सोनभद्र जिले का ओबरा नगर अपनी मिश्रित आबादी, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत के कारण एक आदर्श धार्मिक नगरी के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में महंगाई और चिंताओं से घिरे परिवारों के बीच, ओबरा के नागरिकों की आस्था और समाजसेवियों का सक्रिय योगदान समाज में एक सकारात्मक दिशा का संचार कर रहा है। 23 जून, मंगलवार को नवमी तिथि और अधिक मास के आठवें हफ्ते के धार्मिक क्रम के तहत, सुभाष तिराहे स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में सुबह 5:00 बजे से ही भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। महंत वशिष्ठ दास जी महाराज के सानिध्य में सुधीर कुमार, नीरव, नीरज और पंडित पाठक ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई और भव्य श्रृंगार कर सेवा की कमान संभाली। शाम को मंदिर और हनुमान धर्मशाला परिसर में भव्य भजन संध्या, कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें प्रभु को लड्डू का भोग लगाया गया। इस भंडारे में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने ऊंच-नीच का भेद भूलकर एक समान कतार में प्रसाद ग्रहण किया, जो सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बना। वरिष्ठ समाजसेवी जयप्रकाश केसरी जी के मार्गदर्शन में इस पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित किया गया, जिसमें उनके सुपुत्र ने अपने बचपन के मित्रों और सनातनी युवाओं (अनिकेत सिंह, अनमोल सेठ, ऋषभ राज, शिखर सोनी, पूर्व विभाग सयोजक सौरभ सिंहपंकज, पूर्व प्रांत सह मंत्री विपुल शुक्ला और सूरज मिश्रा) के साथ मिलकर व्यवस्था संभाली। यह वही समर्पित टीम है जो महाशिवरात्रि पर भव्य मिश्रम्बू वितरण सहित विभिन्न सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करती है। इसी शाम, सुभाष तिराहे पर ऐतिहासिक सामंजस्य देखने को मिला, जहाँ एक ओर हनुमान मंदिर में भजन गूंज रहे थे, वहीं नव-निर्मित ब्राह्मण समाज भवन में भगवान परशुराम जी व मां सरस्वती की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या का भव्य पूजन हुआ। इसी बीच, 25 तारीख को आने वाले मोहर्रम पर्व के अखाड़े के पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप भी सुनाई दी, जो शौर्य, अनुशासन और न्याय के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाती हुई ओबरा के साझी सौहार्द का प्रतीक बनी। दोपहर में शुभम सिंह सूर्या की टीम 'ओबरा नगर गौ सेवा समिति' ने शरबत वितरण कर जीव-दया की मिसाल पेश की। यह टीम अपनी मेहनत की कमाई से घायल गायों का इलाज, दुर्घटना रोकने के लिए रेडियम पट्टे बांधने और मृत गोवंश का सम्मानजनक दाह संस्कार करने जैसे निस्वार्थ कार्य कर रही है। नगरवासियों ने इस संपूर्ण भव्य आयोजन और युवाओं के इस सेवा भाव की मुक्तकंठ से सराहना की है।
सोनभद्र जिले का ओबरा नगर अपनी मिश्रित आबादी, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत के कारण एक आदर्श धार्मिक नगरी के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में महंगाई और चिंताओं से घिरे परिवारों के बीच, ओबरा के नागरिकों की आस्था और समाजसेवियों का सक्रिय योगदान समाज में एक सकारात्मक दिशा का संचार कर रहा है। 23 जून, मंगलवार को नवमी तिथि और अधिक मास के आठवें हफ्ते के धार्मिक क्रम के तहत, सुभाष तिराहे स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में सुबह 5:00 बजे से ही भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। महंत वशिष्ठ दास जी महाराज के सानिध्य में सुधीर
कुमार, नीरव, नीरज और पंडित पाठक ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई और भव्य श्रृंगार कर सेवा की कमान संभाली। शाम को मंदिर और हनुमान धर्मशाला परिसर में भव्य भजन संध्या, कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें प्रभु को लड्डू का भोग लगाया गया। इस भंडारे में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने ऊंच-नीच का भेद भूलकर एक समान कतार में प्रसाद ग्रहण किया, जो सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बना। वरिष्ठ समाजसेवी जयप्रकाश केसरी जी के मार्गदर्शन में इस पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित किया गया, जिसमें उनके सुपुत्र ने अपने बचपन के मित्रों और सनातनी युवाओं (अनिकेत सिंह,
अनमोल सेठ, ऋषभ राज, शिखर सोनी, पूर्व विभाग सयोजक सौरभ सिंहपंकज, पूर्व प्रांत सह मंत्री विपुल शुक्ला और सूरज मिश्रा) के साथ मिलकर व्यवस्था संभाली। यह वही समर्पित टीम है जो महाशिवरात्रि पर भव्य मिश्रम्बू वितरण सहित विभिन्न सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करती है। इसी शाम, सुभाष तिराहे पर ऐतिहासिक सामंजस्य देखने को मिला, जहाँ एक ओर हनुमान मंदिर में भजन गूंज रहे थे, वहीं नव-निर्मित ब्राह्मण समाज भवन में भगवान परशुराम जी व मां सरस्वती की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या का भव्य पूजन हुआ। इसी बीच, 25 तारीख को आने वाले मोहर्रम पर्व के अखाड़े के पारंपरिक
ढोल-नगाड़ों की थाप भी सुनाई दी, जो शौर्य, अनुशासन और न्याय के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाती हुई ओबरा के साझी सौहार्द का प्रतीक बनी। दोपहर में शुभम सिंह सूर्या की टीम 'ओबरा नगर गौ सेवा समिति' ने शरबत वितरण कर जीव-दया की मिसाल पेश की। यह टीम अपनी मेहनत की कमाई से घायल गायों का इलाज, दुर्घटना रोकने के लिए रेडियम पट्टे बांधने और मृत गोवंश का सम्मानजनक दाह संस्कार करने जैसे निस्वार्थ कार्य कर रही है। नगरवासियों ने इस संपूर्ण भव्य आयोजन और युवाओं के इस सेवा भाव की मुक्तकंठ से सराहना की है।
- सोनभद्र के ओबरा स्थित रेणुका घाट पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण 11 लोग नदी के बीच बने एक टापू में फंस गए। ये लोग घाट पर घूमने आए थे और नदी में पानी कम होने के कारण बेफिक्र होकर टापू तक पहुंच गए थे, जहां वे तस्वीरें और सेल्फी ले रहे थे। बांध से पानी छोड़ने के बाद नदी का बहाव तेजी से बढ़ा और टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया, जिससे लोग बीच धारा में ही फंसकर रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगवाई गई। हालांकि, नदी का बहाव काफी देर तक तेज बना रहा, जिससे फंसे हुए लोगों को टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, पीआरवी के साथ नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया और स्थानीय युवकों ने मिलकर घंटों चले राहत अभियान के बाद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल बचाव अभियान के बाद फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका घाट पर अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और स्थायी सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी हुई है। यह घटना, हालांकि बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने एक बार फिर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी तंत्र की पोल खोल दी है। अब स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाट पर प्रभावी चेतावनी व्यवस्था, सुरक्षा बैरिकेडिंग और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं।1
- सोनभद्र जिले के चोपन ब्लॉक के बर्दिया टोला कुस्हवा में पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है, जहाँ 'हर घर नल जल योजना' केवल एक शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों से उनके नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिसके कारण गाँव की महिलाओं और बच्चों को लगभग एक किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों से जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।1
- सोनभद्र के दुद्धी में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 18 वर्षीय छात्र विष्णु पनिका की मौत हो गई, वहीं उसका साथी शिशु मामूली रूप से घायल बताया गया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कस्बे के बढ़नीनाला तालाब नाईं टू नाइन होटल के पास घटी, जब वे दुद्धी से बीडर की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, विष्णु पनिका अपने साथी शिशु के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था। सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर लगने के बाद उनकी बाइक दाहिनी ओर एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। दूसरा बाइक सवार मौके से भाग निकला। बताया गया है कि विष्णु ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण वह सीधे पत्थरों से जा टकराया और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथी शिशु को मामूली चोटें आई थीं, जिसे सुरक्षित बताया गया है। घटना के समय पास में मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम त्यौहार से संबंधित एक कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ पुलिस और सुरक्षा गार्ड पहले से ही तैनात थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक सुनील ने विष्णु को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विष्णु अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। उसने हाल ही में इंटर की परीक्षा दी थी और आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन किया था। उसके पिता का निधन एक साल पहले ही हो चुका था, और बड़े बेटे की अचानक हुई मौत से माँ पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अमित कुमार और श्यामजी अस्पताल पहुँचे और मामले की जाँच में जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दुर्घटना के कारणों की आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।4
- सोनभद्र जिले के ग्राम पंचायत धरती डोलवा निवासी 20 वर्षीय आशीष पासवान की गुजरात में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, गुजरात के मुद्रा कक्ष के पास वह एक ट्रेलर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी जान चली गई। आशीष अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे, क्योंकि पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। वह बेहतर रोजगार और परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात गए थे, जहाँ वह ड्राइवरी का कार्य करते थे। आशीष अक्सर अपनी माँ से अपनी बहन की धूमधाम से शादी कराने का वादा करते थे, लेकिन इस दुखद हादसे ने उनके इन सपनों को अधूरा छोड़ दिया। मृतक का शव गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं गांव के लोगों की आँखें भी नम हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश सोनभद्र ड्राइवर महासंगठन के पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष तादाद मनेर मुल्तान भाई के नेतृत्व में, मृतक के घर पहुँचे और परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। संगठन की ओर से मृतक की माँ को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई, साथ ही भविष्य में हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया। इस अवसर पर प्रदेश संचालक रामबरत यादव, जिला अध्यक्ष सुरेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, जिला संघचालक बनारसी पासवान, जिला कोषाध्यक्ष गौरीशंकर सिंह, जिला सचिव संदीप भाई, दुद्धी ब्लॉक अध्यक्ष रतन प्रकाश मोदनवाल, सतीश भाई, सुरेंद्र गुप्ता और देवानंद मौर्य सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने सभी ड्राइवर साथियों से एक-दूसरे की सुरक्षा और सहयोग के लिए संगठन से जुड़ने की अपील की। आशीष का अंतिम संस्कार गांव के नदी तट पर गमगीन माहौल में किया गया, और उनकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।1
- सोनभद्र के दुद्धी तहसील क्षेत्र में घघरी से बभनी तक मुख्य मार्ग के निर्माण की मांग तेज़ हो गई है, जहाँ ग्राम पंचायत घघरी के ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी सोनभद्र को जनहित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाला यह मार्ग पिछले कई दशकों से निर्माण की प्रतीक्षा में है और यह लगभग 3,000 से अधिक लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि इस जर्जर सड़क का उपयोग प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज सहित अन्य ग्रामीण करते हैं। मार्ग की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर बरसात के मौसम में यह कई स्थानों पर दुर्गम हो जाता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि कार्यों और व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मार्ग वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण निर्माण कार्य वर्षों से लंबित है और समय-समय पर किए गए प्रयासों के बावजूद अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे हजारों ग्रामीण अच्छी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित मार्ग का संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाए। उन्होंने वन विभाग और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने किसी भी तकनीकी, कानूनी या पर्यावरणीय बाधा का समयबद्ध निस्तारण करने और निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृतियां व बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई कर क्षेत्र के विकास और जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की है। इस ज्ञापन की प्रतियां उत्तर प्रदेश शासन, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडलायुक्त मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद को भी भेजी गई हैं, जिसमें सड़क निर्माण को क्षेत्र के विकास और जनसुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।1
- सोनभद्र के घघरी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घघरी से बभनी मुख्य संपर्क मार्ग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को 45 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस निर्धारित अवधि के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो एक व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के मुख्य संयोजक उमंग गुप्ता और विनय गुप्ता रहे, जबकि अच्छेलाल ने सह-संयोजक की भूमिका निभाई। समस्त ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया, जो इस बात का संकेत है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो यह विरोध और उग्र रूप ले सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने लखनऊ में हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के बॉयलर को-जनरेशन विभाग में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रवि सिंह को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान सोनभद्र जिले और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है। रवि सिंह उत्तर प्रदेश के पहले क्वान की डो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर यह खास उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले भी उन्होंने ताइक्वांडो में थाईलैंड में कांस्य पदक और नेपाल में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम लगातार रोशन किया है। रवि सिंह की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है और सोनभद्र जिले के खेल जगत के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है।1
- हिण्डालको रेणुकूट के कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रवि सिंह को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें रोमानिया में आयोजित 8वीं वर्ल्ड क्वान की डो चैंपियनशिप 2026 में रजत पदक जीतने की उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया। रवि सिंह ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत से भारत, उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से सोनभद्र का नाम रोशन किया है, जिससे पूरे जिले में खुशी का माहौल है। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और हिण्डालको परिवार को दिया है।1