शिक्षा की अलख जगाने निकले शिक्षक शिक्षिकाएं और प्रधानाचार्य, “स्कूल चलो अभियान-2026” बना जनआंदोलन जगतपुर,रायबरेली। प्रदेश में शिक्षा के प्रति नई चेतना जगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा “स्कूल चलो अभियान-2026” अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं बेसिक शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल ने गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचकर अभिभावकों और बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति अभूतपूर्व उत्साह पैदा किया है। इस अभियान की अगुवाई करते हुए क्षेत्र के राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर के प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने जिस ऊर्जा, समर्पण और दूरदर्शिता का परिचय दिया है, वह वास्तव में सराहनीय ही नहीं, बल्कि अनुकरणीय भी बन गया है। उनके नेतृत्व में विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रेरणास्रोत भी बन चुका है। प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने बताया कि यह अभियान केवल नामांकन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों एवं जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग से अभियान को अत्यंत प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। अभियान की मुख्य झलकियां: शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य,ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ना, घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराना, मुफ्त किताबें, बैग, ड्रेस एवं स्टेशनरी का वितरण, रैली, प्रभात फेरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जनजागरूकता, विद्यालय परिसर में आयोजित रैली और जागरूकता कार्यक्रमों में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे क्षेत्र का माहौल शिक्षामय बना दिया है। प्रधानाचार्य की प्रेरणा से शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा के साथ घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं और अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार की कार्यशैली और समर्पण ने विद्यालय को एक नई पहचान दी है। उनके प्रयासों से न केवल नामांकन में वृद्धि हुई है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज का दृष्टिकोण भी सकारात्मक रूप से बदला है। “स्कूल चलो अभियान-2026” अब एक सरकारी योजना भर नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूक समाज के निर्माण का मजबूत आधार बन चुका है। प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार जैसे कर्मठ और प्रेरणादायी नेतृत्व के चलते यह अभियान निश्चित ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम करेगा। एनसीसी छात्र-छात्राओं एवं बच्चों ने शक्तियों में जागरूकता से उसको स्लोगन लेकर मार्ग में मिलने वाले सभी को जागरूक किया एवं घर-घर जागरूक किया। यह अभियान कॉलेज से निकलकर भटपुरवा, रघुराजगंज, विजयी सिंह पिछवारा चौराहा के आसपास आधे दर्जन गांवों से निकलता हुआ पहाड़गढ़ में संपन्न हुआ। यह रैली साइकिल से निकली गई। बताते चले कि दो दिन पहले छात्र-छात्राओं शिक्षकों शिक्षिकाओं ने पैदल जागरूकता रैली के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक गांव में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। कॉलेज के प्रबंधक हरिचंद्र बहादुर सिंह ने छात्र-छात्राओं शिक्षक शिक्षिकाओं एवं प्रधानाचार्य के जन जागरूकता शिक्षण स्कूल चलो अभियान की प्राथमिकता की जमकर सराहना की कहा कि ऐसी जागरूकता रैलियां से क्षेत्र में सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं और वह छात्र भी विद्यालय पहुंचते हैं पढ़ने के लिए जिनके अभिभावक अब किसी कारण स्कूल बच्चों को नहीं भेजना चाहते है। वह भी बच्चों को स्कूल भेजना प्रारंभ कर रहे हैं।
शिक्षा की अलख जगाने निकले शिक्षक शिक्षिकाएं और प्रधानाचार्य, “स्कूल चलो अभियान-2026” बना जनआंदोलन जगतपुर,रायबरेली। प्रदेश में शिक्षा के प्रति नई चेतना जगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा “स्कूल चलो अभियान-2026” अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं बेसिक शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल ने गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचकर अभिभावकों और बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति अभूतपूर्व उत्साह पैदा किया है। इस अभियान की अगुवाई करते हुए क्षेत्र के राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर के प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने जिस ऊर्जा, समर्पण और दूरदर्शिता का परिचय दिया है, वह वास्तव में सराहनीय ही नहीं, बल्कि अनुकरणीय भी बन गया है। उनके नेतृत्व में विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रेरणास्रोत भी बन चुका है। प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने बताया कि यह अभियान केवल नामांकन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों एवं जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग से अभियान को अत्यंत प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। अभियान की मुख्य झलकियां: शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य,ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ना, घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराना, मुफ्त किताबें, बैग, ड्रेस एवं स्टेशनरी का वितरण, रैली, प्रभात फेरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जनजागरूकता, विद्यालय परिसर में आयोजित रैली और जागरूकता कार्यक्रमों में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे क्षेत्र का माहौल शिक्षामय बना दिया है। प्रधानाचार्य की प्रेरणा से शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा के साथ घर-घर जाकर सर्वे कर
रहे हैं और अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार की कार्यशैली और समर्पण ने विद्यालय को एक नई पहचान दी है। उनके प्रयासों से न केवल नामांकन में वृद्धि हुई है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज का दृष्टिकोण भी सकारात्मक रूप से बदला है। “स्कूल चलो अभियान-2026” अब एक सरकारी योजना भर नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूक समाज के निर्माण का मजबूत आधार बन चुका है। प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार जैसे कर्मठ और प्रेरणादायी नेतृत्व के चलते यह अभियान निश्चित ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम करेगा। एनसीसी छात्र-छात्राओं एवं बच्चों ने शक्तियों में जागरूकता से उसको स्लोगन लेकर मार्ग में मिलने वाले सभी को जागरूक किया एवं घर-घर जागरूक किया। यह अभियान कॉलेज से निकलकर भटपुरवा, रघुराजगंज, विजयी सिंह पिछवारा चौराहा के आसपास आधे दर्जन गांवों से निकलता हुआ पहाड़गढ़ में संपन्न हुआ। यह रैली साइकिल से निकली गई। बताते चले कि दो दिन पहले छात्र-छात्राओं शिक्षकों शिक्षिकाओं ने पैदल जागरूकता रैली के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक गांव में भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया। कॉलेज के प्रबंधक हरिचंद्र बहादुर सिंह ने छात्र-छात्राओं शिक्षक शिक्षिकाओं एवं प्रधानाचार्य के जन जागरूकता शिक्षण स्कूल चलो अभियान की प्राथमिकता की जमकर सराहना की कहा कि ऐसी जागरूकता रैलियां से क्षेत्र में सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं और वह छात्र भी विद्यालय पहुंचते हैं पढ़ने के लिए जिनके अभिभावक अब किसी कारण स्कूल बच्चों को नहीं भेजना चाहते है। वह भी बच्चों को स्कूल भेजना प्रारंभ कर रहे हैं।
- ऊंचाहार/रायबरेली: उत्तर प्रदेश सरकार के सफलतम नौ वर्ष पूर्ण होने के गौरवमयी उपलक्ष्य में अरखा स्थित जवाहर इंटर कॉलेज के निकट एक विशाल 'विशेष कैंप' का आयोजन किया गया। 'नौ साल बेमिसाल' थीम पर आधारित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता, पीडी सतीश प्रसाद मिश्रा और खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। विकास और सुशासन पर संबोधन जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. मनोज पाण्डेय ने सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, "आज उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा हकीकत में बदल रहा है। पिछले नौ साल भ्रष्टाचार मुक्त शासन और गरीब कल्याण के रहे हैं। हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया है। आज प्रदेश में कानून का राज है और विकास की गंगा हर गाँव-गली तक पहुँच रही है।" दिव्यांगों को सहारा और महिलाओं का सम्मान कार्यक्रम में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा विशेष शिविर लगाया गया, जहाँ विधायक ने 22 दिव्यांग लाभार्थियों को ट्राईसिकल एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। साथ ही, क्षेत्र की गरीब और पात्र महिलाओं को 2000 साड़ियाँ वितरित की गईं। उपहार पाकर महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी और उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना की। विभिन्न योजनाओं का मिला सीधा लाभ कैंप में शासन की विभिन्न योजनाओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 लाभार्थीयो को आयुष्मान कार्ड और 5 लोगों को टी.बी. रोगियों को पोषण किट बांटी गई। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जालपा समूह को 6 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसके अलावा, 6 लाभार्थियों कोआवास योजना के लाभार्थियों को चाबियाँ दी गईं और बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई व अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराए गए। गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति कार्यक्रम में भाजपा नेता जितेंद्र बहादुर सिंह, अभिलाष चंद्र कौशल, निगोहा प्रधान आशीष तिवारी, ब्लॉक मंडल अध्यक्ष पवन सिंह, अभिषेक शुक्ला, संजीव त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।1
- सिराथू विधानसभा सीट को लेकर सियासी माहौल गर्म है। एक तरफ केशव प्रसाद मौर्य का मजबूत राजनीतिक अनुभव है, तो दूसरी ओर अनीता त्रिपाठी, राजेंद्र प्रसाद उर्फ भोला यादव और शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल जैसे नाम भी चर्चा में हैं।1
- खागा के एक रिसार्ट में सम्पन्न हुआ खागा मंडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण खागा फतेहपुर ::- इस वक़्त की बड़ी खबर से आपको रूबरू करवा दें की नगर पंचायत खागा के नगर के यशराज रिसार्ट में शुक्रवार को खागा मंडल का दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 का कार्यक्रम शुभारंभ खागा विधायक श्रीमती कृष्णा पासवान व बुंदेलखंड महिला मोर्चा की महामंत्री श्रीमती जयंती वर्मा ने फीता काटकर शुभारंभ किया।इस मौके पर वरिष्ठ पदाधिकारी व प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहकर प्रशिक्षण लिया और रात्रि प्रवास किया दो दिवसीय प्रशिक्षण में सात वर्गों में अलग अलग वक्ताओं ने प्रमुख कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार की विकाश कार्य व नीतियों एवं कार्य करने के रूपरेखा को विस्तार से जानकारी दिया इस मौके पर खागा चेयरमैन श्रीमती गीता सिंह,रामप्रकाश गौतम, श्रीमती अर्पणा गौतम, शिवचंद शुक्ला, प्रवीण पांडे, संतोष गुप्ता,धर्मेंद्र सिंह , चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, जयंती वर्मा अजय गुप्ता,दुर्गाशंकर गुप्ता, ज्ञानेंद्र गुप्ता, आलोक केशरवानी ,राम प्रताप सिंह, विमलेश पांडे, के के मिश्र ,जुगेश सिंह,बृजेश सिंह,धर्मेंद्र परिहार, पंकज पाल सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। आइये सुनाते हैँ क्या कुछ कहा खागा की लोकप्रिय विधायक कृष्णा पासवान ने अलोक कुमार केशरवानी4
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by Ram singh passi ⚔️1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by MANJEET PAL Dainik Bhaskar1
- ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार की सुबह जब मृतक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेवादा गांव निवासी संतोष सरोज (40) मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गुरुवार की देर शाम वह बाबूगंज से काम खत्म कर अपनी साइकिल से घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के पास स्थित बाईपास पर पहुंचा, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान तोड़ा दम स्थानीय लोगों की मदद से घायल संतोष को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी सुधार न होने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का बुरा हाल संतोष अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मौत के बाद पत्नी फूलनदेवी और बच्चों—प्रांशु, नयन और पलक—का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुँचते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। पुलिस की कार्यवाही इस संबंध में ऊँचाहार कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिलने के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।1