिरिक्त, पूरे जुलूस मार्ग और चौक-चौराहों पर भारी मात्रा में चूने का छिड़काव कर स्वच्छता सुनिश्चित की गई, साथ ही रात के समय सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों और अतिरिक्त प्रकाश की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई, जिसकी नगरवासियों ने सराहना की। वहीं, ओबरा पुलिस प्रशासन भी पूरी रात सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीन पर मुस्तैद नजर आया। सभी ताजिया स्थलों और संवेदनशील पॉइंट पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, थाना प्रभारी सदानंद राय, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव तथा ओबरा चौकी प्रभारी सहित पूरी पुलिस टीम ने लगातार क्षेत्र में पैदल गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखी। नौवीं की रात को निकलने वाले इस पारंपरिक जुलूस को देखने के लिए ओबरा नगर में भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे बड़ी तादाद में ताजिया के दीदार के लिए सड़कों के किनारे और छतों पर मौजूद रहे। नगर की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करते हुए हिंदू समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर इस पारंपरिक आयोजन को देखा। जुलूस के दौरान विभिन्न ताजिया कमेटियों के युवाओं ने अखाड़े में लाठी-डंडों और पारंपरिक कलाबाजियों का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जो इमाम हुसैन और उनके साथियों की बहादुरी का प्रतीकात्मक सम्मान है। देर रात जामा मस्जिद पर सामूहिक मिलाप और दुआ के बाद सभी आठ ताजिया गरिमापूर्ण तरीके से अपने-अपने मूल स्थान पर वापस लौटीं, जिसके बाद अब अगले दिन (10वें रोज) अंतिम विदाई का जुलूस निकाला जाएगा।1
- जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब एक अनशन शुरू होने जा रहा है, जिसकी वजह से ‘मोदी सरकार’ बुरी तरह मुश्किल में फंस गई है। ‘कॉकराच जनता पार्टी’ ने इस घटनाक्रम को ‘मोदी सरकार’ के लिए एक गंभीर स्थिति के रूप में उजागर किया है, यह दावा करते हुए कि सरकार अब बुरा फंस गई है।1
- सिंगरौली में एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा मात्र 72 घंटे के भीतर कर दिया गया है, जिसमें मृतक की पत्नी समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस हत्याकांड का कारण प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है, जहाँ पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।1