उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित प्रसिद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। रिजर्व में पहली बार दुर्लभ प्रजाति के 'ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक' (वैज्ञानिक नाम: Lycodon jara) को देखा गया है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य में इस सांप की मौजूदगी का यह पहला स्पष्ट फोटोग्राफिक प्रमाण है। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि 'ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक' एक अत्यंत दुर्लभ और शर्मीली प्रजाति का सांप है, जो आमतौर पर बहुत कम दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में इससे पहले इस सांप की मौजूदगी के मौखिक दावे या पुराने रिकॉर्ड तो हो सकते हैं, लेकिन कैमरे में इसकी स्पष्ट तस्वीर पहली बार कैद हुई है। इस सांप के शरीर पर जुड़वां धब्बे (Twin Spots) होते हैं, जिसके कारण इसे यह नाम मिला है। यह सांप गैर-विषैला होता है और मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहता है। इस दुर्लभ सांप का मिलना यह साबित करता है कि दुधवा टाइगर रिजर्व का जंगल आज भी जैव विविधता के मामले में बेहद समृद्ध और सुरक्षित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दुर्लभ प्रजातियों का मिलना यह दर्शाता है कि दुधवा का इकोसिस्टम रेंगने वाले जीवों (रेप्टाइल्स) के फलने-फूलने के लिए पूरी तरह अनुकूल है। यह खोज भविष्य में यहां सरीसृपों पर होने वाले शोध और उनके संरक्षण के प्रयासों को एक नई दिशा देगी। दुधवा प्रशासन और वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस फोटोग्राफिक रिकॉर्ड को एक बड़ी सफलता माना है। इस खोज के बाद अब रिजर्व क्षेत्र में इस प्रजाति के संरक्षण और इसकी आबादी का पता लगाने के लिए निगरानी और तेज की जा सकती है। यह खबर दुनिया भर के हर्पेटोलॉजिस्ट्स (सरीसृप वैज्ञानिकों) और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित प्रसिद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। रिजर्व में पहली बार दुर्लभ प्रजाति के 'ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक' (वैज्ञानिक नाम: Lycodon jara) को देखा गया है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य में इस सांप की मौजूदगी का यह पहला स्पष्ट फोटोग्राफिक प्रमाण है। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि 'ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक' एक अत्यंत दुर्लभ और शर्मीली प्रजाति का सांप है, जो आमतौर पर बहुत कम दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में इससे पहले इस
सांप की मौजूदगी के मौखिक दावे या पुराने रिकॉर्ड तो हो सकते हैं, लेकिन कैमरे में इसकी स्पष्ट तस्वीर पहली बार कैद हुई है। इस सांप के शरीर पर जुड़वां धब्बे (Twin Spots) होते हैं, जिसके कारण इसे यह नाम मिला है। यह सांप गैर-विषैला होता है और मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहता है। इस दुर्लभ सांप का मिलना यह साबित करता है कि दुधवा टाइगर रिजर्व का जंगल आज भी जैव विविधता के मामले में बेहद समृद्ध और सुरक्षित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दुर्लभ प्रजातियों का मिलना यह
दर्शाता है कि दुधवा का इकोसिस्टम रेंगने वाले जीवों (रेप्टाइल्स) के फलने-फूलने के लिए पूरी तरह अनुकूल है। यह खोज भविष्य में यहां सरीसृपों पर होने वाले शोध और उनके संरक्षण के प्रयासों को एक नई दिशा देगी। दुधवा प्रशासन और वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस फोटोग्राफिक रिकॉर्ड को एक बड़ी सफलता माना है। इस खोज के बाद अब रिजर्व क्षेत्र में इस प्रजाति के संरक्षण और इसकी आबादी का पता लगाने के लिए निगरानी और तेज की जा सकती है। यह खबर दुनिया भर के हर्पेटोलॉजिस्ट्स (सरीसृप वैज्ञानिकों) और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा है।
- लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चौकी महेवागंज इलाके में, ताजिया रोड चौक का भ्रमण किया गया। इस दौरान, ताजिया रखने वाले और बनाने वाले लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। इन वार्ताओं के उपरांत, कमेटी के सदस्यों द्वारा ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट रखने पर सहमति व्यक्त की गई।1
- फरधान थाना क्षेत्र के रसूलपुर गाँव में बीती रात अयूब के घर से लाखों रुपये के जेवर और ₹45,500 की नकदी चोरी हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।1
- लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बाघ वाटर होल्स को अपना पसंदीदा ठिकाना बना रहे हैं। जंगल के ये राजा घंटों पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से निजात पा रहे हैं, ठीक इंसानों की तरह ही। वन्यजीव प्रेमियों और दुधवा पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह मौसम बेहद रोमांचक हो गया है। तपती दोपहर में वाटर होल्स के आसपास बाघों के साथ-साथ अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं, जिससे जंगल सफारी के दौरान दुर्लभ और जीवंत नजारों को देखने की संभावना काफी बढ़ गई है। भीषण गर्मी के कारण जंगल के जीव-जंतु पानी के स्रोतों के करीब आ गए हैं, और दुधवा का प्राकृतिक संसार अपने सबसे सक्रिय और जीवंत रूप में दिखाई दे रहा है।1
- इस्कॉन लखीमपुर द्वारा 17 जुलाई 2026 को एक भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह रथयात्रा सायं 4 बजे भुइफोरवानाथ मंदिर, मेला मैदान से शुरू होगी और विलोबी हॉल तक जाएगी। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकी के साथ-साथ भजन-कीर्तन एवं हरिनाम संकीर्तन भी होगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अपने परिवार सहित इस रथयात्रा में शामिल होकर सेवा और पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्ति, प्रेम और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक कथित 'आधुनिक नशेड़ी महिला' ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। शराब के नशे में धुत यह महिला सड़क पर लेट गई थी, और उसके हाथ में सिगरेट थी जबकि पास ही शराब भी रखी हुई थी। इस घटना ने एक बार फिर ऐसी 'आधुनिक नशेड़ी महिला' के सामने आने की बात को उजागर किया है।1