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रीवा में रेलवे निरीक्षण के दौरान डीआरएम को कई विभागों में गंभीर खामियां मिलीं। इन गड़बड़ियों के सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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रीवा में रेलवे निरीक्षण के दौरान डीआरएम को कई विभागों में गंभीर खामियां मिलीं। इन गड़बड़ियों के सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- रीवा में चालक की लापरवाही से तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना सिंधी कैंप कॉलोनी के पास CCTV में कैद हुई है। फुटेज में चालक की गंभीर लापरवाही साफ देखी जा सकती है।1
- Post by NANDLAL1
- सतना के रामपुर बाघेलान में पिकअप और बाइक की जोरदार टक्कर से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रीवा जिले के परौहा गांव का निवासी बताया जा रहा है, जबकि उसका साला गंभीर रूप से घायल है। घायल का इलाज संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है।1
- जनपद सदस्य प्रदीप चौरसिया का जन्मदिन बेला में समर्थकों ने बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्हें श्रीफल और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसमें कई गणमान्य लोग शामिल हुए। शुभचिंतकों ने उनकी जनसेवा के लिए दीर्घायु की कामना की।4
- *रीवा में नायक अवतार में दिखे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी कड़े तेवरों से प्रशासनिक अमले में हड़कंप,जनता ने सराहा* *♦️रीवा : खास समाचार* रीवा जिले की कमान संभालते ही नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के तेवरों ने जिले भर में तहलका मचा दिया है।पदभार ग्रहण करने के बाद से ही कलेक्टर सूर्यवंशी जिस शैली में कार्य कर रहे हैं,उसे देख जिले की जनता उनकी तुलना चर्चित फिल्म नायक के मुख्य किरदार से कर रही है।औचक निरीक्षण, मौके पर ही निलंबन और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी देने की उनकी कार्यप्रणाली ने भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। *प्रशासनिक कसावट और त्वरित निर्णय* कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पिछले कुछ दिनों में उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों,राजस्व कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान अनुपस्थित मिलने वाले और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कई कर्मचारियों पर उन्होंने मौके पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। *नायक जैसी छवि से जीता जनता का भरोसा* आम जनता के बीच कलेक्टर के इस कड़े रुख की जमकर सराहना हो रही है।लोगों का कहना है कि रीवा को इसी तरह के सख्त और निष्पक्ष कलेक्टर की आवश्यकता थी।कलेक्ट्रेट कार्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करना कलेक्टर की प्राथमिकता बन गई है। *प्रमुख कार्रवाई और सुधार के संकेत* जिले के विभिन्न विभागों में बिना पूर्व सूचना के पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना। शासकीय योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीकी और भौतिक सत्यापन पर जोर।जनसुनवाई के माध्यम से सीधे अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना। *कलेक्टर की कार्य शैली को जनता ने सराहा* जिले के नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन का मुखिया इसी तरह सक्रिय और सख्त बना रहे,तो जिले के सिस्टम में लंबे समय से व्याप्त खामियों को दूर किया जा सकता है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक,कलेक्टर सूर्यवंशी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है।लोग कह रहे हैं कलेक्टर हो तो ऐसा जो जमीन पर उतरकर जनता की पीड़ा समझे।कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के इन प्रयासों से न केवल प्रशासनिक मशीनरी में चुस्ती आई है,बल्कि आम आदमी के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी जागा है।आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह नायक वाली छवि जिले के विकास और व्यवस्था सुधार में कितनी मील का पत्थर साबित होती है।1
- सतना की सब्जी मंडी में पुरुष ही नहीं, अब महिलाएं भी अवैध जुए और सट्टे के कारोबार में सक्रिय हैं। एक मकान में 25-30 लोग जुआ खेलते हैं और शराब पीते हैं, लेकिन 6-8 महीनों से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि यह अवैध धंधा पुलिस के संरक्षण में ही चल रहा है।1
- ममता बनर्जी के एक रिश्तेदार के साथ काउंटर सेंटर पर दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। उन्हें देखते ही लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया और वहां जमकर हंगामा हुआ।1
- पंजाब के जालंधर में BSF हेडक्वार्टर के सामने हुए धमाके का CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में धमाके के बाद अफरा-तफरी और एक संदिग्ध युवक को भागते हुए देखा गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इस घटना में एक डिलीवरी बॉय घायल हुआ है और जांच एजेंसियां धमाके के पीछे की साजिश का पता लगा रही हैं।1
- मंगलवार शाम सतना जिले के रामपुर बाघेलन के काई गांव में जोरदार आंधी, बारिश और ओले गिरे। कुछ गांवों में तो इतनी ओलावृष्टि हुई कि पूरी धरती ओलों की सफेद चादर से ढक गई, जिससे जनजीवन थम सा गया।2