सब्जी और धान की उचित कीमत नहीं मिलनी से किशन की कमर टूट गया l 21/03/2026 इस वर्ष धान और सब्जियों की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अत्यधिक उत्पादन, अनियमित मानसून के कारण एक साथ फसल तैयार होना (Over-supply), और कोल्ड स्टोरेज की कमी है। इससे स्थानीय मंडियों में सप्लाई बढ़ गई लेकिन मांग नहीं, जिससे किसानों को औने-पौने दामों में फसल बेचनी पड़ रही है। फसल की दर कम होने के मुख्य कारण: अत्यधिक आपूर्ति (Over-supply): एक ही समय पर कई किसानों द्वारा धान या सब्जी की फसल की कटाई करने से बाजार में आपूर्ति की बाढ़ आ जाती है, जिससे कीमतें गिर जाती हैं। बेमौसम बारिश/मौसम का असर: अनियमित मानसून के कारण फसल का कैलेंडर बिगड़ा है, जिससे उत्पादकता और गुणवत्ता प्रभावित हुई है। खराब लॉजिस्टिक्स और भंडारण: कोल्ड स्टोरेज की कमी और खराब परिवहन के कारण फसल जल्द खराब होने के डर से किसान कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। मध्यस्थों की भूमिका: स्थानीय मंडियों में बिचौलियों के दबदबे के कारण किसानों को सही MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) नहीं मिल पाता है। व्यापार नीति: कुछ मामलों में निर्यात कम होने से भी घरेलू बाजार में कीमतें गिर जाती हैं। किसान भाई इन समस्याओं से बचने के लिए क्या आप फसलों के विविधीकरण (जैसे कि पारंपरिक के बजाय नकदी फसलें) पर विचार कर रहे हैं?
सब्जी और धान की उचित कीमत नहीं मिलनी से किशन की कमर टूट गया l 21/03/2026 इस वर्ष धान और सब्जियों की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अत्यधिक उत्पादन, अनियमित मानसून के कारण एक साथ फसल तैयार होना (Over-supply), और कोल्ड स्टोरेज की कमी है। इससे स्थानीय मंडियों में सप्लाई बढ़ गई लेकिन मांग नहीं, जिससे किसानों को औने-पौने दामों में फसल बेचनी पड़ रही है। फसल की दर कम होने के मुख्य कारण: अत्यधिक आपूर्ति (Over-supply): एक ही समय पर कई किसानों द्वारा धान या सब्जी की फसल की कटाई करने से बाजार में आपूर्ति की बाढ़ आ जाती है, जिससे कीमतें गिर जाती हैं। बेमौसम बारिश/मौसम का असर: अनियमित मानसून के कारण फसल का कैलेंडर बिगड़ा है, जिससे उत्पादकता और गुणवत्ता प्रभावित हुई है। खराब लॉजिस्टिक्स और भंडारण: कोल्ड स्टोरेज की कमी और खराब परिवहन के कारण फसल जल्द खराब होने के डर से किसान कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। मध्यस्थों की भूमिका: स्थानीय मंडियों में बिचौलियों के दबदबे के कारण किसानों को सही MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) नहीं मिल पाता है। व्यापार नीति: कुछ मामलों में निर्यात कम होने से भी घरेलू बाजार में कीमतें गिर जाती हैं। किसान भाई इन समस्याओं से बचने के लिए क्या आप फसलों के विविधीकरण (जैसे कि पारंपरिक के बजाय नकदी फसलें) पर विचार कर रहे हैं?
- पढाई के साथ सेहत की ख्याल रखना जरूरी है l आज कल लोग बंद पैकेट का खाना ज्यादा पसंद करते हैं l जिसको खाने से पेट की सारी बीमारी का जड़ हो जाता है l बहुत ही साराहनिये कार्य है l जो जन जन तक पहुंचना चाहिए l और अपने बच्चे को सभी माता केयार करे l1
- गढ़वा में निजी विद्यालयों में री-एडमिशन एनुअल फीस के नाम पर वसूली किया जा रहा है लेकिन इसी बीच BP. DAV स्कूल का किताब सबसे सस्ता मिला रहा है1
- गढ़वा चिनिया रोड शिव मंदिर शांति निवास स्कूल के समीप कृतन प्रोग्राम1
- विश्रामपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 सोरडीहा में रविवार को रामनवमी पूजा समिति द्वारा एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने आगामी रामनवमी पूजा महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की। समिति के उपाध्यक्ष कृष्णा केशरी ने बताया कि इस वर्ष रामनवमी के अवसर पर 24 मार्च को पारंपरिक मंगलवारी जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके अलावा 27 मार्च को भव्य मुख्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा,1
- Post by Sunil singh1
- सरहुल - सरहुल झारखंड का प्रमुख पर्व है जो मुख्य रूप से चैत्र माह में साल (सखुआ) के पेड़ों में नए फूल आने की खुशी में मनाया जाता है। एवं यह त्यौहार प्राकृतिक के प्रति आभार नई फसल के स्वागत वर्षा की भविष्यवाणी और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए मनाया जाता है।1
- चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया प्रखंड के ग्राम तहले स्थित डुमरिया टांड़ में रविवार को अखिल भारतीय आदिवासी महासभा प्रखंड इकाई चिनिया के तत्वावधान में सरहुल पूजा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामबदन सिंह ने की, जबकि बैगा मोतिलाल बैगा ने विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूजा के बाद डुमरिया टांड़ से दोपहर 2:30 बजे चिरका करम स्थल होते हुए चिनिया बस स्टैंड, थाना चौक और प्रखंड परिसर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और नृत्य के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को सरहुलमय बना दिया। शोभायात्रा के पश्चात कार्यक्रम सभा में तब्दील हो गया, जहां महासभा के जिला अध्यक्ष चैतू सिंह खरवार ने सरहुल को प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। वहीं केंद्रीय सदस्य कविता सिंह खरवार और प्रखंड अध्यक्ष अजय सिंह खरवार ने भी समाज की एकता और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया। इस अवसर पर भोला सिंह खरवार, रामेश्वर सिंह खरवार, चैतु नाथ सिंह, सतनारायण सिंह, राजू सिंह, अजय कोरबा, बंशीधर यादव, हरिओम यादव सहित सैकड़ों महिला-पुरुषों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया।1
- MP चंदावली से एक काम ली के दवारा फ़लाईओवर का सेलेप गिरजाने से गुणवक्ता की, कामी होने का आभाष कराता है l जो चंदावली के पूर्व विधायक के दवारा लाइव प्रसारण कर, अस्थल का वीडियो देखने का काम किया गया है l1