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मिड-डे मील और शिक्षकों की अंतहीन उलझनें: व्यवस्था आखिर सवालों के घेरे में क्यों? बस्ती/लखनऊ - प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में चल रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN - पुराना नाम मिड-डे मील) योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसकी पूरी भागदौड़ का ठीकरा शिक्षक के सिर पर फोड़ दिया जाता है। 1. गेहूं मिला, आटा कौन पिसवाएगा? नियमतः भारत सरकार FCI के माध्यम से गेहूं उपलब्ध कराती है। उत्तर प्रदेश में कई जिलों में विद्यालयों को सीधे गेहूं मिल रहा है, आटा नहीं। PM POSHAN गाइडलाइन के अनुसार गेहूं से आटा बनवाने के लिए Conversion Cost और परिवहन का पैसा राज्य सरकार को देना है, लेकिन विद्यालय स्तर पर इसके लिए कोई अलग कर्मचारी नामित नहीं है। हकीकत में प्रधानाध्यापक को ही चक्की तक गेहूं ले जाना, पिसाई का खर्च निकालना और हिसाब देना पड़ता है। न कोई पिसाई भत्ता तय, न कोई व्यक्ति नियुक्त। 2. साफ-सफाई और बर्तन कौन धोएगा? पद ही नहीं है सरकारी आदेश कहता है विद्यालय में रोज साफ-सफाई होनी चाहिए। लेकिन तथ्य यह है: • परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में स्वतंत्र सफाई कर्मचारी का पद सृजित ही नहीं है। • मिड-डे मील में बर्तन धोने के लिए कोई पद नहीं है। PM POSHAN गाइडलाइन में सिर्फ एक रसोइया-सह-सहायिका का प्रावधान है, जिसका काम खाना बनाना है। नतीजा - बच्चे खुद थाली धोते हैं, या शिक्षक पर कैमरा तान दिया जाता है। सवाल यह है कि जब पद ही नहीं तो जिम्मेदारी शिक्षक की कैसे? यूपी में 1.5 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में यह योजना चल रही है, पर सफाई और बर्तन धोने की व्यवस्था आज भी रामभरोसे है। 3. रसोई गैस से लेकर सब्जी-फल-दूध तक - शिक्षक कब पढ़ाएगा? विद्यालय का सिलेंडर खत्म होने पर एजेंसी के चक्कर लगाना, रोज ताजी सब्जी लाना, शासन के मेन्यू के अनुसार सोमवार को फल और बुधवार को दूध की व्यवस्था करना - यह सब प्रधानाध्यापक की डायरी में जुड़ा गैर-शैक्षणिक कार्य बन गया है। जबकि शिक्षक की नियुक्ति Graduation, B.Ed/BTC, TET, Super TET जैसी योग्यता के बाद शिक्षण के लिए होती है, न कि रसद-प्रबंधन के लिए। प्रिंसिपल्स पहले ही हाईकोर्ट में कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी academics है, MDM का अतिरिक्त बोझ नहीं होना चाहिए। ऐसे में शिक्षक NIPUN लक्ष्य कैसे हासिल करेगा, यह बड़ा सवाल है। 4. रसोइयों की हकीकत - 2000 रुपये में 10 महीने का गुजारा तथ्य चौंकाने वाले हैं: • उत्तर प्रदेश में रसोइयों को अभी 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीने के लिए। कई जगह 6 महीने से भुगतान लंबित है। • रसोइया खुद कहती हैं कि 2000 रुपये में परिवार पालना मुश्किल है। • सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 3000 रुपये करने, 62 साल तक रिटायरमेंट उम्र और 5 लाख तक मुफ्त इलाज की घोषणा की है, पर जमीनी स्तर पर अभी भी 2000 ही मिल रहा है। मानवीय पक्ष यह भी है कि त्योहारों पर कई शिक्षक अपने वेतन से रसोइयों को साड़ी, आर्थिक मदद करते हैं। दूसरी तरफ कई जगह रसोइया का चयन ग्राम प्रधान की सिफारिश पर होता है, वे सिर्फ खाना बनाकर चली जाती हैं, कैंपस की जूठन वहीं पड़ी रहती है। असली जिम्मेदार कौन? PM POSHAN योजना 2021 में Mid-Day Meal का नया नाम है और इसका संचालन यूपी में 2006 में गठित Mid-Day Meal Authority के अधीन होता है। इसके संचालन के लिए ग्राम स्तर पर प्रधान, SMC, रोजगार सेवक और MDM प्राधिकरण की भूमिका तय है, लेकिन जवाबदेही के समय सिर्फ मास्टर जी ही नजर आते हैं। जब व्यवस्था में ही - • आटा पिसाई के लिए कोई नामित व्यक्ति नहीं • सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं • बर्तन धोने के लिए कोई पद नहीं • रसद लाने के लिए कोई संसाधन नहीं तो फिर हर वीडियो में, हर यूट्यूब स्टिंग में शिक्षक को ही कटघरे में खड़ा करना कितना न्यायसंगत है?

12 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago
417ff209-bcc2-4b97-a3d5-6890a964ce8f

मिड-डे मील और शिक्षकों की अंतहीन उलझनें: व्यवस्था आखिर सवालों के घेरे में क्यों? बस्ती/लखनऊ - प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में चल रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN - पुराना नाम मिड-डे मील) योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसकी पूरी भागदौड़ का ठीकरा शिक्षक के सिर पर फोड़ दिया जाता है। 1. गेहूं मिला, आटा कौन पिसवाएगा? नियमतः भारत सरकार FCI के माध्यम से गेहूं उपलब्ध कराती है। उत्तर प्रदेश में कई जिलों में विद्यालयों को सीधे गेहूं मिल रहा है, आटा नहीं। PM POSHAN गाइडलाइन के अनुसार गेहूं से आटा बनवाने के लिए Conversion Cost और परिवहन का पैसा राज्य सरकार को देना है, लेकिन विद्यालय स्तर पर इसके लिए कोई अलग कर्मचारी नामित नहीं है। हकीकत में प्रधानाध्यापक को ही चक्की तक गेहूं ले जाना, पिसाई का खर्च निकालना और हिसाब देना पड़ता है। न कोई पिसाई भत्ता तय, न कोई व्यक्ति नियुक्त। 2. साफ-सफाई और बर्तन कौन धोएगा? पद ही नहीं है सरकारी आदेश कहता है विद्यालय में रोज साफ-सफाई होनी चाहिए। लेकिन तथ्य यह है: • परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में स्वतंत्र सफाई कर्मचारी का पद सृजित ही नहीं है। • मिड-डे मील में बर्तन धोने के लिए कोई पद नहीं है। PM POSHAN गाइडलाइन में सिर्फ एक रसोइया-सह-सहायिका का प्रावधान है, जिसका काम खाना बनाना है। नतीजा - बच्चे खुद थाली धोते हैं, या शिक्षक पर कैमरा तान दिया जाता है। सवाल यह है कि जब पद ही नहीं तो जिम्मेदारी शिक्षक की कैसे? यूपी में 1.5 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में यह योजना चल रही है, पर सफाई और बर्तन धोने की व्यवस्था आज भी रामभरोसे है। 3. रसोई गैस से लेकर सब्जी-फल-दूध तक - शिक्षक कब पढ़ाएगा? विद्यालय का सिलेंडर खत्म होने पर एजेंसी के चक्कर लगाना, रोज ताजी सब्जी लाना, शासन के मेन्यू के अनुसार सोमवार को फल और बुधवार को दूध की व्यवस्था करना - यह सब प्रधानाध्यापक की डायरी में जुड़ा गैर-शैक्षणिक कार्य बन गया है। जबकि शिक्षक की नियुक्ति Graduation, B.Ed/BTC, TET, Super TET जैसी योग्यता के बाद शिक्षण के लिए होती है, न कि रसद-प्रबंधन के लिए। प्रिंसिपल्स पहले ही हाईकोर्ट में कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी academics है, MDM का अतिरिक्त बोझ नहीं होना चाहिए। ऐसे में शिक्षक NIPUN लक्ष्य कैसे हासिल करेगा, यह बड़ा सवाल है। 4. रसोइयों की हकीकत - 2000 रुपये में 10 महीने का गुजारा तथ्य चौंकाने वाले हैं: • उत्तर प्रदेश में रसोइयों को अभी 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीने के लिए। कई जगह 6 महीने से भुगतान लंबित है। • रसोइया खुद कहती हैं कि 2000 रुपये में परिवार पालना मुश्किल है। • सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 3000 रुपये करने, 62 साल तक रिटायरमेंट उम्र और 5 लाख तक मुफ्त इलाज की घोषणा की है, पर जमीनी स्तर पर अभी भी 2000 ही मिल रहा है। मानवीय पक्ष यह भी है कि त्योहारों पर कई शिक्षक अपने वेतन से रसोइयों को साड़ी, आर्थिक मदद करते हैं। दूसरी तरफ कई जगह रसोइया का चयन ग्राम प्रधान की सिफारिश पर होता है, वे सिर्फ खाना बनाकर चली जाती हैं, कैंपस की जूठन वहीं पड़ी रहती है। असली जिम्मेदार कौन? PM POSHAN योजना 2021 में Mid-Day Meal का नया नाम है और इसका संचालन यूपी में 2006 में गठित Mid-Day Meal Authority के अधीन होता है। इसके संचालन के लिए ग्राम स्तर पर प्रधान, SMC, रोजगार सेवक और MDM प्राधिकरण की भूमिका तय है, लेकिन जवाबदेही के समय सिर्फ मास्टर जी ही नजर आते हैं। जब व्यवस्था में ही - • आटा पिसाई के लिए कोई नामित व्यक्ति नहीं • सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं • बर्तन धोने के लिए कोई पद नहीं • रसद लाने के लिए कोई संसाधन नहीं तो फिर हर वीडियो में, हर यूट्यूब स्टिंग में शिक्षक को ही कटघरे में खड़ा करना कितना न्यायसंगत है?

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  • *मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग।* *NepalFlood*
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    *मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग।*

*NepalFlood*
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक ..... 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी...
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    27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक .....
27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन और माता अपने एक सहयात्री के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी...
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • “स्कूल यूनिफॉर्म या हिजाब?लखनऊ में क्यों फिर भड़की बहस, फैसले पर पुनर्विचार की मांग से बढ़ा सस्पेंस” लखनऊ में हिजाब और स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर बहस फिर तेज़ हो गई है। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की बात कही, जबकि ओम प्रकाश राजभर ने फैसले को सही बताते हुए कहा कि बच्चे स्कूल शिक्षा के लिए जाते हैं। #HijabRow #Lucknow #UttarPradesh #AllahabadHighCourt #KhalidRashid #OPRajbhar #HijabControversy #SchoolUniform #UPPolitics #HijabPolitics
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    “स्कूल यूनिफॉर्म या हिजाब?लखनऊ में क्यों फिर भड़की बहस, फैसले पर पुनर्विचार की मांग से बढ़ा सस्पेंस”
लखनऊ में हिजाब और स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर बहस फिर तेज़ हो गई है। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की बात कही, जबकि ओम प्रकाश राजभर ने फैसले को सही बताते हुए कहा कि बच्चे स्कूल शिक्षा के लिए जाते हैं। 
#HijabRow #Lucknow #UttarPradesh #AllahabadHighCourt #KhalidRashid #OPRajbhar #HijabControversy #SchoolUniform #UPPolitics #HijabPolitics
    user_भारत 24*7 न्यूज़ चैनल
    भारत 24*7 न्यूज़ चैनल
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बस्ती। जनपद बस्ती के विकासखंड परशुरामपुर अंतर्गत ग्राम हैदराबाद में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। बस्ती ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर एक भव्य धार्मिक जुलूस निकाला गया, जो सिकंदरपुर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए फैजुल्ला शाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने अकीदत के साथ हिस्सा लिया और अमन, शांति एवं आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस धार्मिक जुलूस में हैदराबाद, सिकंदरपुर, रिठौरा, जोगापुर सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे रास्ते लोगों में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। जुलूस का नेतृत्व शाहिद अहमद, इम्तियाज बेग, सिराज बेग एवं पत्रकार रविकांत आर्य ने किया। इस दौरान आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी लोगों ने सहयोग किया। वहीं, जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे और जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। कुल मिलाकर, परशुरामपुर क्षेत्र के हैदराबाद गांव में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक आस्था, उत्साह, अमन और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की।
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    बस्ती। जनपद बस्ती के विकासखंड परशुरामपुर अंतर्गत ग्राम हैदराबाद में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। 
बस्ती 
ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर एक भव्य धार्मिक जुलूस निकाला गया, जो सिकंदरपुर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए फैजुल्ला शाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने अकीदत के साथ हिस्सा लिया और अमन, शांति एवं आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
इस धार्मिक जुलूस में हैदराबाद, सिकंदरपुर, रिठौरा, जोगापुर सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे रास्ते लोगों में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
जुलूस का नेतृत्व शाहिद अहमद, इम्तियाज बेग, सिराज बेग एवं पत्रकार रविकांत आर्य ने किया। इस दौरान आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी लोगों ने सहयोग किया।
वहीं, जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे और जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
कुल मिलाकर, परशुरामपुर क्षेत्र के हैदराबाद गांव में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व धार्मिक आस्था, उत्साह, अमन और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बीकापुर में जश्न-ए- ईद मिलादुन्नबी की रही धूम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोतवाली पुलिस जगह-जगह मुस्तैद रही बीकापुर। तहसील क्षेत्र में बुधवार को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की धूम रही। कस्बा बीकापुर, दराबगंज, काजी सराय, खजुरहट, चौरे बाजार, गंडई, कोछा बाजार सहित कई जगहों पर सुबह धूमधाम से गाजे बाजे के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश के मौके पर बुधवार को 12 रबी-उल-अव्वल के दिन जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर जायरीनो द्वारा जगह-जगह स्टाल लगाकर जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा पानी मीठा शरबत और नाश्ता खिलाया गया। मोहम्मद साहब के शान में कसीदे पढ़े गए। देश में अमन चैन की दुआ की गई। जश्ने ए ईद मिलादुन्नबी कार्यक्रम में उमस और गर्मी के बीच भी लोग जोश से लवरेज दिखाई दिए। बीकापुर में बारावफात के अवसर पर ईदुलनवी के जुलूस में यहां की सड़कों पर भारी तादात में जायरीनों ने शिरकत करते हुए मुल्क में अमन की दुआ मांगी। इस अवसर पर दरगाह के गद्दीनशीन बाबा नसरुद्दीन शाह कादरी की दरगाह से जुलूस ए मोहम्मदिया निकल गया जो कस्बा बीकापुर में प्रयागराज हाईवे कर दो किलोमीटर तक चल कर वापस दरगाह के पास आकर समाप्त हुआ। इस दौरान सरकार की शान के कसीदे पढ़े गए। दरगाह के गद्दीनशीन नसरुद्दीन शाह कादरी ने लोगों से अमन चैन के साथ त्योहार मनाने पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के लिए भी आभार जताया। दराबगंज से बीकापुर जमा मस्जिद तक निकलने वाले जुलूस में प्रधान अहमद रजा, अजमत सहित नामी गिरामी हस्तियों ने शिरकत करते हुए मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर नेक बने तथा सच्चाई के रास्ते पर अमल करने का पैगाम दिया। जुलूस में मुख्य रूप से प्रशांत श्रीवास्तव, शरीफ खान, नसीब खान, अजमत खान, आबाद अहमद एडवोकेट, अहमद रजा, मोहम्मद कलीम कादरी, मोहम्मद नसीम कादरी, नसरुद्दीन शाह कादरी, महमूद अहमद सहित तमाम लोग मौजूद रहे। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम जामा मस्जिद बीकापुर की कमेटी के ओहदे एतरान और पेश इमाम बीकापुर की कयादत में पुरखुलूस मोहब्बत व अमन चैन के साथ मनाया गया। जिसमे बीकापुर के अलावा पास पड़ोस के भी काफी तादाद में लोगों ने शिरकत किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोतवाली पुलिस जगह-जगह मुस्तैद रही। कोतवाल देवेंद्र पांडेय ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के सभी स्थानों पर वरावफात शांतिपूर्ण माहौल एवं भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
    2
    बीकापुर में जश्न-ए- ईद मिलादुन्नबी की रही धूम
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोतवाली पुलिस जगह-जगह मुस्तैद रही
बीकापुर।
तहसील क्षेत्र में बुधवार को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की धूम रही। कस्बा बीकापुर, दराबगंज, काजी सराय, खजुरहट, चौरे बाजार, गंडई, कोछा बाजार सहित कई जगहों पर सुबह धूमधाम से गाजे बाजे के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश के मौके पर बुधवार को 12 रबी-उल-अव्वल के दिन जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर जायरीनो द्वारा जगह-जगह स्टाल लगाकर जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा पानी मीठा शरबत और नाश्ता खिलाया गया। मोहम्मद साहब के शान में कसीदे पढ़े गए। देश में अमन चैन की दुआ की गई। जश्ने ए ईद मिलादुन्नबी कार्यक्रम में उमस और गर्मी के बीच भी लोग जोश से लवरेज दिखाई दिए। बीकापुर में बारावफात के अवसर पर ईदुलनवी के जुलूस में यहां की सड़कों पर भारी तादात में जायरीनों ने शिरकत करते हुए मुल्क में अमन की दुआ मांगी। इस अवसर पर दरगाह के गद्दीनशीन बाबा नसरुद्दीन शाह कादरी की दरगाह से जुलूस ए मोहम्मदिया निकल गया जो कस्बा बीकापुर में प्रयागराज हाईवे कर दो किलोमीटर तक चल कर वापस दरगाह के पास आकर समाप्त हुआ। इस दौरान सरकार की शान के कसीदे पढ़े गए। दरगाह के गद्दीनशीन नसरुद्दीन शाह कादरी ने लोगों से अमन चैन के साथ त्योहार मनाने पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के लिए भी आभार जताया। दराबगंज से बीकापुर जमा मस्जिद तक निकलने वाले जुलूस में प्रधान अहमद रजा, अजमत सहित नामी गिरामी हस्तियों ने शिरकत करते हुए मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर नेक बने तथा सच्चाई के रास्ते पर अमल करने का पैगाम दिया। जुलूस में मुख्य रूप से प्रशांत श्रीवास्तव, शरीफ खान, नसीब खान, अजमत खान, आबाद अहमद एडवोकेट, अहमद रजा, मोहम्मद कलीम कादरी, मोहम्मद नसीम कादरी, नसरुद्दीन शाह कादरी, महमूद अहमद सहित तमाम लोग मौजूद रहे। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम जामा मस्जिद बीकापुर की कमेटी के ओहदे एतरान और पेश इमाम बीकापुर की कयादत में पुरखुलूस मोहब्बत व अमन चैन के  साथ मनाया गया। जिसमे बीकापुर के अलावा पास पड़ोस के भी काफी तादाद में लोगों ने शिरकत किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोतवाली पुलिस जगह-जगह मुस्तैद रही। कोतवाल देवेंद्र पांडेय ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के सभी स्थानों पर वरावफात शांतिपूर्ण माहौल एवं भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
    user_अरुण कुमार मिश्र
    अरुण कुमार मिश्र
    Local News Reporter बीकापुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • निषाद समाज पर टिप्पणी से बवाल, जिलाध्यक्ष बोले- माफी मांगें राजू दास वरना अयोध्या से करेंगे बाहर मछली-भात पर एक न्यूज चैनल पर हुई डिबेट के दौरान सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा निषाद समुदाय पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।महंत के बयान के बाद निषाद समाज में भारी आक्रोश है। निषाद समाज के जिलाध्यक्ष श्याम लाल निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।श्याम लाल निषाद ने कहा कि महंत राजू दास को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महंत ने माफी नहीं मांगी तो निषाद समुदाय अयोध्या में बड़ा आंदोलन करेगा और उन्हें अयोध्या से बाहर निकालने के लिए मजबूर करेगा। इस विवाद के बाद अयोध्या में संत समाज और निषाद समाज के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
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    निषाद समाज पर टिप्पणी से बवाल, जिलाध्यक्ष बोले- माफी मांगें राजू दास वरना अयोध्या से करेंगे बाहर
मछली-भात पर एक न्यूज चैनल पर हुई डिबेट के दौरान सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा निषाद समुदाय पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।महंत के बयान के बाद निषाद समाज में भारी आक्रोश है। निषाद समाज के जिलाध्यक्ष श्याम लाल निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।श्याम लाल निषाद ने कहा कि महंत राजू दास को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महंत ने माफी नहीं मांगी तो निषाद समुदाय अयोध्या में बड़ा आंदोलन करेगा और उन्हें अयोध्या से बाहर निकालने के लिए मजबूर करेगा। इस विवाद के बाद अयोध्या में संत समाज और निषाद समाज के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
    user_Mayank Srivastava
    Mayank Srivastava
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • घटना में शामिल एक गिरफ्तार,अन्य की तलाश में टीम गठित की गई है। अयोध्या जिले में थाना पूराकलंदर अंतर्गत कन्दैला गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद एडीजी लखनऊ प्रवीण कुमार द्वारा एसएसपी अयोध्या डाक्टर गौरव ग्रोवर व पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया गया। एडीजी द्वारा पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।एडीजी प्रवीण कुमार ने परिवार से कहा कि इस कठिन घड़ी में पुलिस परिवार के साथ खड़ी है घटना में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी अयोध्या द्वारा मामले में जानकारी देते हुए बताया गया कि पूराकलंदर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित किए जाने की निर्देश दिए गए हैं मुकदमे की प्रभावी पैरवी करते हुए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
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    घटना में शामिल एक गिरफ्तार,अन्य की तलाश में टीम गठित की गई है।
अयोध्या जिले में थाना पूराकलंदर अंतर्गत कन्दैला गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद एडीजी लखनऊ प्रवीण कुमार द्वारा एसएसपी अयोध्या डाक्टर गौरव ग्रोवर व पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया गया। एडीजी द्वारा पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।एडीजी प्रवीण कुमार ने परिवार से कहा कि इस कठिन घड़ी में पुलिस परिवार के साथ खड़ी है घटना में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी अयोध्या द्वारा मामले में जानकारी देते हुए बताया गया कि पूराकलंदर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित किए जाने की निर्देश दिए गए हैं मुकदमे की प्रभावी पैरवी करते हुए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
    user_हलचल अयोध्या समाचार
    हलचल अयोध्या समाचार
    Actor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 🚨 नेपाल के रसुवा जिले में कुदरत का कहर! भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से भारी तबाही 🌊 नेपाल से बेहद डराने वाली और चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पानी के तेज बहाव में कई वाहन, पुल और नदी किनारे की बस्तियां चंद सेकेंडों में बह गईं। 📍 सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके: टिमुरे (Timure) और स्याफ्रुबेसी (Syabrubesi) क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान की खबर है। ⚠️ लापता लोगों की आशंका: अचानक आई इस आपदा की वजह से कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। 🛡️ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में लगा दिया गया है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए हम सभी प्रार्थना करते हैं। 🙏
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    🚨 नेपाल के रसुवा जिले में कुदरत का कहर! भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से भारी तबाही 🌊

नेपाल से बेहद डराने वाली और चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पानी के तेज बहाव में कई वाहन, पुल और नदी किनारे की बस्तियां चंद सेकेंडों में बह गईं।
📍 सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके: टिमुरे (Timure) और स्याफ्रुबेसी (Syabrubesi) क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान की खबर है।
⚠️ लापता लोगों की आशंका: अचानक आई इस आपदा की वजह से कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है।
🛡️ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में लगा दिया गया है।
प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए हम सभी प्रार्थना करते हैं। 🙏
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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