दरभंगा नगर निगम की स्थायी समिति के लिए मंगलबार को जिला परिषद सभागार में काफी गहमागहमी के बीच मतदान संपन्न हुआ। सुबह 8 बजे से शुरू हुए इस चुनाव में दो गुटों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अंततः सात प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। चुनावी मैदान में एक गुट से वार्ड 19 के पार्षद वर्चस्वपति मिश्र, वार्ड 40 की पार्षद पूनम देवी, राजू पासवान, चांदनी देवी, रवि रोहन, रिंकू कुमारी और सोनी पूर्वी शामिल थे। वहीं, दूसरे गुट में वार्ड 6 के पार्षद शत्रुघ्न यादव उर्फ नारद यादव, वार्ड 31 के पार्षद नफ़ीसुल हक उर्फ रिंकू, अजय महतो, वार्ड 25 के पार्षद फिरोज आलम, वार्ड 13 के पार्षद राजीव सिंह, वार्ड 37 के पार्षद रियासत अली और वार्ड 28 की पार्षद ज्योति कुमारी उतरे थे। उपनगर आयुक्त स्वपनिल की निगरानी में पूरी चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई, जिसने पिछले कई दिनों से गरमाई नगर निगम की राजनीति पर विराम लगा दिया। जिन सात प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, उनमें शत्रुघ्न यादव उर्फ नारद यादव (वार्ड 6), नफ़ीसुल हक उर्फ रिंकू (वार्ड 31), राजू पासवान, चांदनी देवी, राजीव सिंह (वार्ड 13), रियासत अली (वार्ड 37) और सोनी पूर्वी (वार्ड 11) शामिल हैं। चुनाव संपन्न होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने उन्हें हरा गमछा पहनाकर स्वागत किया। इसके उपरांत, सभी निर्वाचित सदस्यों को दरभंगा के डीडीसी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और उन्हें शपथ भी दिलाई गई। जीत के बाद, विजयी प्रत्याशियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए नगर निगम के विकास और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
दरभंगा नगर निगम की स्थायी समिति के लिए मंगलबार को जिला परिषद सभागार में काफी गहमागहमी के बीच मतदान संपन्न हुआ। सुबह 8 बजे से शुरू हुए इस चुनाव में दो गुटों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अंततः सात प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। चुनावी मैदान में एक गुट से वार्ड 19 के पार्षद वर्चस्वपति मिश्र, वार्ड 40 की पार्षद पूनम देवी, राजू पासवान, चांदनी देवी, रवि रोहन, रिंकू कुमारी और सोनी पूर्वी शामिल थे। वहीं, दूसरे गुट में वार्ड 6 के पार्षद शत्रुघ्न यादव उर्फ नारद यादव, वार्ड 31 के पार्षद नफ़ीसुल हक उर्फ रिंकू, अजय महतो, वार्ड 25 के पार्षद फिरोज आलम, वार्ड 13 के पार्षद राजीव सिंह, वार्ड 37 के पार्षद रियासत अली और वार्ड 28 की पार्षद ज्योति कुमारी उतरे थे। उपनगर आयुक्त स्वपनिल की निगरानी में पूरी चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई, जिसने पिछले कई दिनों से गरमाई नगर निगम की राजनीति पर विराम लगा दिया। जिन सात प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, उनमें शत्रुघ्न यादव उर्फ नारद यादव (वार्ड 6), नफ़ीसुल हक उर्फ रिंकू (वार्ड 31), राजू पासवान, चांदनी देवी, राजीव सिंह (वार्ड 13), रियासत अली (वार्ड 37) और सोनी पूर्वी (वार्ड 11) शामिल हैं। चुनाव संपन्न होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने उन्हें हरा गमछा पहनाकर स्वागत किया। इसके उपरांत, सभी निर्वाचित सदस्यों को दरभंगा के डीडीसी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और उन्हें शपथ भी दिलाई गई। जीत के बाद, विजयी प्रत्याशियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए नगर निगम के विकास और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
- दरभंगा नगर निगम में जारी 'सियासी संग्राम' अब समाप्त हो गया है। इसमें नफ़ीसुल हक सहित कुल सात चेहरों ने जीत हासिल की है। अपनी इस जीत के तुरंत बाद, इन विजयी उम्मीदवारों ने हरे गमछे के साथ अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।1
- दरभंगा जिले के अमाही गाँव स्थित एक स्कूल में एक कमरे का निर्माण कार्य चल रहा है, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कमरा केवल तीन पिलर पर बनाया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है। इस असामान्य निर्माण पद्धति को देखते हुए, आरोप लगाया गया है कि इस कार्य में भ्रष्टाचार हो सकता है। संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की अपील की गई है।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर, नदियों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से एक 'रोको टोको अभियान' कार्यक्रम चलाया गया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य लोगों को नदियों में कूड़ा, कचरा, पॉलीथीन और पूजा सामग्री विसर्जित करने से रोकना था, ताकि जल प्रदूषण पर अंकुश लगाया जा सके।1
- दरभंगा नगर निगम की स्थायी समिति के चुनाव में नफीसुल हक सहित कुल सात सदस्यों ने बाजी मारी है। इन चुनावों में अधिकतर विजयी सदस्यों का स्वागत उन्हें हरे गमछे पहनाकर किया गया।1
- बकरीद के त्योहार को देखते हुए दरभंगा में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। शांति व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी वर्गों के लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई है। इसके साथ ही, प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी तरह की गलत जानकारी या भड़काऊ पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी चौराहे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो तेज रफ्तार ट्रक और एक हाईवा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी गूँज से आसपास का पूरा इलाका दहल उठा। इस दुर्घटना की चपेट में आने से चौराहे पर स्थित कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।1
- दर्पण24 न्यूज़ के अनुसार, एक मां ने जेल में बंद अपने बेटे को पीटे जाने का आरोप लगाया है। वहीं, जेल उपाधीक्षक ने कैदी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई है। इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है और क्या यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद है, यह एक अहम सवाल बना हुआ है।1
- दरभंगा में डॉ. मुन्ना खान ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए यह स्पष्ट रूप से कहा है कि गाय की कुर्बानी हमेशा के लिए बंद होनी चाहिए।1
- समस्तीपुर शहर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली से आम जनता भीषण गर्मी के बीच बुरी तरह परेशान है। घंटों बिजली कटौती के कारण लोगों को रातभर रतजगा करना पड़ रहा है, वहीं पंखा, कूलर और पानी की मोटर बंद रहने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। माले की जांच टीम के नेता ने बताया कि क्षेत्र के कई विद्युत ट्रांसफार्मर जर्जर अवस्था में हैं, जिसके कारण उनके तार, बुश, बुश रॉड, एमसीबी, पैनल, हैंडल, स्विच, डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और ब्रेकर खराब या जले हुए हैं, और उपलब्ध बिजली भी उपभोक्ताओं तक सही ढंग से नहीं पहुँच पा रही है। कई मोहल्लों में कम वोल्टेज, बार-बार फ्यूज उड़ने और तार टूटने जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। भाकपा माले और विधुत सुधार संघर्ष मोर्चा की एक संयुक्त जांच टीम ने माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में 26 मई 2026 को शहर के आदर्शनगर, आजादनगर, काशीपुर, विवेक-विहार, बारह पत्थर और सरोजिनी गली सहित कई इलाकों में दर्जनभर से अधिक ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद टीम ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को शिकायतें दिए जाने के बावजूद कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय स्टोर में आवश्यक विद्युत उपकरणों जैसे कॉपर वायर, केबुल, तार, पैनल, स्विच, हैंडल, एमसीबी, डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स, बुश और बुश रॉड की उपलब्धता न होने से खराब ट्रांसफार्मर और लाइनों की मरम्मत में देरी हो रही है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहरवासियों ने मांग की है कि जर्जर ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए, खराब उपकरणों की मरम्मत हो, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएं, शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए एक टीम गठित की जाए, पर्याप्त विद्युत उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1