शव वाहन नहीं मिला। घंटों इंतजार और मदद की गुहार के बाद भी जब व्यवस्था नहीं हुई, तब मजबूर होकर परिजनों ने ट्रैक्टर का सहारा लिया। एंकर..सुशासन तिहार के दावों के बीच बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और सिस्टम पर सवाल खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार को अपने परिजन के शव को ले जाने के लिए शव वाहन तक नसीब नहीं हुआ। मजबूर परिजनों ने ट्रैक्टर में शव रखकर करीब 25 किलोमीटर का सफर लगभग 4 घंटे में तय किया। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के सरकारी दावों पर बड़ा सवाल है। वहीं मामले पर सांसद चिंतामणि महाराज ने भी व्यवस्था में कमी स्वीकार करते हुए कहा है कि उच्च स्तर पर चर्चा कर जल्द शव वाहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार राजपुर क्षेत्र के दूरस्थ इलाके में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार के एक सदस्य की मौत के बाद परिजनों को शव घर तक लाने के लिए कोई शव वाहन नहीं मिला। घंटों इंतजार और मदद की गुहार के बाद भी जब व्यवस्था नहीं हुई, तब मजबूर होकर परिजनों ने ट्रैक्टर का सहारा लिया। कच्चे और दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए शव को गांव तक पहुंचाया गया। इस दौरान ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन योजनाओं और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन आज भी आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बाइट... चिंतामणि महाराज, सांसद यह कमी है, इस पर ऊपर चर्चा करेंगे और जल्द शव वाहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
शव वाहन नहीं मिला। घंटों इंतजार और मदद की गुहार के बाद भी जब व्यवस्था नहीं हुई, तब मजबूर होकर परिजनों ने ट्रैक्टर का सहारा लिया। एंकर..सुशासन तिहार के दावों के बीच बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और सिस्टम पर सवाल खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार को अपने परिजन के शव को ले जाने के लिए शव वाहन तक नसीब नहीं हुआ। मजबूर परिजनों ने ट्रैक्टर में शव रखकर करीब 25 किलोमीटर का सफर लगभग 4 घंटे में तय किया। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के सरकारी दावों पर बड़ा सवाल है। वहीं मामले पर सांसद चिंतामणि महाराज ने भी व्यवस्था में कमी स्वीकार करते हुए कहा है कि उच्च स्तर पर चर्चा कर जल्द शव वाहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार राजपुर क्षेत्र के दूरस्थ इलाके में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार के एक सदस्य की मौत के बाद परिजनों को शव घर तक लाने के लिए कोई शव वाहन नहीं मिला। घंटों इंतजार और मदद की गुहार के बाद भी जब व्यवस्था नहीं हुई, तब मजबूर होकर परिजनों ने ट्रैक्टर का सहारा लिया। कच्चे और दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए शव को गांव तक पहुंचाया गया। इस दौरान ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन योजनाओं और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन आज भी आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बाइट... चिंतामणि महाराज, सांसद यह कमी है, इस पर ऊपर चर्चा करेंगे और जल्द शव वाहन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
- गढ़वा के रंका प्रखंड स्थित चुतरू पंचायत में एक गरीब परिवार की बेटी की शादी में स्थानीय B.D.C. मो आसीफ आलम और उनके बेटे मो अजहर अंसारी ने आर्थिक सहायता दी। इस मानवीय पहल से आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार को बड़ी राहत मिली और शादी की तैयारियां सुचारु हो पाईं। ग्रामीणों ने इस सामाजिक कार्य की खूब सराहना की है।1
- झारखंड के गढ़वा जिले की संग्रहे खुर्द पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। अजमल तालाब, योगेंद्र शर्मा तालाब समेत कई डोभा और शौचालय बिना बने ही लाखों की राशि दलाल निकाल ले गए हैं। ग्रामीण बिना जानकारी के ही अपने नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग कर रहे हैं।1
- अंबिकापुर के पूर्व विधायक श्याम सिंह अहिरिया ने बंगाल चुनाव के नतीजों को हिंदुत्व की जीत बताया। उन्होंने इस जीत को देश में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के उदय का प्रतीक कहा।1
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- धूमा ग्राम पंचायत में महिला ने कुएं में कूदकर दी जान, 3 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार) धूमा ग्राम पंचायत में महिला ने कुएं में कूदकर दी जान, 3 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)1
- पलामू के पंडवा में हुई हल्की बारिश और मेघ गर्जन ने लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत दिलाई है। इससे क्षेत्र का तापमान गिरा और मौसम खुशनुमा हो गया है।1
- बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अपराध नियंत्रण, सुरक्षा और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए डायल-112 सेवा शुरू हो गई है। इससे आपात स्थिति में आम नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों को, पहले से अधिक तेज पुलिस सहायता मिल सकेगी। शुरुआत में एक वाहन बलरामपुर क्षेत्र में तैनात किया गया है, और जल्द ही जिले के लिए 11 और वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।1
- अनपरा पुलिस ने मंदिर में हुई चोरी की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस ने चोरी के सामान और नगदी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- अंबिकापुर में 9 मई 2026 को भीषण बारिश हुई। इस अचानक हुई बरसात से पूरे इलाके का मौसम बदल गया।1