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प्रीत सिरोही को मुस्लिम समुदाय की ओर से जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें उन लोगों द्वारा दी गई है जो उनके खिलाफ बोल रहे हैं, क्योंकि प्रीत सिरोही कथित तौर पर अवैध मस्जिदों, दरगाहों और वक्फ की संपत्ति पर हुए कब्जों के खिलाफ काम कर रहे हैं। पोस्ट में बताया गया है कि यह कार्य वास्तव में सरकार को करना चाहिए था, लेकिन प्रीत सिरोही तथ्यों को उजागर कर सरकार की आँखें खोल रहे हैं। इसी कारण, अब कुछ लोग उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं।
Ravi Kashyap
प्रीत सिरोही को मुस्लिम समुदाय की ओर से जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें उन लोगों द्वारा दी गई है जो उनके खिलाफ बोल रहे हैं, क्योंकि प्रीत सिरोही कथित तौर पर अवैध मस्जिदों, दरगाहों और वक्फ की संपत्ति पर हुए कब्जों के खिलाफ काम कर रहे हैं। पोस्ट में बताया गया है कि यह कार्य वास्तव में सरकार को करना चाहिए था, लेकिन प्रीत सिरोही तथ्यों को उजागर कर सरकार की आँखें खोल रहे हैं। इसी कारण, अब कुछ लोग उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं।
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- राज्य में पुलिस ने एक कार्रवाई के तहत अचानक एक ट्रक को बीच सड़क पर रोककर उसकी तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान, पुलिस को ट्रक के अंदर बने एक गुप्त तहखाने से ₹50 लाख रुपये की बड़ी नकदी मिली है। अब पुलिस इस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है।1
- खड़कपुर गंगा पट्टी में निजी ज़मीन पर बनाए गए एक सरकारी नाले के निर्माण में भ्रष्टाचार का संकेत मिला है। यह नाला बहादुरपुर प्रखंड की हरपति पंचायत के गंगा पट्टी गांव में महावीर स्थान से लेकर घर तक बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस नाले का निर्माण सड़क से उठाया गया है और इसमें कोई नीचे का बेस नहीं बनाया गया है; इसे सीधे 'कारंजा' से उठाया गया है। निर्माण की इस गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि इस तरह का नाला कब तक टिकाऊ रहेगा।1
- पोस्ट में इस बात पर गहरा सवाल उठाया गया है कि यह कैसा इंसाफ है जब कोई सच्चाई दिखा रहा हो और उस पर पर्दा डाला जा रहा हो। सवाल यह भी उठाया गया है कि किसी एक की वीडियो बंद करवा देने से क्या होगा, क्योंकि क्या बाकी जनता अंधी या बहरी है, जो कुछ भी नहीं समझती? पोस्ट के अनुसार, यह सब देखकर ऐसा लगता है कि अब बस यही देखना बाकी रह गया था, जिसका सीधा मतलब यह है कि सही का साथ मत दो और झूठ पर ही ज़िंदा रहो।1
- असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित हो गया है, जिसके बाद राज्य में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इस नए कानून के तहत, द्विविवाह या बहुविवाह करने पर सात साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही, जानबूझकर 60 दिनों के भीतर शादी या तलाक का पंजीकरण न कराने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने का भी नियम बनाया गया है। यूसीसी के अंतर्गत, लिव-इन रिलेशनशिप और शादी की उम्र को लेकर भी कई परिवर्तन किए गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस कानून का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को अधिक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना बताया है। हालांकि, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी समेत कई मुस्लिम नेताओं ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है। ओवैसी ने यूसीसी विधेयक की आलोचना करते हुए इसे मुसलमानों पर हिंदू कानून थोपने का "परोक्ष प्रयास" करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि इसके माध्यम से उत्तराधिकार, विरासत और तलाक जैसे मामलों में हिंदू सिद्धांतों को थोपा जा रहा है।1
- सामने आई जानकारी के अनुसार, दिन के समय रेकी की जाती थी और फिर रात में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। इन घटनाओं में चोरी किए गए माल को ठिकाने लगाने का काम महिलाएं करती थीं।1
- गुरुवार का दिन कर्नाटक की राजनीति में बड़े सियासी उलटफेर वाला हो सकता है, क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। राजधानी बेंगलुरु में मिलीजुली हलचल देखने को मिल रही है, जहाँ एक ओर सिद्धारमैया के समर्थक हैं तो दूसरी ओर डीके शिवकुमार के समर्थक उनकी संभावित ताजपोशी की तैयारियों में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया दोपहर करीब 3 बजे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि सुबह 11 बजे इस्तीफा देने की चर्चा थी, लेकिन बाद में पता चला कि राज्यपाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं, जिसके बाद राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। इसी बीच, सिद्धारमैया ने अपने आवास पर कैबिनेट मंत्रियों की एक अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी बेंगलुरु पहुँच गए और मुख्यमंत्री आवास पर सिद्धारमैया से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर एकजुटता का संदेश दिया। भावुक माहौल के बीच डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, और बैठक के दौरान उनकी आँखें नम हो गईं। नाश्ते की इस बैठक में इडली, वड़ा और चौ-चौ बाथ परोसा गया, लेकिन राजनीतिक संदेश को ज्यादा अहम माना गया। उधर, डीके शिवकुमार के आवास के बाहर भी हलचल बढ़ गई है, जहाँ बैरिकेडिंग की जा रही है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंप सकता है। कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा चल रही थी, और माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने सत्ता संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बदलाव का यह फैसला किया है। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है, और पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, सभी को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अगले कदम का इंतजार है।4
- दिल्ली के निवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के आगमन के साथ, लोगों ने इस बदले हुए मौसम का जमकर आनंद लिया।1
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