सेंदड़ा का टिकट,लेकिन बस नहीं जा रही थी गांव,सामाजिक कार्यकर्ता की दखल के बाद सेंदड़ा गांव में गई बस रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी टिकट सेंदड़ा का, लेकिन बस नहीं ले जा रही थी अंदर — यात्रियों ने जताई नाराज़गी ब्यावर। राजस्थान रोडवेज के ब्यावर डिपो की बस (संख्या RJ 14 PE 4799) में गुरुवार को चालक व परिचालक की मनमर्जी का मामला सामने आया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, एक पुरुष यात्री और एक महिला यात्री अपने दो बच्चों के साथ सेंदड़ा जाने के लिए बस में सवार हुए थे। परिचालक द्वारा उन्हें सेंदड़ा का टिकट तो दे दिया गया, लेकिन गंतव्य से पहले ही यात्रियों को यह कह दिया गया कि बस सेंदड़ा गांव के अंदर नहीं जाएगी और उन्हें बायपास हाईवे पर उतरना होगा। पाली से सेंदड़ा जा रहे दिव्यांग यात्री महेश टांक को भी सेंदड़ा का टिकट दिया गया, लेकिन उन्हें भी गांव के अंदर नहीं ले जाने की बात कही गई। वहीं, चंडावल से सेंदड़ा जा रही महिला यात्री को भी इसी तरह का जवाब मिला, जिससे यात्रियों और परिचालक के बीच बहस की स्थिति बन गई। गौरतलब है कि इस बस का निर्धारित स्टॉप सेंदड़ा गांव में है, इसके बावजूद अंदर जाने से इनकार किया गया। परेशान यात्रियों ने बस में बैठे-बैठे सामाजिक कार्यकर्ता शीतल प्रजापत को फोन कर समस्या बताई। उस समय शीतल प्रजापत बर बस स्टैंड पर सेंदड़ा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थीं। संयोगवश वही बस वहां पहुंची और वे भी उसमें सवार हो गईं। बस में चढ़ने के बाद उन्होंने दोनों यात्रियों से बात कर समस्या जानी और परिचालक से सेंदड़ा गांव में बस नहीं ले जाने का कारण पूछा, लेकिन परिचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद चालक व परिचालक ने बस को सेंदड़ा गांव के अंदर ले जाकर यात्रियों को उतारा। इस पर दिव्यांग यात्री महेश टांक और महिला यात्री ने सामाजिक कार्यकर्ता शीतल प्रजापत का आभार व्यक्त किया।
सेंदड़ा का टिकट,लेकिन बस नहीं जा रही थी गांव,सामाजिक कार्यकर्ता की दखल के बाद सेंदड़ा गांव में गई बस रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी टिकट सेंदड़ा का, लेकिन बस नहीं ले जा रही थी अंदर — यात्रियों ने जताई नाराज़गी ब्यावर। राजस्थान रोडवेज के ब्यावर डिपो की बस (संख्या RJ 14 PE 4799) में गुरुवार को चालक व परिचालक की मनमर्जी का मामला सामने आया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, एक पुरुष यात्री और एक महिला यात्री अपने दो बच्चों के साथ सेंदड़ा जाने के लिए बस में सवार हुए थे। परिचालक द्वारा उन्हें सेंदड़ा का टिकट तो दे दिया गया, लेकिन गंतव्य से पहले ही यात्रियों को यह कह दिया गया कि बस सेंदड़ा गांव के अंदर नहीं जाएगी और उन्हें बायपास हाईवे पर उतरना होगा। पाली से सेंदड़ा जा रहे दिव्यांग यात्री महेश टांक को भी सेंदड़ा का टिकट दिया गया, लेकिन उन्हें भी गांव के अंदर नहीं ले जाने की बात कही गई। वहीं, चंडावल से सेंदड़ा जा रही महिला यात्री को भी इसी तरह का जवाब मिला, जिससे यात्रियों और परिचालक के बीच बहस की स्थिति बन गई। गौरतलब है कि इस बस का निर्धारित स्टॉप सेंदड़ा गांव में है, इसके बावजूद अंदर जाने से इनकार किया गया। परेशान यात्रियों ने बस में बैठे-बैठे सामाजिक कार्यकर्ता शीतल प्रजापत को फोन कर समस्या बताई। उस समय शीतल प्रजापत बर बस स्टैंड पर सेंदड़ा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थीं। संयोगवश वही बस वहां पहुंची और वे भी उसमें सवार हो गईं। बस में चढ़ने के बाद उन्होंने दोनों यात्रियों से बात कर समस्या जानी और परिचालक से सेंदड़ा गांव में बस नहीं ले जाने का कारण पूछा, लेकिन परिचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद चालक व परिचालक ने बस को सेंदड़ा गांव के अंदर ले जाकर यात्रियों को उतारा। इस पर दिव्यांग यात्री महेश टांक और महिला यात्री ने सामाजिक कार्यकर्ता शीतल प्रजापत का आभार व्यक्त किया।
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी NH-162 पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित कार ट्रक से टकराई, दो महिलाएं व एक बच्चा घायल रायपुर के समीप नेशनल हाईवे 162 पर एक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक कार अज्ञात कारणों से अचानक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे ट्रक के पीछे जाकर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में कार में सवार दो महिलाएं और एक बच्चा घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को कार से बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता प्रदान की। बाद में घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। #RaipurNews #RoadAccident #NH162 #BreakingNews #AccidentNews #RajasthanNews #RoadSafety #CarAccident #HighwayAccident #LocalNews1
- सरवाड़ में मालियान समाज का ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन 👉 107 जोड़े एक साथ बंधे परिणय सूत्र में सरवाड़ शहर में क्षत्रिय फूल मालियान सैनी समाज का पहला सामूहिक विवाह सम्मेलन ऐतिहासिक बन गया। सोमवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 107 जोड़ों ने एक साथ अग्नि के समक्ष फेरे लेकर नया जीवन शुरू किया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया। दो दिवसीय इस आयोजन में महामंडलेश्वर स्वामी कुशालगिरीजी महाराज ने पहुंचकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया, वहीं विधायक शत्रुघ्न गौतम ने भी शिरकत कर सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। सम्मेलन में समाज की ओर से सभी जोड़ों को जरूरी घरेलू सामान और विभिन्न संगठनों द्वारा उपहार भेंट किए गए। भारत विकास परिषद ने भी कन्यादान स्वरूप टिफिन सेट प्रदान किए। हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में वर-वधुओं ने वरमाला पहनाकर जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं, वहीं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से विवाह सम्पन्न हुआ। ➡️ सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने पूरे आयोजन को मेले जैसा रूप दे दिया। ➡️ समाज के पदाधिकारियों और भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। 👉 यह सम्मेलन सामाजिक समरसता, सहयोग और परंपरा का शानदार उदाहरण बनकर उभरा।1
- रायपुर पुलिस का सख्त अभियान: रात के हादसों पर रोक के लिए मुख्य बाजार सहित कई स्थानों पर लगाए रेडियम रिफ्लेक्टर” मंगलवार सुबह 7 बजे मिली जानकारी अनुसार सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए रायपुर थाना पुलिस ने एक व्यापक और प्रभावी पहल करते हुए विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दुपहिया, तिपहिया एवं अन्य धीमी गति से चलने वाले वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टिव स्टीकर लगाए जा रहे हैं, ताकि रात के समय भी ये वाहन दूर से स्पष्ट दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। पुलिस द्वारा रायपुर बस स्टैंड परिसर, लिलांबा टोल टैक्स के साथ-साथ मुख्य बाजार क्षेत्र में भी विशेष अभियान चलाया गया। यहां से गुजरने वाले बिना रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को रोककर मौके पर ही रेडियम टेप चस्पा किए गए। भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में इस पहल को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान खासकर मोटरसाइकिल, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और ट्रैक्टर चालकों को प्राथमिकता दी गई, क्योंकि ये वाहन अक्सर कम रोशनी में नजर नहीं आते और हादसों का शिकार हो जाते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोहरे, धुंध या रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े या धीमी गति से चल रहे वाहनों को पीछे से आने वाले चालक समय रहते नहीं देख पाते। ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार वाहन अचानक टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर लगने के बाद जैसे ही किसी वाहन की हेडलाइट इन पर पड़ती है, ये चमक उठते हैं और आगे चल रहा वाहन दूर से ही दिखाई देने लगता है। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने न केवल रिफ्लेक्टर लगाए, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट पहनने, ओवरलोडिंग से बचने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की भी सख्त हिदायत दी। कई स्थानों पर चालकों को समझाइश देकर जागरूक किया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशिक्षु आरपीएस एवं रायपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, टोल टैक्स और मुख्य बाजार जैसे स्थानों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी गई है। आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक वाहनों को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर अवश्य लगवाएं, ताकि सड़क पर स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। इस अभियान से जहां एक ओर सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है। रायपुर पुलिस की यह पहल क्षेत्र में सराहना का विषय बनी हुई है।1
- Post by Mahesh panchariya1
- ब्यावर :- शहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ब्यावर के कार्यालय के बाहर अत्यधिक कचरा पसरा है एवं यह कचरा सीएमएचओ कार्यालय से लेकर रेन बसेरा के पास भी फैला हुआ है ।1
- Post by आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान1
- लव जिहाद के विरुद्ध फूटा हिंदू संगठनों का आक्रोश; पुतला दहन कर जताया कड़ा विरोध सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर मे लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल, मातृशक्ति और सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय मुख्य चौराहे पर एकत्रित हुए सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लव जिहाद का पुतला फूंका और प्रशासन से इस पर कठोर कानून बनाने की मांग की। प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सुरेश वैष्णव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लव जिहाद एक सोची-समझी साजिश है, जिसके माध्यम से हमारी बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। जिला मंत्री गणपत बालोटिया और सह-मंत्री राजीव मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज अब चुप नहीं बैठेगा और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। विरोध प्रदर्शन में महिलाओं (मातृशक्ति) की बड़ी भागीदारी रही। पदमा सोनी, अंजू शर्मा, हिमांशी, राजेश्वरी यादव, पूजा और नीरज बाला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। वक्ताओं ने युवाओं और अभिभावकों से जागरूक रहने की अपील की। मीडिया प्रमुख हरमीत सिंह के अनुसार, इस आंदोलन में सुरेश साहू, शैलेश सोनी, मुरली साहू, हनुमान बना, नंदू कुमावत और एडवोकेट कमल बकलीवाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही नारायण सिंह, कमल बंदीवाल, राकेश जांगिड़, महेश जांगिड़, जितेंद्र प्रसाद और ललित जी बलुआ सहित सकल हिंदू समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रदर्शन के अंत में जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि ऐसी घटनाओं में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।4
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र घोटाले की जांच तेज, SOG टीम ने खंगाले अस्पताल रिकॉर्ड ब्यावर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। इस प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम जांच के लिए ब्यावर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी है। एसओजी टीम ने अमृतकौर अस्पताल से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज तलब किए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान टीम अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल बोर्ड की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है और लोग जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।1