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विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सोशल मीडिया पर 'कक्रोज जनता पार्टी' को लेकर एक चर्चा सामने आई है, जिसमें इसके 'सच' और 'हकीकत' को सामने लाने की मांग की जा रही है, यह सवाल उठाते हुए कि आखिर क्या अफवाह है और क्या वास्तविकता। इस पोस्ट में इसे एक 'पॉलिटिकल सटायर' (राजनीतिक व्यंग्य) के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिस पर 'फैक्ट चेक' और 'रियलिटी चेक' की आवश्यकता बताई गई है। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), रेवाड़ी कांग्रेस, पीएमओ इंडिया, भाजपा बिहार, भाजपा उत्तराखंड, भाजपा झारखंड जैसे संगठनों के साथ-साथ सीजेपैक एएसपी एमपी, सुरोहंजया पेरखिदमातन अवाम मलेशिया (एसपीए) और नाना डोनकोर आर्थर - एनडीए का भी उल्लेख किया गया है।1
- थाना कोतवाली नगर में दर्ज गैंगस्टर के अभियोग से संबंधित गैंग लीडर मस्सन और अलीम उर्फ मोनू के खिलाफ प्रभावी विधिक कार्यवाही की गई है। उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए, उनकी कुल ₹14.30 लाख रुपये मूल्य की अवैध चल संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार ने जानकारी दी है, जिसमें गैंगस्टर के मुकदमे से जुड़े गैंग लीडर की अवैध चल संपत्ति की कुर्की का उल्लेख है।1
- प्रतापगढ़ के फतनपुर थाना क्षेत्र के सिलौधी गांव से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक भाई पर स्टांप पेपर पर गवाहों और पंचों के फर्जी हस्ताक्षर कराने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब अमरनाथ पाल नामक व्यक्ति ने गांव में पंचों को बुलाकर एक पंचायत की थी, जिसके तहत भाई-भाई के बीच पुराने घर के बदले पैसे देने को लेकर समझौता हुआ था। आरोपी भाई ने इसी समझौते के कागज शोभानाथ पाल को फर्जी हस्ताक्षर कराकर दिए थे। पीड़ित का आरोप है कि सुलह होने के बावजूद उसके भाई ने घर से खिड़की और दरवाजे उखाड़ लिए। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी भाई ने उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत की है।1
- उत्तरप्रदेश के कौशांबी में एक लाइनमैन की हत्या कर दी गई है। इस हत्या की वजह एक नाबालिग के साथ उसका प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।1
- गाजियाबाद के जिला अस्पताल एमएमजी में दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 6:25 बजे तक, यानी तीन घंटे से भी अधिक समय तक, एक लड़की हाथ में चाकू लेकर लोगों को डराती-धमकाती रही। इस दौरान डॉक्टरों की टीम, वार्ड बॉय और पुलिस प्रशासन में से कोई भी लड़की को काबू नहीं कर पाया। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह जिला अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन की लापरवाही नहीं है, और क्या वे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हैं। इस घटना का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लड़की को डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित जीवनदीप अस्पताल भरवारी में इलाज के दौरान एक वृद्ध की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टर ने परिजनों को शव सौंपने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्होंने बकाया 12 हजार रुपए जमा नहीं किए थे। अस्पताल प्रशासन ने मृतक के परिजनों को गाली-गलौज कर अस्पताल से भगा दिया और शव को एक कमरे में बंद कर दिया। खालिसपुर निवासी कमलेश ने मंगलवार सुबह अपने पिता शिवलाल को तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। भर्ती के समय 10 हजार रुपए नकद जमा किए गए थे और डॉक्टर ओपी गुप्ता ने बताया था कि शिवलाल के गुर्दे खराब हो गए हैं, जिसे वे इलाज कर ठीक कर देंगे। हालांकि, बुधवार सुबह 3 बजे शिवलाल की मौत हो गई। जब परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने की कोशिश की, तो अस्पताल संचालक और डॉक्टर ओमप्रकाश ने 12 हजार रुपए अतिरिक्त जमा करने की मांग की। परिजनों ने पैसे जमा करने में अपनी असमर्थता जताई, जिसके बाद उन्हें गाली-गलौज करके अस्पताल से भगा दिया गया और शव को कमरे में बंद कर दिया गया। परिजनों की सूचना पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर से बात की और उन्हें बताया कि पैसे के लिए किसी का शव अस्पताल में नहीं रखा जा सकता। इसके बाद ही परिजनों को शिवलाल का शव मिल सका। इस घटना के दौरान अस्पताल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतक वृद्ध के बेटे कमलेश ने बताया कि पहले 10 हजार रुपए जमा कराए गए, फिर 12 हजार रुपए की मांग की गई, लेकिन उनका कहना है कि अगर इलाज सही होता तो उनके पिता की जान बच सकती थी।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मिलएरिया थाना क्षेत्र के चक धरोरा वार्ड नंबर 5 में सभासद सुनीता पाल और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना तब हुई जब सभासद सुनीता पाल ने अवैध कब्जे को लेकर शिकायत की थी, जिसके बाद शिकायतकर्ता पर ही हमला कर दिया गया। हमला करने वालों में संतोष पाल, रामकुमार, अनुज, आलोक सिंह, राकेश सिंह, राकेश सिंह के लड़के और उनके परिजन शामिल थे, जिन्होंने सभासद सुनीता पाल, उनके पति राम सजीवन, उनके देवर और उनके भाइयों को निशाना बनाया। दरअसल, यह मामला संतोष पाल के घर के पास एक तालाब में दबंगों द्वारा जबरन कब्जे के प्रयास से जुड़ा है। वार्ड नंबर 5 की सभासद सुनीता पाल ने मिल एरिया थाने में इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन तब उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला बढ़ने पर रायबरेली के नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली और सभासदों को तत्काल गंभीर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, पुलिस पर हीला-हवाली का आरोप लगा है, क्योंकि उन्होंने इस पूरे मामले में 191/2, 115/2, 352, 351, 309/6 जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई से पुलिस प्रशासन पर बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर सभासद जैसे जन प्रतिनिधि पर जानलेवा हमला करने वाले कौन लोग हैं। शिकायत करना सभासद सुनीता पाल व उनके परिवार को भारी पड़ा है। जहां एक ओर वार्ड नंबर 5 की सभासद सुनीता पाल ने अपने वार्ड में भरपूर प्रयास और विकास कराया है, वहीं अब इस हमले और पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि रायबरेली का पुलिस विभाग इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है, जिसका फैसला आने वाला समय ही करेगा।1