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जुड़िसीयल आयोग और आरक्षण के अलोक मे जज कि न्युक्ति उचित
आर के शर्मा
जुड़िसीयल आयोग और आरक्षण के अलोक मे जज कि न्युक्ति उचित
More news from बिहार and nearby areas
- आरा मेंटेनस के नाम पर बार बार बिजली कटौती5
- Post by Chintu Tiwari Kavi jee1
- आरा। कोईलवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दौलतपुर हरंगी टोला के समीप अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। राजन इंडेन सेवा गैस गोदाम से कैश कलेक्शन कर घर लौट रहे एक युवक को गोली मारकर बदमाश 50 हजार रुपये से भरा थैला लूटकर फरार हो गए। घटना में घायल युवक की पहचान कोईलवर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी चंद्रकांत सिंह के रूप में हुई है। जख्मी के अनुसार वह हरंगी टोला स्थित राजन इंडेन सेवा गैस गोदाम में वेंडरों से कैश कलेक्शन का कार्य करता है। घटना के वक्त वह गोदाम से नकद राशि एकत्र कर घर जा रहा था। इसी दौरान गोदाम के पूर्व दिशा स्थित बांध के पास दो बाइक पर सवार करीब छह बदमाशों ने उसे घेर लिया और फायरिंग कर दी। गोली चंद्रकांत सिंह के सिर को छूते हुए निकल गई, जिससे उसे मामूली चोट आई है। इसके बाद अपराधी उसके पास मौजूद 50 हजार रुपये से भरा थैला छीनकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल कोईलवर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही कोईलवर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल से पूछताछ करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।2
- भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के गुंडी गांव में मां मैत्रायणी योगिनी सेकेंडरी स्कूल 26 स्थापना दिवस 13 जनवरी 2026 को मनाया सबसे खास बातें है की यह देश के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार कर रहा है यह ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च कोटि का शिक्षा देकर क्षेत्रीय बच्चों को अहम योगदान दे रहा है यह स्कूल सीबीएसई न्यू दिल्ली से प्रमाणित है मां मैत्रायणी योगिनी सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल अनिल कुमार ने अपनी बातें रखी तथा विस्तार पूर्वक से स्कूल के फैसिलिटी के बारे में बताएं1
- biggest branded sale in #ara bhojpur1
- कटिहार की एक घटना, जो बताएगी बिहार की बदहाली का कारण!!1
- आरा। भोजपुर जिले के गंगहर ठाकुरबाड़ी में चोरी हुई है। अज्ञात चोरों ने अष्टधातु से निर्मित चार प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां चोरी कर ली। चोरी की गई मूर्तियों में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं शामिल हैं, यह वारदात रविवार देर रात को अंजाम दी गई। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र की है।सोमवार सुबह जब ठाकुरबाड़ी के महंत गंगा दास नियमित पूजा-पाठ के लिए उठे, तो मंदिर के गर्भगृह से भगवान की मूर्तियां गायब थीं। यह देखकर वे स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची।ठाकुरबाड़ी से अष्टधातु की चार प्राचीन मूर्तियां चोरी:सुबह पूजा को के लिए पहुंचे महंत ने गर्भगृह खाली देखा । भोजपुर SP मिस्टर राज प्रभारी थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार समेत भारी संख्या में पुलिस बल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। महंत गंगा दास ने बताया कि रात में खाना खाकर सो गए थे। सुबह उठने पर मंदिर से चारों मूर्तियां गायब थी। किसने और क्यों चोरी की, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ठाकुरबाड़ी में स्थापित ये मूर्तियां काफी प्राचीन थी। अष्टधातु से बनी होने के कारण इनकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के साथ-साथ भारी आर्थिक मूल्य भी है। गंगहर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय सिंह ने इस घटना को आस्था पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि एक साथ चार अष्टधातु मूर्तियों की चोरी बेहद गंभीर मामला है। अगर पुलिस जल्द मूर्तियों की बरामदगी नहीं करती है, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठाकुरबाड़ी में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे हैं, लेकिन किसी भी दरवाजे पर ताला नहीं लगाया गया था। इस संबंध में भोजपुर SP मिस्टर राज ने बताया कि मूर्ति चोरी की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी व मूर्तियों की बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी।4
- विनोद कुमार सिंह ने बसंत पंचमी गणतंत्र दिवस को लेकर अपने पंचायत वासी एवं क्षेत्रवासी एवं देशवासियों को दी शुभकामनाएं तथा अनेक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी1
- आरा से संजय श्रीवास्तव एम एम महिला कॉलेज, आरा में आई क्यू ए सी के तत्वावधान में नैक की नई सुधार प्रणाली पर आधारित एक दिवसीय व्याख्यान एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें न्यू बाइनरी सिस्टम और मेट्युरिटी बेस्ड ग्रेडड अक्करीडिटेशन सिस्टम के बारे मे विस्तार से बताया गया l कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर नरेंद्र प्रताप पालित ने की। इस कार्यशाला का उद्देश्य नैक की बदली हुई मान्यता प्रणाली के प्रति शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को जागरूक करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गान के साथ हुआ। इसके पश्चात प्राचार्य प्रोफेसर पालित द्वारा मुख्य अतिथि प्रोफेसर कैलाश सी. पटनायक, मुख्य सलाहकार (एच ई आई) एवं सचिव, लोक सेवा संघ, नई दिल्ली को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य प्रोफेसर पालित ने कहा कि वर्तमान समय में नैक का मूल्यांकन व्यवस्था पूरी तरह बदल चुका है। ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक है कि महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी यह समझें कि नई प्रणाली क्या है, इसके लिए हमें किस प्रकार की तैयारी करनी है, किस तरह का क्रियाकलाप का संधारण आवश्यक है तथा कौन-कौन सी प्रक्रियाएँ अपनानी होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है, ताकि सभी को एक स्पष्ट दिशा एवं समझ प्राप्त हो सके।मुख्य वक्ता प्रोफेसर कैलाश सी. पटनायक ने अपने व्याख्यान में भारत में नैक से मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या, भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रकार, वर्चुअल पीयर टीम विज़िट, बाइनरी सिस्टम एवं एम बी जी एल प्रणाली के अंतर को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया। उन्होंने शिक्षक-छात्र अनुपात, सकल नामांकन अनुपात , प्रवेश एवं उत्तीर्ण छात्रों के अनुपात जैसे महत्वपूर्ण नैक संकेतकों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थागत विकास कार्यक्रम (आई डी पी), महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की सेल की भूमिका तथा पर्यावरण ऑडिट, जेंडर सेंसटाइजेशन, ग्रीन ऑडिट, अकादमिक एवं प्रशासनिक ऑडिट, ऊर्जा ऑडिट, आई सी टी एवं डेटा सुरक्षा ऑडिट के महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली , बौद्धिक संपदा अधिकार , शिक्षकों की परामर्श, शोध एवं विकास गतिविधियों में भागीदारी तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वेलनेस क्लब की स्थापना पर भी बल दिया।इस अवसर पर लोक सेवा संघ, नई दिल्ली के तकनीकी सलाहकार एस. एम. नयाब ने आई सी टी टूल्स एवं आई सी टी सक्षम संस्थागत प्रणाली के विषय में जानकारी देते हुए तकनीक के प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन आई क्यू ए सी समन्वयक डॉक्टर विजयश्री ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए यह आशा व्यक्त की कि प्रोफेसर पटनायक का मार्गदर्शन नैक मान्यता प्राप्त होने तक महाविद्यालय को निरंतर मिलता रहेगा तथा उनके द्वारा दिए गए सुझावों को शीघ्र ही महाविद्यालय की कार्यप्रणाली में लागू किया जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।1