कुण्डल में तेज रफ्तार ट्रक ने मकान में मारी टक्कर,मकान का छज्जा टूटा व चार छत की पत्तियों में आई दरार, बड़ा हादसा होने से बचा दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में बीती रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। MDR-48 (1979-84 सैंक्शन) को स्टेट हाईवे-78 में तब्दील मार्ग पर कुण्डल मैंने चौराहे से गुजर रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की छत के ऊपर बनी दीवार गिर गई और छत की चार पट्टियों में दरारें आ गईं। हादसे के वक्त घर में लोग सो रहे थे, लेकिन गनीमत यह रही कि किसी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्रक चालक को पकड़ लिया। ट्रक ड्राईवर शराब के नशे में दूत था। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत कोलवा थाना पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद कोलवा थाना पुलिस 1 घंटे में मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक नशे की हालत में था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। अगले दिन सुबह पुलिस और ग्रामीणों की समझाइश के बाद मकान में फंसे ट्रक को बाहर निकाला गया। मामले में आपसी समझौते के तहत ट्रक चालक द्वारा मकान मालिक को 10 हजार रुपए देकर राजीनामा कर लिया गया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुण्डल में तेज रफ्तार ट्रक ने मकान में मारी टक्कर,मकान का छज्जा टूटा व चार छत की पत्तियों में आई दरार, बड़ा हादसा होने से बचा दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में बीती रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। MDR-48 (1979-84 सैंक्शन) को स्टेट हाईवे-78 में तब्दील मार्ग पर कुण्डल मैंने चौराहे से गुजर रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अनियंत्रित
होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की छत के ऊपर बनी दीवार गिर गई और छत की चार पट्टियों में दरारें आ गईं। हादसे के वक्त घर में लोग सो रहे थे, लेकिन गनीमत यह रही कि किसी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर
पहुंचे और ट्रक चालक को पकड़ लिया। ट्रक ड्राईवर शराब के नशे में दूत था। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत कोलवा थाना पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद कोलवा थाना पुलिस 1 घंटे में मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक नशे की हालत में था, जिसके कारण यह
हादसा हुआ। अगले दिन सुबह पुलिस और ग्रामीणों की समझाइश के बाद मकान में फंसे ट्रक को बाहर निकाला गया। मामले में आपसी समझौते के तहत ट्रक चालक द्वारा मकान मालिक को 10 हजार रुपए देकर राजीनामा कर लिया गया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- ‘ऑपरेशन शिकंजा’ सफल: 20 दिन में हत्याकांड का खुलासा लालसोट में 10 अप्रैल को हुए धर्मेंद्र खेड़ला उर्फ योगेंद्र खेड़ला हत्याकांड में पुलिस ने 20 दिन में सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बिनोरी मोड़ पर मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी चेतराम उर्फ राहुल खटाणा के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथी देशराज उर्फ देशू गुर्जर और धर्मेंद्र उर्फ कल्लू भी घायल हो गए। तीनों पर ₹25-25 हजार का इनाम था। एक पुलिस जवान की जान बुलेटप्रूफ जैकेट से बच गई। घायलों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब पूछताछ कर पूरे मामले की साजिश खंगाल रही है।3
- राजगढ़ कस्बे में स्थित एक पुराने मंदिर की जमीन को बचाने के लिए अब स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ख्वास जी के बाग स्थित रामरघुनाथ महाराज मंदिर की भूमि को भू माफियाओं द्वारा खुर्द-बुर्द करने और वहां प्लाटिंग करने के प्रयासों के विरोध में जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। आज मंगलवार को पूर्व पार्षद धर्मचंद सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुषों ने जुलूस निकाला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्री रामरघुनाथ महाराज संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान पूरे रास्ते प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भू-माफिया मंदिर की पवित्र जमीन पर कब्जा कर उसे व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की फिराक में हैं। संघर्ष समिति से जुड़े धर्मचंद सैनी, भगवान सैनी और दुर्गा देवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ख्वास जी के बाग में स्थित रामरघुनाथ जी महाराज का मंदिर बहुत पुराना और आस्था का केंद्र है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि भू-माफिया इस जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं और वहां अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन केवल मंदिर के कार्यों और धार्मिक आयोजनों के लिए ही सुरक्षित रहनी चाहिए। प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति ने जिला कलक्टर के नाम एसडीएम सीमा मीना को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की भूमि का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वहां कोई पैमाइश या पत्थरगढ़ी (बाउंड्री) न की जाए। किसी भी बाहरी व्यक्ति या भू-माफिया को इस विवादित भूमि पर कब्जा न दिलवाया जाए। भूमि पूरी तरह से मंदिर के कब्जे में ही रहनी चाहिए ताकि धार्मिक कार्यों में कोई बाधा न आए। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।4
- *बर्तन मांजने वाली बनी MLA, पश्चिम बंगाल में मिली चौंकाने वाली जीत! अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप1
- चरखा सुर ने पाकिस्तान क़ो जन्म दिया इसलिए वो पाकिस्तान के राष्ट्रपिता कहे जासकते है लेकिन भारत तो चरखा सुर के जन्म से हजारों वर्ष पूर्ब से अपने अस्तित्व मे था इसलिए आप भारत का राष्ट्रपिता नहीं कह सकते है1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- हाँ देशभक्ति का सबसे टॉप उदाहरण डॉक्टर कलाम सोफिया कुरैशी हो सकते है और देशद्रोही देशविरोधी का सबसे बड़ा उदाहरण ex उपराष्ट्रपति हीं है जिन्होंने देश के दुश्मनो क़ो भारतीय एजेंटो के एड्रेस दिये थे और उन देशभक्तो क़ो बेमोत मरवाया था, लाखो गद्दारों से ज्यादा कीमती एक देशभक्त होता है जो जीता देश क़ो है और मरता भी देश की सेवा करते हुऐ हीं है1
- shyam baba1