बिज्जू की दहशत बरकरार: वन विभाग दो जंगली बिज्जू पकड़ चुका, ग्रामीणों का दावा अभी पांच हैं अशोक शुक्ला के पीपर के पास डेरा होने की चर्चा, वन विभाग से सघन अभियान चलाने की मांग मितौली खीरी। विकासखंड मितौली के ग्राम पिपरझला में जंगली बिज्जू को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव और आसपास के खेतों में लगातार बिज्जू दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोग भय के साये में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग अब तक दो बिज्जू को सुरक्षित पकड़कर ले जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद गांव में जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि अभी भी करीब पांच बिज्जू आसपास के क्षेत्र में हैं। हालांकि, इस संख्या की वन विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। गांव के लोगों का कहना है कि अशोक शुक्ला के पीपर (पीपल) के पास इन जंगली जानवरों का ठिकाना होने की आशंका है। इसी कारण आसपास के खेतों में काम करने वाले किसान, पशुपालक तथा ग्रामीण लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। शाम होते ही लोग बच्चों को घरों के भीतर रहने की सलाह दे रहे हैं और अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। बरसात के मौसम में झाड़ियों और खेतों में हरियाली बढ़ने के कारण जंगली जीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी के करीब पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरे क्षेत्र में सघन तलाश अभियान नहीं चलाया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि अशोक शुक्ला के पीपर के आसपास और गांव के बाहरी हिस्सों में विशेष निगरानी रखी जाए, संभावित ठिकानों की जांच की जाए तथा यदि अन्य बिज्जू मौजूद हों तो उन्हें भी सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए। फिलहाल पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग से लगातार निगरानी तथा शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बिज्जू की दहशत बरकरार: वन विभाग दो जंगली बिज्जू पकड़ चुका, ग्रामीणों का दावा अभी पांच हैं अशोक शुक्ला के पीपर के पास डेरा होने की चर्चा, वन विभाग से सघन अभियान चलाने की मांग मितौली खीरी। विकासखंड मितौली के ग्राम पिपरझला में जंगली बिज्जू को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव और आसपास के खेतों में लगातार बिज्जू दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोग भय के साये में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग अब तक दो बिज्जू को सुरक्षित पकड़कर ले जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद गांव में जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि अभी भी करीब पांच बिज्जू आसपास के क्षेत्र में हैं। हालांकि, इस संख्या की वन विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। गांव के लोगों का कहना है कि अशोक शुक्ला के पीपर (पीपल) के पास इन जंगली जानवरों का ठिकाना होने की आशंका है। इसी कारण आसपास के खेतों में काम करने वाले किसान, पशुपालक तथा ग्रामीण लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। शाम होते ही लोग बच्चों को घरों के भीतर रहने की सलाह दे रहे हैं और अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। बरसात के मौसम में झाड़ियों और खेतों में हरियाली बढ़ने के कारण जंगली जीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी के करीब पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरे क्षेत्र में सघन तलाश अभियान नहीं चलाया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि अशोक शुक्ला के पीपर के आसपास और गांव के बाहरी हिस्सों में विशेष निगरानी रखी जाए, संभावित ठिकानों की जांच की जाए तथा यदि अन्य बिज्जू मौजूद हों तो उन्हें भी सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए। फिलहाल पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग से लगातार निगरानी तथा शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
- पूर्वी नेपाल में हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सिराहा जिले में झड़प के दौरान एक युवक की मौत के बाद भारत से सटे जनकपुर, सिराहा और सप्तरी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दो गुटों के बीच हुई हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।Golbazar, Siraha, Nepal1
- गोला नगर जाम से जूझ रहा है,जिसमें मिल रोड पर नगर के अंदर रोडवेज बसों ने कब्जा कर रखा है। *गोला नगर में जाम से बेहाल जनता, सावन मेले की तैयारियां धरी रह गईं* *अशोक चौराहे से मिल रोड बना जाम का हॉटस्पॉट, रोडवेज बसें जिम्मेदार* *सीओ सिटी कार्यालय के सामने रोज लगता है घंटों जाम, नगरवासी आक्रोशित* *फोटो कैप्शन:* `अशोक चौराहे से मिल रोड पर रोडवेज बस और अतिक्रमण के कारण लगा भीषण जाम` *गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर* *सूर्य प्रकाश मिश्रा गोला गोकर्णनाथ।* सावन मेला शुरू हो गया है लेकिन गोला नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन द्वारा जाम से निपटने के लिए की गई तैयारियां और दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आम जनमानस का जीना दूभर हो गया है। शहर का सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग अशोक चौराहे से मिल वाली रोड है। यहीं पर सबसे अधिक भीड़भाड़ और जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। सावन मेला होने के बावजूद भी इसी मार्ग से रोडवेज की बसें शहर के बीचों-बीच से गुजरती हैं। बसों के बेतरतीब खड़े होने और सवारी बैठाने के कारण इस मार्ग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक यहां पांच मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को पैतालिस मिनट से एक घंटा तक लग जाता है। नगर प्रशासन ने सावन मेले को लेकर जाम से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे। वैकल्पिक मार्ग, अतिक्रमण हटाओ अभियान और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मिल रोड पर अतिक्रमण जस का तस है। ठेला-खुम्चे, ई-रिक्शा और अवैध पार्किंग ने सड़क का आधा हिस्सा घेर रखा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी मिल रोड पर सीओ सिटी का कार्यालय स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीओ साहब की सरकारी गाड़ी भी कई बार इसी जाम में फंस चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। इस जाम से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को हो रही है। सीएचसी आने वाले मरीज और एंबुलेंस जाम में फंसकर घंटों विलंब से पहुंच रही हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों के अभिभावकों की गाड़ियों से हालात और खराब हो जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि जाम के डर से ग्राहक बाजार नहीं आ रहे हैं, जिससे उनका कारोबार चौपट हो रहा है। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल रोडवेज बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए। बसों के लिए शहर के बाहर अस्थाई बस स्टैंड बनाया जाए। मिल रोड और अशोक चौराहे पर अतिक्रमण हटाकर नो-पार्किंग जोन घोषित किया जाए। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं। *क्या कहते हैं जिम्मेदार* रोडवेज ए आर एम गोला ने बताया कि बसों को मिल रोड के बजाय विकास चौराहे से होकर दत्तेली होकर निकलना चाहिए वहीं रूट है। पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने बताया कि कई बार एसडीएम साहब एवं इंस्पेक्टर साहब को बताया गया है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं,कई बार हमारी गाड़ी भी घंटो जाम में फंसी रहती है। यातायात प्रभारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि समस्या संज्ञान में है।कल से शहर में कोई बस नहीं आएगी,मिल गेट पर फोर्स लगाकर बसों को अंदर आने से रोका जाएगा। सावन मेले में यातायात सुचारू रूप से चालू किया जाएगा,कांवड़ियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।3
- सपनों को सच करने के लिए दिन-रात Hard Work करना पड़ता है! 🏎️💥 White Convertible ⚪ की Freedom हो या Black Sedan 🖤 का Boss Attitude, यह सब आपकी Unstoppable मेहनत का Result हैं! ⚡🏆 सही वक्त का इंतज़ार मत करो, अपना दौर खुद Create करो! 🎬🔥 ❓ आपकी Dream Car कौन सी है और Passenger Seat पर कौन होगा? कमेंट में TAG करें! 🏎️👇1
- संसारपुर में पुलिस का पैदल गश्त: अतिक्रमणकारियों को सख्त हिदायत, सुरक्षा का दिया भरोसा संसारपुर।थाना मैलानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी संसारपुर द्वारा कस्बे की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा आम जनता में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस बल ने कस्बे के प्रमुख बाजारों, चौराहों और मुख्य मार्गों का गहन निरीक्षण किया। यह गश्त चौकी प्रभारी **जितेन्द्र सिंह यादव** के नेतृत्व में आयोजित की गई। उनके साथ कांस्टेबल **सौरभ यादव**, कांस्टेबल **परशुराम** और कांस्टेबल **दिनेश कुमार** सहित पुलिस चौकी के अन्य जवान मुस्तैदी के साथ दल-बल में शामिल रहे। गश्त के दौरान पुलिस टीम ने कस्बे की मुख्य सड़कों पर दुकानों के बाहर काउंटर, ठेले या सामान रखकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने दुकानदारों को अपना सामान सीमा के भीतर रखने की हिदायत देते हुए कहा कि सार्वजनिक मार्ग बाधित होने से आम जनता को आवागमन में असुविधा होती है। इसके अलावा सड़क किनारे अकारण वाहन खड़े करने वालों और मनचले किस्म के लोगों को भी कड़ी चेतावनी देकर मौके से हटाया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। आगे भी इस प्रकार के चेकिंग और गश्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि कस्बा संसारपुर अतिक्रमण मुक्त रहे और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।1
- संसारपुर की उड़ान डिफेंस अकादमी युवाओं के सपनों को दे रही नई उड़ान, वर्दी पहनने का सपना हो रहा साकार संसारपुर (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र के युवाओं को सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उड़ान डिफेंस अकादमी, संसारपुर निरंतर कार्य कर रही है। अकादमी में शारीरिक दक्षता (फिजिकल) और लिखित परीक्षा, दोनों की समग्र तैयारी एक ही स्थान पर कराई जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। अकादमी में फिजिकल कोच सारिक सर के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को भारतीय सेना (Army), SSC GD, उत्तर प्रदेश पुलिस, उपनिरीक्षक (UPSI), उत्तर प्रदेश होमगार्ड, दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा बलों की भर्ती परीक्षाओं के फिजिकल टेस्ट की विशेष तैयारी कराई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और परीक्षा के अनुरूप आवश्यक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। साथ ही लिखित परीक्षा की भी विषयवार तैयारी कराई जाती है, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़े और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। अकादमी प्रबंधन का कहना है कि यदि किसी युवा का सपना देश की सेवा करते हुए वर्दी पहनने का है, तो उसे सही दिशा, नियमित अभ्यास और अनुभवी मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य के साथ उड़ान डिफेंस अकादमी युवाओं को उनके लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। "बेहतर तैयारी • बेहतर प्रदर्शन • 100% मेहनत, सफलता की ओर मजबूत कदम" के संकल्प के साथ अकादमी क्षेत्र के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान कर रही है।4
- लखीमपुर नाव हादसे में तलाश जारीएनडीआरएफ ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन लखीमपुर खीरी , उत्तरप्रदेश लखीमपुर नाव हादसे में तलाश जारी एनडीआरएफ ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन1