नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मकनपुर पंचायत के सेमरीगढ़ गांव में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहां दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और पथराव की घटना से इलाके में तनाव फैल गया है। इस घटना में दो लोगों के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि गांव में स्थिति नियंत्रण में है। सेमरीगढ़ गांव निवासी मोहम्मद सोहेल ने वारिसलीगंज थाना में लिखित आवेदन देकर गांव के कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और पथराव करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, यह घटना तब हुई जब वह अपने भाई के साथ घर के पास बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ गांव वाले मौके पर पहुँचे और बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज करने लगे। जब मोहम्मद सोहेल ने इसका विरोध किया, तो आरोपी आक्रोशित हो गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद पथराव भी होने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और गांव में दहशत का माहौल बन गया। मारपीट और पथराव की इस घटना में मोहम्मद सोहेल और उनके भाई को चोटें आईं, जिन्हें परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर वारिसलीगंज थाना पुलिस ने गांव के कई लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि अभी तक विवाद के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से किसी बात को लेकर मतभेद चल रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यह घटना अचानक हुई या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। घटना के बाद से सेमरीगढ़ गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। गांव के गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है, साथ ही शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वारिसलीगंज थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है, और ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है।
नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मकनपुर पंचायत के सेमरीगढ़ गांव में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहां दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और पथराव की घटना से इलाके में तनाव फैल गया है। इस घटना में दो लोगों के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि गांव में स्थिति नियंत्रण में है। सेमरीगढ़ गांव निवासी मोहम्मद सोहेल ने वारिसलीगंज थाना में लिखित आवेदन देकर गांव के कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और पथराव करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, यह घटना तब हुई जब वह अपने भाई के साथ घर के पास बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ गांव वाले मौके पर पहुँचे और बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज करने लगे। जब मोहम्मद सोहेल ने इसका विरोध किया, तो आरोपी आक्रोशित हो गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद पथराव भी होने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और गांव में दहशत का माहौल बन गया। मारपीट और पथराव की इस घटना में मोहम्मद सोहेल और उनके भाई को चोटें आईं, जिन्हें परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर वारिसलीगंज थाना पुलिस ने गांव के कई लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि अभी तक विवाद के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से किसी बात को लेकर मतभेद चल रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यह घटना अचानक हुई या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। घटना के बाद से सेमरीगढ़ गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। गांव के गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है, साथ ही शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वारिसलीगंज थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है, और ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की सलाह दी गई है।
- नवादा जिले के रजौली अनुमंडल के कर्बला नगर में मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इमामबाड़े अगरबत्ती, गुलाब पानी और इत्र की खुशबू से महक उठे हैं। इस खास अवसर पर इमामबाड़ा के पास लोग डंके बजाते हुए देखे जा रहे हैं, जो मोहर्रम के आयोजनों की शुरुआत का संकेत है। आने वाले दिनों में मोहर्रम से जुड़े विभिन्न अनुष्ठान होंगे। मोहर्रम के पांचवें दिन, यानी 21 जून 2026 रविवार को, इमामबाड़ा पर मिट्टी की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 23 जून 2026 मंगलवार को पैकारों की टोली 'या अली या हुसैन, कर्बला दूर है, जाना जरूर है' के नारे लगाते हुए नज़र आएगी। मोहर्रम के दसवें दिन, जो 26 जून 2026 शुक्रवार को पड़ेगा, डंके-बाजे के साथ ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। इसी रात को, नम आँखों से कर्बला पर ताजिया को पहलाम किया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोहर्रम में नवमी और दशमी को रोज़ा रखना खास अहमियत रखता है।1
- नवादा जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर न्यायालय परिसर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जहां विभिन्न पदों के लिए अधिवक्ताओं द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, अवलोक अधिवक्ता ने संयुक्त सचिव पद के लिए और आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने कार्यकारिणी समिति सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अवलोक ने बताया कि यह पद संघ के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें सचिव को सहयोग करना तथा उनकी अनुपस्थिति में सभी दायित्वों का निर्वहन करना शामिल है। इसमें पुस्तकालय, कार्यालय प्रबंधन और बैठकों के सफल संचालन की जिम्मेदारी भी निहित है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य पद के प्रत्याशी आदित्य राज मेधावी ने कहा कि कार्यकारिणी समिति अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, संघ के विकास, बजट निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाती है। यह समिति अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, संघ के कार्यक्रमों के आयोजन तथा बार संघ के नियमों एवं आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने का कार्य करती है। नामांकन के उपरांत आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने नवादा व्यवहार न्यायालय की एक महत्वपूर्ण समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं और महिला आगंतुकों के लिए समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि न्यायालय परिसर में महिलाओं के लिए सम्मानजनक एवं आवश्यक सुविधाओं का होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें कार्यकारिणी समिति में सेवा करने का अवसर मिलता है, तो महिला अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छ शौचालय निर्माण तथा अधिवक्ताओं की अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने मुद्दों के साथ समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं।4
- ललित शर्मा नामक व्यक्ति पर मुस्लिम महिलाओं का गर्भ चीरकर उनके बच्चों को मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एक आतंकी सोच नहीं है और क्या इससे अधिक घिनौना व्यक्ति कोई हो सकता है। इस मामले में देश के महिला आयोग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं, कि ऐसे व्यक्ति को अब तक जेल में क्यों नहीं डाला गया है। पोस्ट में यह स्पष्ट मांग की गई है कि सभ्य समाज में ऐसी हिंसक और नफरत भरी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कानून और संविधान से बड़ा कोई नहीं है। प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया गया है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और समाज में शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आगे यह भी सवाल किया गया है कि जो लोग सरेआम नफरत और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं, क्या उनके लिए डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर साहब द्वारा लिखी गई कानून की किताबों का कोई महत्व नहीं है। यह चिंता भी व्यक्त की गई है कि क्या भारत में अब कोई ऐसा IAS, IPS या पुलिस अधिकारी नहीं बचा है जो इन जैसे गुंडों को हवालात की हवा खिलाकर देश में शांति बनाए रख सके।1
- सम्राट चौधरी जी से सीधे तौर पर जवाब माँगा गया है, जिसमें कहा गया है कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अब तक दिए गए भाषण पर्याप्त नहीं हैं। पोस्ट में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि अब भाषणों का समय समाप्त हो गया है और इस गंभीर विषय पर उन्हें उत्तर देना चाहिए।1
- बिहार में समाज सेवा के परिणामों को लेकर एक व्यंग्यात्मक चेतावनी जारी की गई है। इस पोस्ट में कहा गया है कि जो व्यक्ति समाज सेवा में लिप्त रहते हैं, वे अंततः मानसिक बीमारी का शिकार हो सकते हैं। आगे तंज कसते हुए सुझाव दिया गया है कि लोगों को 'स्मार्ट' बन जाना चाहिए, क्योंकि समाज सेवा के कारण होने वाली मानसिक बीमारी का उपचार केवल सरकारी माध्यम से किया जाता है, जिसे सांकेतिक रूप से '5 सरकारी कैप्सूल' के रूप में वर्णित किया गया है। पोस्ट विशेष रूप से बिहार में इस स्थिति पर जोर देती है और पाठकों को 'संभल के' रहने की सलाह देती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में सरकारी इलाज ही एकमात्र प्रावधान है।1
- Chandan chauk kagram post kavatana Jaipur se humra se kripya hamare video ko sabhi friends sabhi Mata bahan aur bhai Bandhu video camera aage badhaya comment Karen ki Main Kaisa banata hun ya nahin banata hun mera ID1
- दानापुर, पटना में आयोजित एक तिलक समारोह में दो डांसरों से सामूहिक बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित दोनों डांसर सगी बहनें हैं। इस घटना को लेकर कुल 13 लोगों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया गया है।1
- महाराष्ट्र के परभणी में स्थित एक हनुमान मंदिर में पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ मंदिर की छत अचानक गिर गई। इस दुखद घटना में पाँच लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु मलबे में दबकर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही इस हादसे के कारणों की गहन जाँच भी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना पर ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।1