बुधवार को पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत राणा प्रताप नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे और पात्रता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास खंड कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए योजना में गड़बड़ी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद, ग्रामीणों ने विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं। शिकायत पत्र में यह बताया गया है कि ग्राम पंचायत में पहले 85 आवास स्वीकृत हुए थे, जबकि हालिया सर्वे में 96 परिवारों को सूची में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूची में ऐसे लोगों के नाम भी डाल दिए गए हैं, जिन्हें पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इसके साथ ही, कुछ परिवारों को दो-दो और तीन-तीन बार तक योजना का लाभ मिलने की भी बात कही गई है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गांव के कई वास्तविक गरीब और बेघर परिवार आज भी पक्के मकान के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि अपात्र लोगों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। ग्रामीणों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि सर्वे के लिए पहुंचे कर्मचारियों ने प्रत्येक परिवार से सर्वे के नाम पर पांच हजार रुपये तक की अवैध धन उगाही की, जिसके बावजूद कई पात्र परिवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जाती, अपात्र लोगों के नाम निरस्त नहीं किए जाते और पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं दिया जाता, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। उन्होंने मांग की है कि आवास योजना की पात्रता सूची की दोबारा जांच की जाए, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, तथा वास्तविक पात्र गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जाएं। इस प्रदर्शन में अनवर खां, सज्जाद अहमद, नीतीश, गोरखनाथ, मनोज गुप्ता, रियाज, सुभाष, सहदेव भारती, राजकुमार गुप्ता, नौरंगी देवी, मंजू देवी, शांति देवी और लालवती देवी सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
बुधवार को पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत राणा प्रताप नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे और पात्रता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास खंड कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए योजना में गड़बड़ी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद, ग्रामीणों ने विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) को एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं। शिकायत पत्र में यह बताया गया है कि ग्राम पंचायत में पहले 85 आवास स्वीकृत हुए थे, जबकि हालिया सर्वे में 96 परिवारों को सूची में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूची में ऐसे लोगों के नाम भी डाल दिए गए हैं, जिन्हें पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इसके साथ ही, कुछ परिवारों को दो-दो और तीन-तीन बार तक योजना का लाभ मिलने की भी बात कही गई है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गांव के कई वास्तविक गरीब और बेघर परिवार आज भी पक्के
मकान के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि अपात्र लोगों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। ग्रामीणों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि सर्वे के लिए पहुंचे कर्मचारियों ने प्रत्येक परिवार से सर्वे के नाम पर पांच हजार रुपये तक की अवैध धन उगाही की, जिसके बावजूद कई पात्र परिवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जाती, अपात्र लोगों के नाम निरस्त नहीं किए जाते और पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं दिया जाता, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। उन्होंने मांग की है कि आवास योजना की पात्रता सूची की दोबारा जांच की जाए, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, तथा वास्तविक पात्र गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जाएं। इस प्रदर्शन में अनवर खां, सज्जाद अहमद, नीतीश, गोरखनाथ, मनोज गुप्ता, रियाज, सुभाष, सहदेव भारती, राजकुमार गुप्ता, नौरंगी देवी, मंजू देवी, शांति देवी और लालवती देवी सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
- नई दिल्ली में चल रहे कॉकरोच आंदोलन में उस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ता आंदोलन स्थल पर पहुँचे। वकीलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया, यह घोषणा करते हुए कि वे उनकी मांगों को कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे और उनके साथ खड़े हैं। इस दौरान, मंच से आंदोलन को और अधिक मजबूत करने की बात कही गई। वक्ताओं ने दृढ़ता से दावा किया कि अधिवक्ताओं के इस समर्थन से आंदोलन को एक नई शक्ति मिलेगी, जिसका राजनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। हालाँकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि "बीजेपी को जोरदार झटका" जैसे दावे आंदोलनकारियों द्वारा किए गए हैं, और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।1
- लखीमपुर जिले की पलिया कला तहसील में रेलवे लाइन काटने का खतरा उत्पन्न हो गया है, जो 'पैसा मंडल' से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।1
- पीलीभीत में रात के सन्नाटे के बीच एक सरकारी गाड़ी का उपयोग जंगल में शराब पार्टी के लिए किया गया। इस दौरान कथित तौर पर लापरवाही बरतते हुए जलती हुई सिगरेटें फेंकी गईं। यह घटना अधिकारियों की घोर लापरवाही का परिणाम है या फिर इस पर किसी सत्ता का दबाव है, यह सवाल उठाया जा रहा है।1
- वन विभाग ने पूरनपुर में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को व्यापक रूप से जागरूक किया। इस पहल के तहत, वृक्षारोपण के महत्व के बारे में जनता को संवेदनशील बनाने के लिए पब्लिक इण्टर कॉलेज पूरनपुर के छात्र एवं छात्राओं के साथ मिलकर एक 'पौधों की बारात' निकाली गई। यह बारात पब्लिक इण्टर कॉलेज से शुरू होकर आसाम रोड चौराहा तक गई, जिसमें उप क्षेत्रीय वन अधिकारी पूरनपुर श्री कपिल कुमार सहित वन विभाग और कॉलेज का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।1
- गाजियाबाद के नेशनल हाईवे 9 पर थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में एक मिक्सर ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के कारण हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना के अनुसार, मिक्सर ट्रक तेज गति से चल रहा था, तभी उसके चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप ट्रक सड़क पर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। फिलहाल, पुलिस और क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को सड़क से हटाने का काम जारी है। इसके बाद, यातायात को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मार्ग फिर से सुचारु रूप से चल सके।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, अपने अधिकारों, भविष्य और न्याय की मांग को लेकर अडिग हैं। बड़ी संख्या में जुटे ये छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं और सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं। दिल्ली में छात्रों का यह प्रदर्शन जारी है, जिसमें न्याय की मांग तेज होती जा रही है।1
- पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र में बुधवार को हुई एक दुखद घटना में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसान इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में गांव शिवपुरिया बख्तापुर निवासी 62 वर्षीय किसान गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 60 वर्षीय गयादीन गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के अनुसार, गंगाराम और गयादीन अन्य ग्रामीणों के साथ खेत में धान की पौध उखाड़ रहे थे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों एक पास के पेड़ के नीचे चले गए, जहां तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिरी और दोनों इसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरने से दोनों किसान गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही बेहोश हो गए। ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें तत्काल पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने गंगाराम को मृत घोषित कर दिया। गयादीन की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है। इस दौरान विधायक बाबूराम पासवान और प्रधान प्रतिनिधि खुशीराम सहित कई लोगों ने अस्पताल पहुंचकर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक होता है और ऐसी स्थिति में खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही, मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचने के लिए भी कहा गया है।1