अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर आएं - औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बरठीं में स्थापित किया गया है सेंटर - 15 मार्च तक संपर्क कर सकते हैं पात्र अभ्यर्थी, ले सकते हैं लाखों का ऋण - प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर में लाभार्थी का पंजीकरण होना अनिवार्य अगर आप युवा हैं और अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा संजोये हुए हैं तो आपका इंतजार खत्म हो गया है। आप अपना व्यवसाय शुरू करने को लेकर प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं में इस सेंटर को स्थापित किया गया है। इस सेंटर में लाभार्थी का पंजीकरण होना अनिवार्य है। इस सेंटर को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं को स्थानीय युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है। ताकि युवाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। प्रदेश सरकार द्वारा रीजनल सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट चंडीगढ़ (आरसीइडी) के सहयोग से एक विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में आरसीईडी चंडीगढ़ एवं राजकीय आईटीआई बरठीं द्वारा संयुक्त रूप से कार्यशालाएं एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 15 मार्च तक राजकीय आईटीआई बरठीं परिसर में बूट कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस बूट कैंप का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन के नामांकित करना है। ताकि वे अपने उद्यमिता सफर की शुरुआत कर सकें। जोकि युवक-युवती विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) अथवा सेवा क्षेत्र में अपना व्यवसाय प्रारंभ करना चाहते हैं, वे 15 मार्च तक प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर राजकीय आईटीआई बरठीं में संपर्क कर सकते हैं। उधर, प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर बरठीं के नोडल अधिकारी अरूण शर्मा का कहना है कि इच्छुक अभ्यर्थियों को पीएमईजीपी पोर्टल पर ऋण आवेदन के लिए पंजीकरण, परियोजना प्रतिवेदन (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने तथा आवेदन प्रक्रिया के अनुवर्ती कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। इसके लिए पात्र अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने पात्र अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि निर्धारित तिथि तक अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में प्रात: सुबह नौ बजे से सायं पांच बजे तक नोडल अधिकारी से दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, बैंक विवरण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हों) उद्यमिता प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि परियोजना लागत 2 लाख से अधिक हो)। बॉक्स: ब्यूटीशियन, एल्म्यूनियम फिटिंग, साईन बोर्ड लगाने सहित अन्य स्टार्टअप शुरू करना चाहता है तो अपना पंजीकरण करवा सकता है। सरकार की ओर से स्टार्टअप योजना के तहत सरकार की ओर से 50 लाख तक ऋण की सुविधा लाभार्थी को प्रदान की जाएगी। सर्विस सैक्टर में अपना रोजगार शुरू करने वालों के लिए 20 लाख ऋण सुविधा मिलेगी। यही नहीं साथ ही इसमें 15 फीसदी से 35 फीसदी सब्सिडी मुहैया करवाई जाएगी। इस सेंटर से चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को बाद में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। बॉक्स: आईटीआई बरठीं में प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेंटर में लाभार्थी 15 मार्च तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। अपना व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के लिए एक बेहतर मौका है। इस सेंटर के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थी को मुहैया करवाया जाएगा। सचिन शर्मा, प्रधानाचार्य, आईटीआई बरठीं
अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर आएं - औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बरठीं में स्थापित किया गया है सेंटर - 15 मार्च तक संपर्क कर सकते हैं पात्र अभ्यर्थी, ले सकते हैं लाखों का ऋण - प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर में लाभार्थी का पंजीकरण होना अनिवार्य अगर आप युवा हैं और अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा संजोये हुए हैं तो आपका इंतजार खत्म हो गया है। आप अपना व्यवसाय शुरू करने को लेकर प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं में इस सेंटर को स्थापित किया गया है। इस सेंटर में लाभार्थी का पंजीकरण होना अनिवार्य है। इस सेंटर को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं को स्थानीय युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है। ताकि युवाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। प्रदेश सरकार द्वारा रीजनल सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट चंडीगढ़ (आरसीइडी) के सहयोग से एक विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में आरसीईडी चंडीगढ़ एवं राजकीय आईटीआई बरठीं द्वारा संयुक्त रूप से कार्यशालाएं एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 15 मार्च तक राजकीय आईटीआई बरठीं परिसर में बूट कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस बूट कैंप का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन के नामांकित करना है। ताकि वे अपने उद्यमिता सफर की शुरुआत कर सकें। जोकि युवक-युवती विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) अथवा सेवा क्षेत्र में अपना व्यवसाय प्रारंभ करना चाहते हैं, वे 15 मार्च तक प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर राजकीय आईटीआई बरठीं में संपर्क कर सकते हैं। उधर, प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर बरठीं के नोडल अधिकारी अरूण शर्मा का कहना है कि इच्छुक अभ्यर्थियों को पीएमईजीपी पोर्टल पर ऋण आवेदन के लिए पंजीकरण, परियोजना प्रतिवेदन (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने तथा आवेदन प्रक्रिया के अनुवर्ती कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। इसके लिए पात्र अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने पात्र अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि निर्धारित तिथि तक अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में प्रात: सुबह नौ बजे से सायं पांच बजे तक नोडल अधिकारी से दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, बैंक विवरण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हों) उद्यमिता प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि परियोजना लागत 2 लाख से अधिक हो)। बॉक्स: ब्यूटीशियन, एल्म्यूनियम फिटिंग, साईन बोर्ड लगाने सहित अन्य स्टार्टअप शुरू करना चाहता है तो अपना पंजीकरण करवा सकता है। सरकार की ओर से स्टार्टअप योजना के तहत सरकार की ओर से 50 लाख तक ऋण की सुविधा लाभार्थी को प्रदान की जाएगी। सर्विस सैक्टर में अपना रोजगार शुरू करने वालों के लिए 20 लाख ऋण सुविधा मिलेगी। यही नहीं साथ ही इसमें 15 फीसदी से 35 फीसदी सब्सिडी मुहैया करवाई जाएगी। इस सेंटर से चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को बाद में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। बॉक्स: आईटीआई बरठीं में प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेंटर में लाभार्थी 15 मार्च तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। अपना व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के लिए एक बेहतर मौका है। इस सेंटर के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थी को मुहैया करवाया जाएगा। सचिन शर्मा, प्रधानाचार्य, आईटीआई बरठीं
- राजकीय आईटीआई बरठीं के इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय के ट्रेनीज ने अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स कंदरौर जिला बिलासपुर में एक दिवसीय प्लांट विजिट किया। जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजर श्री जितेंद्र ठाकुर जी ने प्लांट के अंदर बनने वाले विभिन्न प्रकार के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें की इंसुलेटर लाइटनिंग अरेस्टर सी टी पी टी स्विचगियर जिओ स्विच इत्यादि के बारे में विस्तृत तरीके से बताया और ट्रेनीज को इस विजिट के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला इसमें संस्थान के अनुदेशक राजेश कुमार व अरुण शर्मा ट्रेनीज के साथ उपस्थित रहे और इस भ्रमण के लिए अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स की तरफ से अनुमति देने के लिए संस्थान के प्रधानाचार्य सचिन शर्मा जी ने उनका आभार व्यक्त किया1
- Post by Dinesh Kumar1
- राज्य के मुख्यमंत्री सुखबिंदर सुक्खू के 13 मार्च के कुटलैहड़ के एक दिवसीय को लेकर तैयारियां हुईं तेज बंगाणा में विधायक विवेक शर्मा ने सभी अधिकारियों के साथ की बैठक, संबंधित अधिकारियों को आदेश बंगाणा, प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखबिंदर सिंह के 13 मार्च को प्रस्तावित एक दिवसीय कुटलैहड़ प्रवास को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने बंगाणा में उपमंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उपमंडलाधिकारी (नागरिक) सोनू गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने मुख्यमंत्री सुक्खू के प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखबिंदर सिंह के कुटलैहड़ दौरे के दौरान उपमंडल बंगाणा के सभी विभागों की ओर से विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याण कारी योजनाओं और क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर विभाग अपनी-अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और चल रहे विकास कार्यों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करे, ताकि आम जनता को भी सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ और जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू के दौरे के दौरान कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के शिलान्यास भी प्रस्तावित हैं। इनमें लगभग 15 करोड़ रुपये की तर्कवाल पेयजल योजना प्रमुख है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर और स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से बंगाणा नगर पंचायत के लिए प्रस्तावित दूसरे चरण की सीवरेज योजना का भी शिलान्यास किया जाएगा, जिससे नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इन दोनों बड़ी योजनाओं के अलावा भी आधा दर्जन अन्य करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के शिलान्यास मुख्यमंत्री के हाथों करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी-अपनी परियोजनाओं से संबंधित पूरी जानकारी और प्रस्ताव समय पर तैयार रखें। बैठक में विधायक विवेक शर्मा ने कुटलैहड़ विधान सभा क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों को भी उनके समक्ष रखा जाएगा। इनमें सड़कों के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र में सब जज कोर्ट और डीएसपी हेडक्वार्टर की स्थापना जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इन घोषणाओं के पूरा होने से कुटलैहड़ क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखबिंदर सुक्खू के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। कार्यक्रम स्थल, बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। बैठक में विधायक विवेक शर्मा ने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारी बंगाणा रोहित चौधरी को आदेश दिए कि मुख्यमंत्री सुखबिंदर सुक्खू के कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखबिंदर सुक्खू का कुटलैहड़ दौरा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरे से जहां कई विकास योजनाओं को गति मिलेगी, वहीं क्षेत्र की लंबित मांगों को भी पूरा करवाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। यह रहे मौजूद इस मौके पर एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल खंड बिकास अधिकारी के एल वर्मा रेंज ऑफिसर अंकुश आनंद खुरवाई रेंज ऑफिसर संदीप कुमार, एक्सिन लोकनिवि एक्सिन जल शक्ति हरभजन सिंह, वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ राजेश कुमार जंगा,कृषि अधिकारी सतपाल धीमान प्रदेश कांग्रेस सचिव देसराज मोदगिल कमेटी अध्यक्ष राम आसरा शर्मा,जिला पार्षद सत्या देवी दिनेश खत्री जेडी आर्य विपिन साजन सुदेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।1
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- अनुराग शर्मा को कांग्रेस पार्टी की ओर से कागड़ा राज्यसभा सीट से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया। और आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिव द्वारा जो की इस चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए थे उनके द्वारा राज्यसभा सांसद नियुक्ति पत्र दिया गया।2
- हमीरपुर, हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव चरचेड़ी के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और एडीसी अभिषेक गर्ग से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी से अवगत करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए जाने वाली एम्बुलेंस रोड को एक व्यक्ति द्वारा बंद कर दिया गया है, जिससे गांव के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण हमीरपुर में एडीसी अभिषेक गर्ग से मिले और जल्द समाधान की मांग उठाई। वहीं गांव चरचेड़ी के निवासी शशि पाल ने बताया कि यह एम्बुलेंस रोड करीब 25 वर्षों से बना हुआ है और गांव के लोग लंबे समय से इसी रास्ते का उपयोग करते आ रहे हैं। लेकिन अब एक व्यक्ति ने इस सड़क को बंद कर दिया है और वह दावा कर रहा है कि यह जमीन उसकी निजी भूमि है। शशि पाल ने कहा कि सड़क बंद होने से गांव के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है, खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में एडीसी हमीरपुर अभिषेक गर्ग से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया गया है। एडीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बड़सर को इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि समस्या का जल्द समाधान किया जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके। वहीं गांव की स्थानीय महिला सविता शर्मा ने बताया कि सड़क बंद होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना पड़े तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के बंद होने से गांव के लगभग 15 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जल्द जांच कर सड़क को खुलवाया जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और एम्बुलेंस सहित अन्य जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।1
- Post by Dinesh Kumar1