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मध्य हिमालय का हरा सोना बांज वृक्ष का अस्तित्व भी अब खतरे में बांज का वृक्ष हिमालय क्षेत्र का बहुआयामी पेड़ों में सुमार है, जो जमीन की नमी बनाए रखने में मदद करता है तो खुद में बड़ी मात्रा में जल समाए रखने की क्षमता भी रखता है। यह ठंडी जलवायु का वृक्ष है , जो समुद्रतल से करीब 1400 मीटर से अधिक ऊंचाई पर ही पनपता है। यह कहें कि हिमालय की जड़ों को मजबूर बनाए रखने वाला वृक्ष है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। मगर अब यह वृक्ष जलवायु परिवर्तन के साथ मानव जनित गतिविधियों चंगुल में फंसने लगा है। डा. कोमल जोशी ने शोध कर इस वृक्ष की कमजोर होती जड़ों पर विस्तार से प्रकाश डाला है। मध्य हिमालयी क्षेत्र में बांज वनों की संरचना, पुनर्जनन की और पारिस्थितिकी तंत्र की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसकी बड़ी वजह मानव जनित व्यवधान हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बांज की प्रजातीय संरचना, मृदा गुण और पुनर्जनन पैटर्न में स्पष्ट परिवर्तन देखा गया है। अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान और वर्षा के पैटर्न में बदलाव से बांज के पौधों की फैनोलाजी, जैसे पत्तियों का निकलना, पुष्पन और बीज परिपक्वता प्रभावित हो रही है, जिससे बीज उत्पादन और अंकुरण क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। डा. कोमल जोशी के शोध से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि अब मध्य हिमालय क्षेत्र की मजबूत और कठोर वृक्ष अब बदलती जलवायु की गिरफ्त में आने लगी हैं। यहां की सूक्ष्म वनस्पति पहले ही विलुप्ति के कगार पर जाने लगी है। बुरांश फूल का वृक्ष पनपना कम हो चला है तो अंगु जैसे वृक्ष भी सूखने लगे हैं। उनके शोध का क्षेत्र 1400 से 2200 मीटर की ऊंचाई के बीच रहा। जलवायु परिवर्तन बड़ी वजह तो है ही, साथ ही मानवजनित गतिविधियों से बांज वृक्ष का विकास थम रहा है। घरेलू पशुओं द्वारा अत्यधिक चराई, लकड़ी की कटाई और भूमि उपयोग परिवर्तन, वनों के प्राकृतिक पुनर्जन्म को बाधित कर रहा है। शहरीकरण भी इसकी एक बड़ी वजह है। समय रहते इस वृक्ष के संवर्धन में ठोस प्रयास किए जाने की सख्त जरूरत है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग के प्रो. जीत राम और प्रो. आशीष तिवारी के निर्देशन में यह शोध किए। डा कोमल जोशी क शोध का विषय "इनफ्लुएंस ऑफ डिस्टर्बेस एंड क्लाइमेट चेंज आन रीजेनरेशन आफ ओक फॉरेस्ट इन सेंट्रल हिमालया" था । शोध में पाया गया कि मृदा के भौतिक और रासायनिक गुण, विशेषकर नमी, कार्बनिक कार्बन, फास्फोरस और पोटेशियम, पुनर्जनन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बांज के संरक्षण के लिए मानव जनित दबावों को कम करने की आवश्यकता है।

1 hr ago
user_NTL
NTL
कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
1 hr ago
1930c311-3d7b-4be0-86d9-ae95c93e263c

मध्य हिमालय का हरा सोना बांज वृक्ष का अस्तित्व भी अब खतरे में बांज का वृक्ष हिमालय क्षेत्र का बहुआयामी पेड़ों में सुमार है, जो जमीन की नमी बनाए रखने में मदद करता है तो खुद में बड़ी मात्रा में जल समाए रखने की क्षमता भी रखता है। यह ठंडी जलवायु का वृक्ष है , जो समुद्रतल से करीब 1400 मीटर से अधिक ऊंचाई पर ही पनपता है। यह कहें कि हिमालय की जड़ों को मजबूर बनाए रखने वाला वृक्ष है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। मगर अब यह वृक्ष जलवायु परिवर्तन के साथ मानव जनित गतिविधियों चंगुल में फंसने लगा है। डा. कोमल जोशी ने शोध कर इस वृक्ष की कमजोर होती जड़ों पर विस्तार से प्रकाश डाला है। मध्य हिमालयी क्षेत्र में बांज वनों की संरचना, पुनर्जनन की और पारिस्थितिकी तंत्र की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसकी बड़ी वजह मानव जनित व्यवधान हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बांज की प्रजातीय संरचना, मृदा गुण और पुनर्जनन पैटर्न में स्पष्ट परिवर्तन देखा गया है। अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान और वर्षा के पैटर्न में बदलाव से बांज के पौधों की फैनोलाजी, जैसे पत्तियों का निकलना, पुष्पन और बीज परिपक्वता प्रभावित हो रही है, जिससे बीज उत्पादन और अंकुरण क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। डा. कोमल जोशी के शोध से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि अब मध्य हिमालय क्षेत्र की मजबूत और कठोर वृक्ष अब बदलती जलवायु की गिरफ्त में आने लगी हैं। यहां की सूक्ष्म वनस्पति पहले ही विलुप्ति के कगार पर जाने लगी है। बुरांश फूल का वृक्ष पनपना कम हो चला है तो अंगु जैसे वृक्ष भी सूखने लगे हैं। उनके शोध का क्षेत्र 1400 से 2200 मीटर की ऊंचाई के बीच रहा। जलवायु परिवर्तन बड़ी वजह तो है ही, साथ ही मानवजनित गतिविधियों से बांज वृक्ष का विकास थम रहा है। घरेलू पशुओं द्वारा अत्यधिक चराई, लकड़ी की कटाई और भूमि उपयोग परिवर्तन, वनों के प्राकृतिक पुनर्जन्म को बाधित कर रहा है। शहरीकरण भी इसकी एक बड़ी वजह है। समय रहते इस वृक्ष के संवर्धन में ठोस प्रयास किए जाने की सख्त जरूरत है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग के प्रो. जीत राम और प्रो. आशीष तिवारी के निर्देशन में यह शोध किए। डा कोमल जोशी क शोध का विषय "इनफ्लुएंस ऑफ डिस्टर्बेस एंड क्लाइमेट चेंज आन रीजेनरेशन आफ ओक फॉरेस्ट इन सेंट्रल हिमालया" था । शोध में पाया गया कि मृदा के भौतिक और रासायनिक गुण, विशेषकर नमी, कार्बनिक कार्बन, फास्फोरस और पोटेशियम, पुनर्जनन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बांज के संरक्षण के लिए मानव जनित दबावों को कम करने की आवश्यकता है।

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  • विडियो देखें- रानीखेत (उत्तराखंड) उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,पूर्व विधायक रानीखेत करन मेहरा का ये भाषण हो रहा वायरल देवता को पूजोगे तों देवता नाचेगा, राक्षक को पूजोगे तों राक्षक नाचेगा ।
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    विडियो देखें- रानीखेत (उत्तराखंड)
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,पूर्व विधायक रानीखेत करन मेहरा का ये भाषण हो रहा वायरल 
देवता को पूजोगे तों देवता नाचेगा, राक्षक को पूजोगे तों राक्षक नाचेगा ।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    34 min ago
  • सचिव मुख्यमंत्री/आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने मंगलवार को खुर्पाताल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विगत जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय खुर्पाताल परिसर के गेट पर ताला लगाने को लेकर आए प्रकरण के संबंध में भी स्थलीय निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों एवं विद्यालय के मध्य हो रहे विवाद का समाधान मौके पर किया गया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने प्राथमिक विद्यालय,राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय,पंचायत घर खुर्पाताल के साथ ही खुर्पाताल में स्थित प्राधिकरण की भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया। आयुक्त ने भ्रमण के दौरान विगत जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय खुर्पाताल के मुख्य गेट पर प्राथमिक विद्यालय की ओर से ताला लगाने को लेकर आ रही समस्या से कुमाऊं आयुक्त को अवगत कराया गया था, जिस पर मंगलवार को कुमाऊं आयुक्त द्वारा स्वयं विद्यालय में पंहुचकर शिक्षा विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से वार्ता करते हुए समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।उन्होंने संबंधितों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर के गेट पर नया ताला लगाया जाए जिसकी 1-1 चाबियां प्राथमिक विद्यालय , ग्राम पंचायत खुर्पाताल और परिसर के अंतर्गत संचालित उद्यान विभाग, कार्यालय के पास रहेगी। आवश्यकता अनुसार शासकीय कार्यों के संपादन हेतु सभी परिसर के भीतर मैदान का उपयोग करेंगे। भ्रमण के दौरान आयुक्त ने खुर्पाताल में स्थित जिला विकास प्राधिकरण की भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया,मौके पर भूमि में काफी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है, इस संबंध में आयुक्त ने काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और उप निरीक्षक को दो दिन में कचरा डालने वाले व्यक्तियों का पता लगाकर संबंधित पर वैधानिक कार्यवाही करते हुए 5-5 हजार का जुर्माना लगाने की निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान आयुक्त द्वारा खुर्पाताल झील के एकदम किनारे 30 मीटर परिधि में बनाए गए होटल और भवनों के निर्माण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके से ही सचिव जिला विकास प्राधिकरण, नैनीताल को क्षेत्र में जिला प्राधिकरण के तैनात सहायक अभियंता अभिषेक एवं अवर अभियंता बबीता का वेतन रोकने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के साथ ही शीघ्र ही ऐसे होटलों और भवनों के चालान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में झील से लगी हुई प्राधिकरण की जमीन पर भी होटल व भवनों द्वारा किए गए कब्जे को दो दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा इस प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने प्राधिकरण के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर निर्मित भवनों का नक्शा जांच करते हुए चालान की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों द्वारा पानी की समस्या आयुक्त के समक्ष रखी गई, जिसके समाधान का आश्वासन आयुक्त द्वारा स्थानीय निवासियों को दिया गया। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से भी मिले। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी बिष्ट,ग्राम प्रधान हंशी नेगी,,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी पी एल टमटा, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रहे।
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    सचिव मुख्यमंत्री/आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने मंगलवार को खुर्पाताल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विगत जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय खुर्पाताल परिसर के गेट पर  ताला लगाने को लेकर आए प्रकरण  के संबंध में भी स्थलीय निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों एवं विद्यालय के मध्य हो रहे विवाद का  समाधान  मौके पर किया गया। 
क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने प्राथमिक विद्यालय,राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय,पंचायत घर खुर्पाताल के साथ ही खुर्पाताल में  स्थित प्राधिकरण की भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
आयुक्त ने भ्रमण के दौरान विगत जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय खुर्पाताल के मुख्य गेट पर प्राथमिक विद्यालय की ओर से ताला लगाने को लेकर आ रही समस्या से कुमाऊं आयुक्त को अवगत कराया गया था, जिस पर मंगलवार को कुमाऊं आयुक्त द्वारा स्वयं विद्यालय में पंहुचकर शिक्षा विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से वार्ता करते हुए समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।उन्होंने  संबंधितों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर के गेट पर नया ताला लगाया जाए जिसकी 1-1 चाबियां प्राथमिक विद्यालय , ग्राम पंचायत खुर्पाताल और परिसर के अंतर्गत संचालित उद्यान विभाग, कार्यालय के पास रहेगी। आवश्यकता अनुसार शासकीय कार्यों के संपादन हेतु सभी परिसर के भीतर मैदान का उपयोग करेंगे।
भ्रमण के दौरान आयुक्त ने खुर्पाताल में स्थित  जिला विकास प्राधिकरण की भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया,मौके पर भूमि में काफी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है, इस संबंध में आयुक्त ने काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और उप निरीक्षक को दो दिन में कचरा डालने वाले व्यक्तियों का पता लगाकर संबंधित पर वैधानिक कार्यवाही करते हुए 5-5 हजार का जुर्माना लगाने की निर्देश दिए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान आयुक्त द्वारा खुर्पाताल झील के एकदम किनारे 30 मीटर परिधि में बनाए गए होटल और भवनों के निर्माण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके से ही सचिव जिला विकास प्राधिकरण, नैनीताल को क्षेत्र में जिला प्राधिकरण के तैनात सहायक अभियंता अभिषेक एवं अवर अभियंता बबीता का वेतन रोकने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के साथ ही शीघ्र ही ऐसे होटलों और भवनों के चालान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में झील से लगी हुई प्राधिकरण की जमीन पर भी होटल व भवनों द्वारा किए गए कब्जे को दो दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा इस प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने प्राधिकरण के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर निर्मित भवनों का नक्शा जांच करते हुए चालान की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
भ्रमण के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों द्वारा पानी की समस्या आयुक्त के समक्ष रखी गई, जिसके समाधान का आश्वासन आयुक्त  द्वारा  स्थानीय निवासियों को दिया गया। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से भी मिले।
निरीक्षण के दौरान  उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी बिष्ट,ग्राम प्रधान हंशी नेगी,,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी पी एल टमटा, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रहे।
    user_NTL
    NTL
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ग्राम सभा मंगौली में उत्तराखंड सरकार द्वारा नई शराब की दुकान खोलने पर ग्रामीणों ने नई शराब की दुकान मंगौली में खुलने का सड़क में बैठ कर खुलकर विरोध कर नारेबाजी की ! #uttarakhandupdate #nainital #Mangoli #uttarakhand #news #Nainitalmangoli
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    उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ग्राम सभा मंगौली में उत्तराखंड सरकार द्वारा नई शराब की दुकान खोलने पर ग्रामीणों ने नई शराब की दुकान मंगौली में खुलने का सड़क में बैठ कर खुलकर विरोध कर नारेबाजी की ! #uttarakhandupdate #nainital #Mangoli #uttarakhand #news #Nainitalmangoli
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    Kaladhungi, Nainital•
    17 hrs ago
  • अल्मोड़ा। जनपद के बाड़ेछीना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक पिकअप वाहन ने एक के बाद एक चार वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। घटना शाम करीब 5:40 बजे की है। डायल 112 के माध्यम से थाना धौलछीना को सूचना मिली कि पिकअप वाहन संख्या यूपी 22 टीए 7521 ने कई वाहनों को टक्कर मार दी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। दुर्घटना में स्कूटी चालक सहित एक महिला और एक पुरुष घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाड़ेछीना ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने स्कूटी सवार और महिला को बेहतर उपचार के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर कर दिया। पुलिस के अनुसार पिकअप वाहन दन्या से अल्मोड़ा की ओर आ रहा था। चालक की पहचान मोनू ठाकुर निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो घटना के बाद फरार हो गया। प्रारंभिक जानकारी में वाहन के परिचालक द्वारा ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर चालक की तलाश में जुटी है।
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    अल्मोड़ा। जनपद के बाड़ेछीना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक पिकअप वाहन ने एक के बाद एक चार वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। घटना शाम करीब 5:40 बजे की है। डायल 112 के माध्यम से थाना धौलछीना को सूचना मिली कि पिकअप वाहन संख्या यूपी 22 टीए 7521 ने कई वाहनों को टक्कर मार दी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। दुर्घटना में स्कूटी चालक सहित एक महिला और एक पुरुष घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाड़ेछीना ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने स्कूटी सवार और महिला को बेहतर उपचार के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर कर दिया। पुलिस के अनुसार पिकअप वाहन दन्या से अल्मोड़ा की ओर आ रहा था। चालक की पहचान मोनू ठाकुर निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो घटना के बाद फरार हो गया। प्रारंभिक जानकारी में वाहन के परिचालक द्वारा ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर चालक की तलाश में जुटी है।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    12 hrs ago
  • Post by Jagdish Ballabh Sharma
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    Post by Jagdish Ballabh Sharma
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • उत्तराखंड के रुद्रपुर में मीट पर प्रतिबंध के बीच निगम की सख्ती 🚫🥩 नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, दुकानों के कटे चालान होटलों से पतीले-भगोने जब्त ⚖️
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    उत्तराखंड के रुद्रपुर में मीट पर प्रतिबंध के बीच निगम की सख्ती 🚫🥩
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, दुकानों के कटे चालान
होटलों से पतीले-भगोने जब्त ⚖️
    user_रिपोर्टर अर्जुन कुमार
    रिपोर्टर अर्जुन कुमार
    Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • “नशा मुक्त अभियान के तहत बागेश्वर पुलिस की जागरूकता रैली”
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    “नशा मुक्त अभियान के तहत बागेश्वर पुलिस की जागरूकता रैली”
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • विडियो देखें- चम्पावत (उत्तराखंड) उत्तराखंड के चम्पावत जिले में उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया कड़ा विरोध।
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    विडियो देखें- चम्पावत (उत्तराखंड)
उत्तराखंड के चम्पावत जिले में उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया कड़ा विरोध।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    1 hr ago
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