नवादा के रजौली प्रखंड स्थित हरदिया पंचायत में कोडरमा-तिलैया रेलखंड निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के भारी वाहनों की लापरवाही के कारण फुलवरिया डैम जाने वाली पुलिया ढह गई है। 1980 में बनी यह पुलिया ओवरलोडेड मालवाहक वाहनों के लगातार दबाव के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गई, जिससे हजारों ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया टूटने से उन्हें अब 3 से 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर सफर तय करना पड़ रहा है। इस घटना ने क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और नल-जल योजना को भी ठप कर दिया है। पंप ऑपरेटर पंकज कुमार ने बताया कि पुलिया के पास से ही डैम से सप्लाई मशीन तक जाने वाला मुख्य पाइप गुजरता है, जिसके क्षतिग्रस्त होने से 90 गांवों तक पहुँचने वाली जल परियोजना प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें पेयजल के लिए गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और फसलों की सिंचाई न हो पाने से कृषि कार्य भी संकट में है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने पुष्टि की है कि बीते शुक्रवार की रात रेलवे निर्माण में लगे एक मालवाहक वाहन के गुजरने से पहले पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई और बाद में पूरा ढांचा गिर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, क्षतिग्रस्त पुलिया का अविलंब पुनर्निर्माण कराने और कंपनी से हर्जाना वसूलकर वैकल्पिक सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सिंचाई कार्य को पुनः बहाल करने के लिए विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी व्यवस्था शुरू करेगा।
नवादा के रजौली प्रखंड स्थित हरदिया पंचायत में कोडरमा-तिलैया रेलखंड निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के भारी वाहनों की लापरवाही के कारण फुलवरिया डैम जाने वाली पुलिया ढह गई है। 1980 में बनी यह पुलिया ओवरलोडेड मालवाहक वाहनों के लगातार दबाव के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गई, जिससे हजारों ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया टूटने से उन्हें अब 3 से 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर सफर तय करना पड़ रहा है। इस घटना ने क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और नल-जल योजना को भी ठप कर दिया है। पंप ऑपरेटर पंकज कुमार ने बताया कि पुलिया के पास से ही डैम से सप्लाई मशीन तक जाने वाला मुख्य पाइप गुजरता है, जिसके क्षतिग्रस्त होने से 90 गांवों तक पहुँचने
वाली जल परियोजना प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें पेयजल के लिए गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और फसलों की सिंचाई न हो पाने से कृषि कार्य भी संकट में है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने पुष्टि की है कि बीते शुक्रवार की रात रेलवे निर्माण में लगे एक मालवाहक वाहन के गुजरने से पहले पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई और बाद में पूरा ढांचा गिर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, क्षतिग्रस्त पुलिया का अविलंब पुनर्निर्माण कराने और कंपनी से हर्जाना वसूलकर वैकल्पिक सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सिंचाई कार्य को पुनः बहाल करने के लिए विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी व्यवस्था शुरू करेगा।
- बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर स्थिति बदल चुकी है। पहले जहां राज्य की आम जनता इस शराबबंदी कानून को तोड़ती थी, वहीं अब खुद पुलिस भी इस कानून को तोड़ने लगी है।1
- झारखंड के कोडरमा में मनोज यादव ने कृषि विकास पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास और इसकी उन्नति की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है।1
- कोडरमा के डोमचांच प्रखंड अंतर्गत मसमोहना-महेशपुर मार्ग पर स्थित धुमाडीह-रायडीह के बीच बहने वाली केशो नदी में पत्थर खदान की मिट्टी भरकर उसे पाटने का गंभीर मामला सामने आया है। खदान माफियाओं की इस मनमानी के कारण नदी का स्वरूप लगातार सिकुड़ रहा है और इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कभी 250 फीट की चौड़ाई में बहने वाली केशो नदी में माफिया अवैध रूप से लगातार मिट्टी डाल रहे हैं, जिसके कारण यह नदी अब सिमटकर महज 150 से 200 फीट की चौड़ाई में रह गई है। पुरनाडीह पंचायत के रायडीह निवासी चंद्रदेव दास ने बताया कि नदी के ठीक बगल में उनकी जमीन है और उन्हें डर है कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश होने पर नदी में भरी गई मिट्टी बहकर उनकी खेती योग्य जमीन में चली जाएगी, जिससे फसल और जमीन दोनों बर्बाद हो जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ही खदान माफिया बिना किसी डर के प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नदी पाटने से जल निकासी प्रभावित होगी जिससे बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और नदी से अवैध मिट्टी हटाकर उसके मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग की है।3
- नवादा में एक महिला ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा देने से साफ इनकार कर दिया है। महिला ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे दान पेटी में पैसा नहीं डालेंगी, बल्कि इसके बजाय वे अपना चंदा किसी लंगड़े-लुलहे व्यक्ति को देना पसंद करेंगी।1
- बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को नवादा समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों और प्रखंड स्तरीय कर्मियों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का काम पूरी पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंचायतों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान पंचायत भवनों के निर्माण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित लंबित कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। समीक्षा बैठक के बाद हिसुआ पहुंचने पर मंत्री दीपक प्रकाश का कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही, जिन्होंने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। समर्थकों के बीच अपने संबोधन में मंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव के सर्वांगीण विकास और जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।1
- कोडरमा जिले के डोमचांच में 'द लुक चेंज' प्रोफेशनल हेयर कटिंग सैलून का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस नए प्रतिष्ठान का उद्घाटन शालिनी गुप्ता द्वारा किया गया।1
- कोडरमा में हुए नीरज हाजरा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें यह पूरा मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है। इस हत्याकांड के बाद से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस वारदात से परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया है।1