भोपाल के बैडमिंटन हॉल में 20 और 21 जून को आयोजित सेंटर इंडिया कराटे चैंपियनशिप 2026 में टिमरनी कराटे क्लास के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खिलाड़ियों ने 10 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक सहित कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिसके परिणामस्वरूप टीम को ऑल ओवर चैंपियनशिप ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया। इस शानदार उपलब्धि से टिमरनी और हरदा जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन हुआ है। प्रतियोगिता में आरती सांख्ले (-60 किग्रा), अर्पण सांख्ले (-60 किग्रा), अनिकेत भोरे (-45 किग्रा), पर्थ (-30 किग्रा), लाविका भिलाला (-20 किग्रा), वैष्णवी रोहरे (-30 किग्रा), टिया खरे (-40 किग्रा), कृतिका भोरे (-45 किग्रा), साक्षी जिंजोरे (-35 किग्रा) और मोहित नगर (-35 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। सानिध्य तिवारी (-25 किग्रा) ने कुमिते में स्वर्ण और काता में रजत पदक हासिल करके एक विशेष उपलब्धि दर्ज की। अक्षत उमरिया (-35 किग्रा) को रजत पदक मिला, जबकि राघव (-35 किग्रा), अजय (-50 किग्रा) और रानी सनोरिया (-45 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते। कराटे प्रशिक्षक रितेश तिवारी ने बताया कि खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने मोना खरे और अर्पण सांख्ले के विशेष योगदान को भी रेखांकित किया, जिन्होंने खिलाड़ियों का लगातार मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया। टीम के टिमरनी पहुंचने पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें मिठाई बांटी गई, आतिशबाजी की गई और ढोल-ताशों के साथ विजय जुलूस निकाला गया। नगर में जगह-जगह खिलाड़ियों का अभिनंदन कर उन्हें बधाई दी गई। इस अवसर पर तिनका सामाजिक संस्था की सचिव मना मंडलेकर ने सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने खिलाड़ियों के माता-पिता का विशेष धन्यवाद किया, जिनके सहयोग और विश्वास से बच्चे खेलों में आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही, संस्था से जुड़े दानदाताओं, शुभचिंतकों और मार्गदर्शकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिल रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और नागरिकों ने भी खिलाड़ियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की है और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की है।
भोपाल के बैडमिंटन हॉल में 20 और 21 जून को आयोजित सेंटर इंडिया कराटे चैंपियनशिप 2026 में टिमरनी कराटे क्लास के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खिलाड़ियों ने 10 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक सहित कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिसके परिणामस्वरूप टीम को ऑल ओवर चैंपियनशिप ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया। इस शानदार उपलब्धि से टिमरनी और हरदा जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन हुआ है। प्रतियोगिता में आरती सांख्ले (-60 किग्रा), अर्पण सांख्ले (-60 किग्रा), अनिकेत भोरे (-45 किग्रा), पर्थ (-30
किग्रा), लाविका भिलाला (-20 किग्रा), वैष्णवी रोहरे (-30 किग्रा), टिया खरे (-40 किग्रा), कृतिका भोरे (-45 किग्रा), साक्षी जिंजोरे (-35 किग्रा) और मोहित नगर (-35 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। सानिध्य तिवारी (-25 किग्रा) ने कुमिते में स्वर्ण और काता में रजत पदक हासिल करके एक विशेष उपलब्धि दर्ज की। अक्षत उमरिया (-35 किग्रा) को रजत पदक मिला, जबकि राघव (-35 किग्रा), अजय (-50 किग्रा) और रानी सनोरिया (-45 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते। कराटे प्रशिक्षक रितेश तिवारी ने बताया कि खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास,
अनुशासन और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने मोना खरे और अर्पण सांख्ले के विशेष योगदान को भी रेखांकित किया, जिन्होंने खिलाड़ियों का लगातार मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया। टीम के टिमरनी पहुंचने पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें मिठाई बांटी गई, आतिशबाजी की गई और ढोल-ताशों के साथ विजय जुलूस निकाला गया। नगर में जगह-जगह खिलाड़ियों का अभिनंदन कर उन्हें बधाई दी गई। इस अवसर पर तिनका सामाजिक संस्था की सचिव मना मंडलेकर ने सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए इसे पूरे
क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने खिलाड़ियों के माता-पिता का विशेष धन्यवाद किया, जिनके सहयोग और विश्वास से बच्चे खेलों में आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही, संस्था से जुड़े दानदाताओं, शुभचिंतकों और मार्गदर्शकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिल रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और नागरिकों ने भी खिलाड़ियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की है और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की है।
- मध्य प्रदेश के इटारसी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सड़क निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान ब्रिटिश शासन काल के प्राचीन सिक्के मिलने लगे। इटारसी के केसला ब्लॉक में हुई इस घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को मिली, वहाँ सिक्कों को बटोरने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों में इन नायाब सिक्कों को जमीन से ढूंढने की होड़ लग गई, जिससे मौके पर लूट जैसा माहौल बन गया।1
- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने वरिष्ठ पार्षद और कांग्रेस नेता हिफाज़ुर्रहमान भैय्या मियां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास पर पहुंचे, जो नगर के किले में स्थित है। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने भैय्या मियां के साथ अपने पुराने संबंध को याद करते हुए बताया कि वह उन्हें तब से जानते हैं जब वे अर्जुन सिंह जी के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। उन्होंने भैय्या मियां को एक सुलझा हुआ और अच्छा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल थे। शोक सभा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह मेमदाखेड़ी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ सिंह, जो पूर्व भूमि विकास बैंक संचालक हैं, ने किया। इस दौरान सामूहिक श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।1
- थाना भैरुंदा पुलिस ने ₹17 लाख की धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के एक मामले में शातिर आरोपी संजय मीना को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ितों से यह बड़ी रकम ऐंठ ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने इस मामले में ₹7 लाख नकद बरामद किए हैं, साथ ही आरोपी के बैंक खाते में जमा ₹2.15 लाख की राशि को भी फ्रीज़ कर दिया है। धोखाधड़ी की गई रकम से खरीदा गया एक iPhone 17 Pro समेत कुल दो मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल ₹11 लाख का मशरूका बरामद किया गया है।1
- भैंसदेही के ग्राम जूनापानी में एक युवक आकाश मरकाम की हत्या के मामले में भैंसदेही पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पानी पिलाने की बात पर हुए विवाद में हुई इस हत्या की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर थाना भैंसदेही पुलिस द्वारा की गई। पूरा मामला 21 जून का है, जब फरियादी प्रवीण मरकाम अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ बेटे विशाल की ससुराल जूनापानी बहू को लेने गए थे। इसी दौरान पानी पिलाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जो जल्द ही गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश पिता प्रवीण मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। थाना भैंसदेही ने पहले मारपीट का केस दर्ज किया था, लेकिन आकाश की मौत के बाद मर्ग कायम कर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या का इजाफा किया गया। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूसे और एसडीओपी भैंसदेही भूपेंद्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर के नेतृत्व में एक टीम ने जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों सुनील पिता बुद्धु वाडिवा (उम्र 47), अनिल पिता बुध्देसिंह वाडिवा (उम्र 40), और शिवम पिता सुनील वाडिवा (उम्र 21), सभी निवासी ग्राम जूनापानी, थाना भैंसदेही, जिला बैतूल को गिरफ्तार कर लिया। इस त्वरित खुलासे में निरीक्षक राजेश सातनकर, उप निरीक्षक आशीष कुमरे, उप निरीक्षक जयवंती श्रवणकर, प्रधान आरक्षक पंजाबराव परते, आरक्षक नारायण जाट, मनोज, तनवीर, सोनू कुमार, सुनील इवनाती, नरेन्द्र और महिला आरक्षक जिया की विशेष भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे पारिवारिक या आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें, बल्कि ऐसी स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस या प्रशासन की मदद लें। किसी भी आपराधिक घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या डायल 112 पर देने की बात भी कही गई है।2
- महेश जयंती के पावन अवसर पर मंगलवार को आष्टा में माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान भगवान श्री महेश की एक भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के सदस्य, महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। महोत्सव का शुभारंभ सुबह 7 बजे साहू मैरिज गार्डन, आष्टा में समाज के लोकेंद्र धारवां और प्रीति धारवां द्वारा की गई पूजा-अर्चना से हुआ। भगवान श्री महेश के अभिषेक और पूजन के बाद सुबह 8 बजे समाजजनों ने सामूहिक स्वल्पाहार ग्रहण किया। सुबह 9 बजे साहू मैरिज गार्डन से भगवान महेश की शोभायात्रा शुरू हुई, जो नगर के विभिन्न रास्तों से गुजरती हुई वापस आयोजन स्थल पर पहुंची। शोभायात्रा में भगवान महेश की आकर्षक झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। समाज के युवक-युवतियां धार्मिक ध्वज लिए चल रहे थे, जबकि महिलाएं मंगल गीत और भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया, और श्रद्धालुओं के भगवान महेश के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। भगवान महेश के सुसज्जित रथ के लाभार्थी समाज के वरिष्ठ सदस्य शिवचरण बजाज रहे। माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि महेश नवमी समाज के आराध्य भगवान महेश के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिवस समाज में एकता, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया और युवाओं को समाज की परंपराओं तथा मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया गया। शोभायात्रा के समापन के बाद दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक साहू मैरिज गार्डन, सेमनरी रोड पर सामूहिक सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लेकर प्रसादी ग्रहण की। पूरे आयोजन का संचालन और समस्त व्यवस्थाएं माहेश्वरी सभा स्थानीय समिति, आष्टा द्वारा की गईं। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जिससे महेश नवमी महोत्सव एक यादगार आयोजन बन गया।1
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में जादू-टोने के अंधविश्वास के चलते एक 12 वर्षीय नाबालिग अंकुश आहके की निर्मम हत्या कर दी गई है। मुलताई पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 को ताईखेड़ा निवासी संगीता आहके ने थाना मुलताई में अपने 12 वर्षीय बेटे अंकुश आहके की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जो दिनांक 20 जून 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे से लापता था। फरियादिया ने बताया था कि गांव के ही सुदामा पिता मोहन इनवाती उसके बेटे को खेलने के बहाने अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी मुलताई श्री शिव कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मुलताई श्री विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर बालक की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान संदेही सुदामा पिता मोहन इनवाती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराने पर सुदामा ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर अंकुश आहके की हत्या कर दी है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें अंधविश्वास और जादू-टोने का शक था, इसी के चलते उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से अंकुश को घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर और रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को बोरी में बांधकर ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले में फेंक दिया था। आरोपी सुदामा इनवाती की निशानदेही पर दूसरे आरोपी राकेश उइके को भी हिरासत में लिया गया, जिसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए शव छिपाने की जगह की जानकारी दी। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने ग्राम सालईढाना के जंगल में नाले से बोरी में बंधा शव बरामद किया, जिसकी पहचान मृतक अंकुश आहके के रूप में परिजनों ने की। इस मामले में थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 524/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, जिसमें हत्या के साक्ष्य मिलने पर धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस का इजाफा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुदामा पिता मोहन इनवाती (उम्र 18 वर्ष 3 माह) और राकेश पिता रमेश उइके (उम्र 36 वर्ष), दोनों निवासी ताईखेड़ा, थाना मुलताई शामिल हैं। इन दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, जादू-टोना या अफवाहों पर विश्वास न करें, क्योंकि ऐसे अंधविश्वास समाज के लिए घातक होते हैं और कई बार निर्दोष लोगों की जान ले लेते हैं। उन्होंने किसी भी शंका या समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लेने और तत्काल पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने समाज में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और कानून के प्रति विश्वास को ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।4
- बैतूल जिले में एक ऐसा गांव सामने आया है, जहाँ तक पहुँचने के लिए न तो कोई सड़क है और न ही वहाँ बिजली की सुविधा उपलब्ध है।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक तीन मंजिला इमारत में सोमवार (22 जून 2026) दोपहर को लगी भीषण आग से 15 मासूम विद्यार्थियों की असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। यह हृदयविदारक हादसा इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रहे एक लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में शार्ट सर्किट के कारण हुआ, जहाँ आग तेजी से फैल गई। इस दुःखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹50,000 की त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए हैं। यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा की गई है।1