भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने के तमाम दावों के बीच धरातल की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। भोपाल के एयरपोर्ट रोड पर स्थित सिंगार चोली ब्रिज पिछले 6 महीनों से स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है, जिसके कारण यहाँ लगातार आपराधिक घटनाओं का डर बना रहता है। इसके साथ ही, कोहेफिजा थाने के पास वाले ब्रिज पर भी सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और वहाँ बड़े-बड़े खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल मीटिंगों में व्यस्त रहते हैं और फील्ड पर धरातलीय स्थिति का निरीक्षण करने के लिए कोई भी बाहर नहीं आता। बदहाल सड़कों और अंधेरे पड़े ब्रिज के मेंटेनेंस के नाम पर प्रशासन की ओर से केवल फंड का बहाना बनाया जा रहा है, जिससे जनता में नाराजगी और डर का माहौल है।
भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने के तमाम दावों के बीच धरातल की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। भोपाल के एयरपोर्ट रोड पर स्थित सिंगार चोली ब्रिज पिछले 6 महीनों से स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है, जिसके कारण यहाँ लगातार आपराधिक घटनाओं का डर बना रहता है। इसके साथ ही, कोहेफिजा थाने के पास वाले ब्रिज पर भी सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और वहाँ बड़े-बड़े खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल मीटिंगों में व्यस्त रहते हैं और फील्ड पर धरातलीय स्थिति का निरीक्षण करने के लिए कोई भी बाहर नहीं आता। बदहाल सड़कों और अंधेरे पड़े ब्रिज के मेंटेनेंस के नाम पर प्रशासन की ओर से केवल फंड का बहाना बनाया जा रहा है, जिससे जनता में नाराजगी और डर का माहौल है।
- Post by Mohammad faisal1
- भोपाल में पुलिस चेकिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, जहां पुलिस की मौजूदगी के बीच ही एक युवक स्कूटी लेकर फरार हो गया। इस वारदात के बाद से पुलिस की मुस्तैदी और सुरक्षा दावों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस ने इस हैरान करने वाले मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।1
- आगरा कैंट मामले में आरोपी RPF जवानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज किया जा रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। DRM द्वारा दिए गए समय के बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से नाराज होकर पीड़ित अधिकारी की बहन और अन्य प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद पुलिस और RPF के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिलाओं को वहां से सुरक्षित हटाया। इस घटना के बाद ऑल इंडिया स्टेशन प्रबंधक संगठन ने देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही संगठन ने मांगें न पूरी होने पर 'रेल चक्का जाम' करने की कड़ी चेतावनी भी दी है।1
- मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ 11 जुलाई 2026 की रात को कई हथियारबंद बदमाश लूट के इरादे से एक 40 वर्षीय आदिवासी विधवा महिला के घर में घुस गए। जब महिला ने बदमाशों का विरोध किया, तो उन्होंने महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके साथ ही आरोपी घर से नकदी और अन्य सामान भी लूटकर फरार हो गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में इन गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस सुरक्षा के बीच ले जाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- भोपाल में गरीब ठेले वालों, फेरीवालों और आम दुकानदारों के साथ नगर निगम के अतिक्रमण अमले द्वारा सरेआम 'दादागिरी' और बदतमीजी की जा रही है। मो शावर का आरोप है कि अतिक्रमण के नाम पर निगम कर्मी जबरन लोगों की दुकानों के अंदर घुस रहे हैं, उनका सामान जप्त कर रहे हैं और उनके साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। इस गुंडागर्दी और अभद्र व्यवहार के विरोध में आयुक्त महोदया को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके माध्यम से मांग की जाएगी कि छोटे दुकानदारों को प्रताड़ित करने वाले अतिक्रमण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।1
- युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर निकाली गई कांग्रेस की 'छात्रों की गूंज' यात्रा मध्य प्रदेश के भोपाल पहुंच गई है। रॉयल मार्केट पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का विधायक आरिफ मसूद, विधायक आतिफ अकील और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि इस यात्रा के लिए प्रशासन से बकायदा अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई और रॉयल मार्केट पर ही रोक दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं और छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी।1
- मोदी जी को संबोधित करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या राहुल गांधी छात्रों की गूंजती आवाजों से घबरा गए हैं। इस सवाल के जरिए छात्रों की बुलंद आवाज के असर और उससे राहुल गांधी के विचलित होने को लेकर सीधे तौर पर सवाल किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में अंधविश्वास का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। भोपाल देहात पुलिस ने तीन महीने पहले लापता हुई एक नाबालिग बच्ची के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस पिता पर बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने जमीन में गड़े कथित सोने-चांदी के खजाने को निकालने के लालच में अपनी ही मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर उसकी बलि दे दी और शव को खेत में दफना दिया। भोपाल देहात के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि 3 अप्रैल 2026 को सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खलिहान में परिवार के साथ सो रही उसकी नाबालिग बेटी को देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया गया, जिसके बाद 7 मई को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक खेत से मानव कंकाल बरामद हुआ। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि बच्ची का पिता अचानक घर छोड़कर गायब हो गया था और उसकी पत्नी ने भी पति के व्यवहार पर संदेह जताया था, जिससे जांच की दिशा बदल गई। पुलिस को लगातार तीन महीने की जांच के बाद आरोपी पिता के विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र में होने की सूचना मिली, जिसके बाद 14 जुलाई को उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे विश्वास था कि जमीन में सोने-चांदी का खजाना दबा हुआ है और उसे निकालने के लिए मानव बलि देना जरूरी है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और वारदात की रात बच्ची को खलिहान से ले जाकर पहले डंडे से बेरहमी से पीटा, फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने नब्ज जांचकर मौत की पुष्टि की और शव को खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया ताकि मामला अपहरण का लगे। पुलिस ने आरोपी के कबूलनामे और साक्ष्यों के आधार पर हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी पिता पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि वारदात में शामिल उसके दोनों साथी फरार हैं जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे षड्यंत्र और अंधविश्वास के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच की जाएगी।2