बिलासपुर में तूफानी कहर, आंधी-बारिश से शहर बेहाल...आंधी-तूफान से हाहाकार,पेड़ों के गिरने से रास्ते बंद न्यायधानी बिलासपुर में 5 मई की शाम मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया कि पूरा शहर थम सा गया। शाम करीब 6:30 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जिसने कुछ ही पलों में हालात बिगाड़ दिए। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि शहर के कई इलाकों में पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गयातालापारा, मगरपारा, पुराना बस स्टैंड, तेलीपारा और नेहरू चौक जैसे प्रमुख इलाकों में जगह जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और यातायात बाधित हो गया। खासकर नेहरू चौक में एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी इनोवा कार पर गिर गया, जिससे कार पूरी तरह दब गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी भी तरह की जनहानि की खबर सामने नहीं आई है।तेज आंधी और बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। पूरे शहर में बिजली गुल हो गई और लगभग 7 घंटे तक बिलासपुर अंधेरे में डूबा रहा। इस अचानक बदले मौसम ने प्रशासन और नागरिकों दोनों को अलर्ट कर दिया है, साथ ही भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत भी साफ कर दी है।
बिलासपुर में तूफानी कहर, आंधी-बारिश से शहर बेहाल...आंधी-तूफान से हाहाकार,पेड़ों के गिरने से रास्ते बंद न्यायधानी बिलासपुर में 5 मई की शाम मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया कि पूरा शहर थम सा गया। शाम करीब 6:30 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जिसने कुछ ही पलों में हालात बिगाड़ दिए। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि शहर के कई इलाकों में पेड़ उखड़कर
सड़कों पर गिर पड़े और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गयातालापारा, मगरपारा, पुराना बस स्टैंड, तेलीपारा और नेहरू चौक जैसे प्रमुख इलाकों में जगह जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और यातायात बाधित हो गया। खासकर नेहरू चौक में एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी इनोवा कार पर गिर गया, जिससे कार पूरी तरह दब गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में
अब तक किसी भी तरह की जनहानि की खबर सामने नहीं आई है।तेज आंधी और बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। पूरे शहर में बिजली गुल हो गई और लगभग 7 घंटे तक बिलासपुर अंधेरे में डूबा रहा। इस अचानक बदले मौसम ने प्रशासन और नागरिकों दोनों को अलर्ट कर दिया है, साथ ही भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत भी साफ कर दी है।
- कोरबा के वार्ड 19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कई मकान छत ढलाई तक पूरे हो चुके हैं, लेकिन लाभार्थियों को अब तक राशि नहीं मिली है। पैसे की कमी के कारण ये मकान अधूरे पड़े हैं और खराब होने की कगार पर हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा डभरा में एक ट्रेलर और कैप्सूल ट्रक की आमने-सामने टक्कर हुई। इस भीषण हादसे के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हो गया।1
- बिलासपुर के कोटा में शराब दुकान के बाहर अवैध बिक्री का वीडियो वायरल हुआ है, जहाँ ग्राहकों को निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर देशी शराब बेची जा रही थी। दुकानों में कमी बताकर यह खुलेआम धंधा चल रहा है, जिस पर अब कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।1
- बिलासपुर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तीन दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। बिजली गुल होने से पूरी कॉलोनी अंधेरे में है, जबकि पानी की किल्लत से स्थानीय रहवासी बुरी तरह प्रभावित हैं और परेशान हैं।1
- जंजीर-चांपा जिले के पामगढ़ में एक ग्रामीण सड़क का निर्माण पिछले 15 सालों से अटका हुआ है। इस वजह से स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।2
- बिलासपुर जिले की पारसी ग्राम पंचायत में वर्षों से चली आ रही सैला नृत्य की अद्भुत परंपरा देखने को मिली। यह पारंपरिक नृत्य इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे ग्रामीण बड़े उत्साह से मनाते हैं।1
- कोरबा के पावर हाउस रोड पर चार पहिया गाड़ियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नारद मुनि न्यूज़ ने सवाल उठाया है कि जब वहां पार्किंग की व्यवस्था है, तो वाहनों पर रोक क्यों लगाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के मैनपाट में बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। लोग व्यंग्यात्मक ढंग से कह रहे हैं कि यहां गाड़ियां सड़क पर चलने के बजाय 'उड़' रही हैं, जो ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत पर संदेह पैदा करता है।1
- पत्थलगांव के बुटराबहार गाँव में एक बेहद अनोखा और सुंदर नजारा देखने को मिला है। इस मनमोहक दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और सभी को खूब आनंद आया।1