सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन, डिजिटल सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक साहिबगंज। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर समहरणालय सभागार में जिला प्रशासन के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना था, ताकि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत तथा जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार उपस्थित रहे। अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग डिजिटल युग है, जिसमें इंटरनेट ने सूचना, शिक्षा, संचार एवं सेवाओं को अत्यंत सरल बना दिया है। हालांकि, इसके साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी सूचनाएं, डेटा चोरी एवं सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे आधार, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड आदि को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए तथा संदिग्ध लिंक, ई-मेल एवं कॉल से सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में मार्गदर्शन दें। जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, ताकि फर्जी खबरों एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित साइबर हेल्पलाइन एवं पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि एआई तकनीक जहां एक ओर कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं इसके दुरुपयोग से निजात एवं सुरक्षा पर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए एआई आधारित टूल्स का उपयोग सोच-समझकर एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इस अवसर पर डिजिटल गोपनीयता, डेटा संरक्षण, ऑनलाइन शिष्टाचार एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्तुति भी दी गई। प्रतिभागियों को यह जानकारी दी गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन, डिजिटल सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक साहिबगंज। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर समहरणालय सभागार में जिला प्रशासन के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना था, ताकि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत तथा जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार उपस्थित रहे। अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग डिजिटल युग है, जिसमें इंटरनेट ने सूचना, शिक्षा, संचार एवं सेवाओं को अत्यंत सरल बना दिया है। हालांकि, इसके साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी सूचनाएं, डेटा चोरी एवं सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे आधार, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड आदि को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए तथा संदिग्ध लिंक, ई-मेल एवं कॉल से सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में मार्गदर्शन दें। जिला
सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, ताकि फर्जी खबरों एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित साइबर हेल्पलाइन एवं पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि एआई तकनीक जहां एक ओर कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं इसके दुरुपयोग से निजात एवं सुरक्षा पर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए एआई आधारित टूल्स का उपयोग सोच-समझकर एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इस अवसर पर डिजिटल गोपनीयता, डेटा संरक्षण, ऑनलाइन शिष्टाचार एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्तुति भी दी गई। प्रतिभागियों को यह जानकारी दी गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे। सभी उपस्थित लोगों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
- साहेबगंज। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग साहेबगंज एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन डॉल्फिन व्याख्या केंद्र चानन, में किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि साहेबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर डीपीओ, नमामि गंगे के अमित मिश्रा उपस्थित रहे। भारतीय वन्यजीव संस्थान से प्रोजेक्ट डॉल्फिन की वैज्ञानिक डॉ. सनी देउरी ने “रेंजवाइड नदीय एवं मुहाना क्षेत्र डॉल्फिन आकलन” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने डॉल्फिन संरक्षण की आवश्यकता तथा वैज्ञानिक एवं मानकीकृत आकलन पद्धति के महत्व पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित वन कर्मियों एवं साहेबगंज क्षेत्र के डॉल्फिन वाचरों से प्रशिक्षण के दौरान बताई गई विधियों को गंभीरता से सीखने एवं भविष्य में सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने वन विभाग एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों का पारस्परिक परिचय कराते हुए उनकी विशेषज्ञता से प्रतिभागियों को अवगत कराया। तकनीकी सत्रों के अंतर्गत देहरादून के शोधार्थियों द्वारा डॉल्फिन गणना से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, भारतीय वन्यजीव संस्थान की डॉल्फिन सर्वेक्षण टीम द्वारा वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को सर्वेक्षण में प्रयुक्त उपकरणों के संचालन एवं उपयोग की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। तत्पश्चात साहेबगंज स्थित डॉल्फिन व्याख्या केंद्र घाट पर गंगा नदी में फील्ड डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को स्थल पर ही आकलन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नदीय एवं मुहाना डॉल्फिन की सटीक एवं वैज्ञानिक गणना सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को मानकीकृत पद्धतियों से प्रशिक्षित करना था, ताकि भविष्य में डॉल्फिन संरक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके। कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की प्रोजेक्ट डॉल्फिन वैज्ञानिक डॉ. सोभना रॉय भी उपस्थित रही। उन्होंने डॉ. सनी देउरी के साथ मिलकर कार्यशाला के सफल संचालन में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में वनरक्षी इन्द्रजीत एवं अंकित झा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। फील्ड अभ्यास के दौरान उन्होंने सर्वेक्षण प्रक्रियाओं को समझने, उपकरण संचालन में सहयोग देने तथा प्रशिक्षण को व्यवहारिक स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2
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- Post by Rama Das1
- देख लो भिया नल जल योजना 15 sal ke bad road banaa use per bhi yah problem4
- महाशिवरात्रि पर्व को लेकर आजमनगर प्रखंड के ऐतिहासिक बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर प्रांगण में विधि व्यवस्था एवं मेले के सफल आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंदिर कमेटी के पदेन अध्यक्ष सह बारसोई के नए अनुमंडल पदाधिकारी राजू कुमार ने की। बैठक में महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। एसडीएम राजू कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन एवं मंदिर समिति की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, शौचालय, पार्किंग तथा यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही मेले में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे। मंदिर समिति ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई। अंत में एसडीएम ने सभी को आपसी समन्वय के साथ महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने की अपील1
- Post by Ajay azad1
- लेकिन आज तक हमें आवास का लाभ नहीं मिला। बार-बार पूछने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। हम गरीब लोग हैं, बड़ी उम्मीद के साथ यह कदम उठाया था, लेकिन अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।1
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