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इसराइल ने अभी जो यमन पर भीषण हवाई हमला किया है उसके कई वीडियो सामने आ गए हौथी बहुत उछल रहे थे बहुत सुरमा बन रहे थे दाल भात में मुसलचंद बन रहे थे इसराइल ने दो-तीन बार चेतावनी दिया फिर नहीं माने तो इसराइल ने की पूरी खुजली मिटा दी यह यमन का सबसे बड़ा बंदरगाह हौदियाह बंदरगाह है इसराइल के लड़ाकू विमानो ने पूरे बंदरगाह को बर्बाद कर दिया यहां लंगर डाले तमाम जहाज से लेकर पोर्ट की बिल्डिंग क्रेन मशीनरी सब उड़ा कर धुआ धुआ कर दिया यमन के लोग एकदम शॉक्ड हैं हौथी का अस्त्र भंडार से लेकर तमाम हवाई अड्डे कई रिफाइनरी तेल भंडार मिसाइल ठिकाने सब कुछ इसराइल ने धुआं धुआं कर दिया इसराइल के 40 से ज्यादा लड़ाकू विमानो ने पूरे यमन में भारी बमबारी कर दिया अब तक यह हौथी बड़े उछल रहे थे उनकी खुजली इसराइल ने मिटा दी

7 hrs ago
user_Shivinder singh Bhadwal
Shivinder singh Bhadwal
Farmer कठुआ, कठुआ, जम्मू और कश्मीर•
7 hrs ago
05212ac2-a7f5-4510-bf40-8e571ae5fb3e

इसराइल ने अभी जो यमन पर भीषण हवाई हमला किया है उसके कई वीडियो सामने आ गए हौथी बहुत उछल रहे थे बहुत सुरमा बन रहे थे दाल भात में मुसलचंद बन रहे थे इसराइल ने दो-तीन बार चेतावनी दिया फिर नहीं माने तो इसराइल ने की पूरी खुजली मिटा दी यह यमन का सबसे बड़ा बंदरगाह हौदियाह बंदरगाह है इसराइल के लड़ाकू विमानो ने पूरे बंदरगाह को बर्बाद कर दिया यहां लंगर डाले तमाम जहाज से लेकर पोर्ट की बिल्डिंग क्रेन मशीनरी सब उड़ा कर धुआ धुआ कर दिया यमन के लोग एकदम शॉक्ड हैं हौथी का अस्त्र भंडार से लेकर तमाम हवाई अड्डे कई रिफाइनरी तेल भंडार मिसाइल ठिकाने सब कुछ इसराइल ने धुआं धुआं कर दिया इसराइल के 40 से ज्यादा लड़ाकू विमानो ने पूरे यमन में भारी बमबारी कर दिया अब तक यह हौथी बड़े उछल रहे थे उनकी खुजली इसराइल ने मिटा दी

More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
  • Post by Till The End News
    1
    Post by Till The End News
    user_Till The End News
    Till The End News
    Local News Reporter मजालता, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    18 hrs ago
  • 7saal se reh rha hu Mallika tak nei bni , saara paani road price nikalta hai . road bi kharaab hoga ... shame on govt. jaldi se hall kijiye iska
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    7saal se reh rha hu Mallika tak nei bni , saara paani road price nikalta hai . road bi kharaab hoga ... shame on govt.
jaldi se hall kijiye iska
    user_Sunjeet patyar
    Sunjeet patyar
    विजयपुर, सांबा, जम्मू और कश्मीर•
    13 hrs ago
  • hak pahle mangro vot bad me do Jai hind ji jai bharat 🙏🙏🙏⚡⚡💯
    3
    hak pahle mangro vot bad me do 
Jai hind ji 
jai bharat 
🙏🙏🙏⚡⚡💯
    user_🇮🇳manmeet singh 🇮🇳
    🇮🇳manmeet singh 🇮🇳
    Artist चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • aadiwasi He
    1
    aadiwasi He
    user_Ratan singh
    Ratan singh
    Actor Kangra, Himachal Pradesh•
    7 hrs ago
  • Post by R Singh Thakur
    1
    Post by R Singh Thakur
    user_R Singh Thakur
    R Singh Thakur
    Local News Reporter अंब, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by न्यूज रिपोर्टर
    1
    Post by न्यूज रिपोर्टर
    user_न्यूज रिपोर्टर
    न्यूज रिपोर्टर
    Bharmour, Chamba•
    14 hrs ago
  • जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कुलाल में शिक्षकों की भारी कमी के चलते अब एक भी छात्र शेष नहीं बचा है। वर्षों से स्टाफ की मांग कर रहे अभिभावकों की अनदेखी का नतीजा यह रहा कि बच्चों को मजबूरी में दूसरे विद्यालयों का रुख करना पड़ा। सोमवार को तुषार सिंह, जो इस विद्यालय का अंतिम छात्र था, ने भी अपना विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र लेकर राजकीय उच्च विद्यालय मिंधल में प्रवेश ले लिया। इसके साथ ही कुलाल विद्यालय पूरी तरह खाली हो गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से अभिभावक विद्यालय में टीजीटी आर्ट्स, साइंस और भाषा अध्यापकों की नियुक्ति की मांग करते रहे, लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पहले विद्यालय में 10 से 12 बच्चे पढ़ते थे, लेकिन टीजीटी शिक्षक की मृत्यु के बाद यहां किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। मजबूर होकर अभिभावकों को अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए अन्य स्कूलों में भेजना पड़ा रहा है । अभिभावक एवं वार्ड मेंबर कौल सिंह सरकार की अनदेखी के कारण गांव के बच्चों को रोजाना 7 से 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मिंधल हाई स्कूल जाना पड़ रहा है। रास्ता जंगल से होकर गुजरता है, जहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा कई स्थानों पर पत्थर गिरने और नालों को पार करने का जोखिम भी रहता है। मंगल सिंह अभिभावक कुलाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक लगातार चिंतित रहते हैं। छोटे बच्चों के लिए कुलाल और मिंधल के बीच का लंबा और जोखिम भरा सफर बेहद कठिन है, लेकिन मजबूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को रिश्तेदार के पास या किराये का मकान लेकर वही रखा है मितु कुमारी अभिभावक कुलाल सरकार और प्रशासन कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर विद्यालय में एक टी जी टी अध्यापक को भी भेजते तो अब हालात ऐसे बनते आज विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है, जो क्षेत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीषा कुमारी अभिभावक कुलाल गौरतलब है कि कुलाल गांव मिंधल पंचायत का दूरदराज क्षेत्र है, जहां आज भी लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में सरकार ने 2006 में यहां मिडिल स्कूल खोलकर बच्चों को घर के पास शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था, लेकिन अब वही विद्यालय स्टाफ की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। 2006 में जब विद्यालय खोला गया था उसके समय 14 बच्चों ने विद्यालय में दाखिला लिया था पांच अध्यापको की नियुक्ति सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा की गई थी। 2015 तक चार अध्यापक, 2022 में ड्राइंग टीचर, 2024 में तीन अध्यापक 13 बच्चे विद्यालय में पढ़ाई कर रह थे। 2025 में टी जी टी अध्यापक की मृत्यु के बाद विद्यालय में एक भाषा अध्यापक रहा बच्चे भी सात रह गए 2026 में एक बच्चा नहीं रहा। विद्यालय में केवल एक ही छात्र बचा था, जिसने भी अब अन्य विद्यालय में प्रवेश ले लिया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और आगे के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। विद्यालय इंचार्ज केहर सिंह। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कुलाल के इंचार्ज ने जानकारी दी विद्यालय में एक विद्यार्थी था उसने भी अपना विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र लेकर किसी दूसरे विद्यालय में प्रवेश ले लिया विद्यालय में. एक भी छात्र नहीं है इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियो आवासीय आयुक्त पांगी को दे दी है आगामी जो निर्देश आएगे उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। अनुप धर्मणी प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच पांगी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो यह स्कूल हमेशा के लिए बंद हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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    जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कुलाल में शिक्षकों की भारी कमी के चलते अब एक भी छात्र शेष नहीं बचा है। वर्षों से स्टाफ की मांग कर रहे अभिभावकों की अनदेखी का नतीजा यह रहा कि बच्चों को मजबूरी में दूसरे विद्यालयों का रुख करना पड़ा।
सोमवार को तुषार सिंह, जो इस विद्यालय का अंतिम छात्र था, ने भी अपना विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र लेकर राजकीय उच्च विद्यालय मिंधल में प्रवेश ले लिया। इसके साथ ही कुलाल विद्यालय पूरी तरह खाली हो गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से अभिभावक विद्यालय में टीजीटी आर्ट्स, साइंस और भाषा अध्यापकों की नियुक्ति की मांग करते रहे, लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पहले विद्यालय में 10 से 12 बच्चे पढ़ते थे, लेकिन टीजीटी शिक्षक की मृत्यु के बाद यहां किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। मजबूर होकर अभिभावकों को अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए अन्य स्कूलों में भेजना पड़ा रहा है । अभिभावक एवं वार्ड मेंबर कौल सिंह
सरकार की अनदेखी के कारण गांव के बच्चों को रोजाना 7 से 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर मिंधल हाई स्कूल जाना पड़ रहा है। रास्ता जंगल से होकर गुजरता है, जहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा कई स्थानों पर पत्थर गिरने और नालों को पार करने का जोखिम भी रहता है। मंगल सिंह अभिभावक कुलाल 
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक लगातार चिंतित रहते हैं। छोटे बच्चों के लिए कुलाल और मिंधल के बीच  का लंबा और जोखिम भरा सफर बेहद कठिन है, लेकिन मजबूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को रिश्तेदार के पास या किराये का मकान लेकर वही रखा  है मितु कुमारी अभिभावक कुलाल 
सरकार और प्रशासन कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर विद्यालय में एक टी जी टी अध्यापक को भी भेजते तो अब हालात ऐसे बनते आज विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है, जो क्षेत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीषा कुमारी अभिभावक कुलाल 
गौरतलब है कि कुलाल गांव मिंधल पंचायत का दूरदराज क्षेत्र है, जहां आज भी लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में सरकार ने 2006 में यहां मिडिल स्कूल खोलकर बच्चों को घर के पास शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था, लेकिन अब वही विद्यालय स्टाफ की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।
2006 में जब विद्यालय खोला गया था उसके समय 14 बच्चों ने विद्यालय में दाखिला लिया था पांच अध्यापको की नियुक्ति सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा की गई थी। 2015 तक चार अध्यापक, 2022 में ड्राइंग टीचर, 2024 में तीन अध्यापक 13 बच्चे विद्यालय में पढ़ाई कर रह थे। 2025 में टी जी टी अध्यापक की मृत्यु के बाद विद्यालय में एक भाषा अध्यापक रहा बच्चे भी सात रह गए 2026 में एक बच्चा नहीं रहा। 
विद्यालय में केवल एक ही छात्र बचा था, जिसने भी अब अन्य विद्यालय में प्रवेश ले लिया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और आगे के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। विद्यालय इंचार्ज केहर सिंह।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कुलाल के इंचार्ज ने जानकारी दी विद्यालय में एक विद्यार्थी था उसने भी अपना विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र लेकर किसी दूसरे विद्यालय में प्रवेश ले लिया विद्यालय में. एक भी छात्र नहीं है इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियो आवासीय आयुक्त पांगी को दे दी है आगामी जो निर्देश आएगे उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। अनुप धर्मणी प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच पांगी 
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो यह स्कूल हमेशा के लिए बंद हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    Insurance Agent पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Till The End News
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    Post by Till The End News
    user_Till The End News
    Till The End News
    Local News Reporter मजालता, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    18 hrs ago
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