एक अर्थव्यवस्था एक जुड़ा हुआ सिस्टम और अभी यह सिस्टम भारी दबाव में है ईरान की जंग हमें एक बहुत बड़ी बात सिखाती है दुनिया उतनी अलग अलग नहीं है जितना हम सोचते हैं सब कुछ आपस में जुड़ा हुआ है चलो इसे आसान तरीके से समझते हैं सबसे पहले समझो Strait of Hormuz क्या है यह समुद्र का एक बहुत पतला रास्ता है सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 मील है सिर्फ 21 मील लेकिन इसी छोटे से रास्ते से गुजरता है दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत LNG गैस दुनिया के करीब 30 प्रतिशत उर्वरक निर्यात यूरोप के जेट ईंधन का लगभग 30 प्रतिशत हर दिन करीब 20.9 मिलियन बैरल तेल अगर यह 21 मील का रास्ता बंद हो जाए तो सिर्फ दो तीन देशों को नहीं पूरी दुनिया को झटका लगेगा अब देखो इस रास्ते पर कौन किस पर निर्भर है Hormuz से तेल कौन भेजता है सऊदी अरब लगभग 37 प्रतिशत इराक लगभग 23 प्रतिशत यूएई लगभग 13 प्रतिशत ईरान लगभग 11 प्रतिशत कुवैत लगभग 10 प्रतिशत यानी पांच देश मिलकर लगभग 94 प्रतिशत तेल भेजते हैं और यह तेल किसे मिलता है चीन को लगभग 38 प्रतिशत भारत को लगभग 15 प्रतिशत दक्षिण कोरिया को लगभग 12 प्रतिशत जापान को लगभग 11 प्रतिशत यानी लगभग 84 प्रतिशत तेल एशिया जाता है ध्यान देने वाली बात यह है कि ये चारों देश इस युद्ध में शामिल नहीं हैं उन्होंने युद्ध शुरू नहीं किया लेकिन आर्थिक नुकसान सबसे ज्यादा इन्हें झेलना पड़ रहा है जापान जापान अपनी 90 प्रतिशत ऊर्जा बाहर से खरीदता है जब तेल की कीमत 100 डॉलर पार हुई तो जापान का Nikkei स्टॉक मार्केट एक ही दिन में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया जापान के पास लगभग 150 दिन का तेल भंडार है घड़ी चल रही है दक्षिण कोरिया अपना लगभग 70 प्रतिशत तेल खाड़ी इलाके से लाता है उनका KOSPI स्टॉक मार्केट एक दिन में 12 प्रतिशत गिर गया यह 2008 की आर्थिक मंदी के बाद सबसे बड़ा गिराव था ऐसी जंग की वजह से जिससे उनका सीधा कोई लेना देना नहीं था यूरोप ईरान के कतर के गैस ठिकानों पर हमले के बाद सिर्फ 48 घंटों में यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमत लगभग दोगुनी हो गई क्योंकि दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत LNG कतर से Hormuz के रास्ते यूरोप जाती है अब कई जहाज अफ्रीका के Cape of Good Hope के रास्ते घूमकर जा रहे हैं इससे एशिया से यूरोप की यात्रा में 15 से 20 दिन ज्यादा लग रहे हैं हर अतिरिक्त दिन का मतलब है ज्यादा शिपिंग खर्च महंगा सामान और आखिर में महंगाई भारत भारत हर दिन लगभग 2.5 मिलियन बैरल तेल Hormuz के रास्ते लाता है भारत के कई LNG प्लांट फारस की खाड़ी की गैस पर चलते हैं भारत खेती करता है और दुनिया को खाना भी देता है लेकिन खेती में इस्तेमाल होने वाला उर्वरक भी इसी रास्ते से आता है 6 तेल सिर्फ ईंधन नहीं है यह खाने से भी जुड़ा है खाड़ी के देश बहुत बड़ी मात्रा में नाइट्रोजन उर्वरक बनाते हैं जैसे यूरिया अमोनिया और फॉस्फेट कतर सऊदी अरब यूएई और बहरीन मिलकर हर साल लगभग 15 मिलियन टन उर्वरक बनाते हैं दुनिया के करीब एक तिहाई उर्वरक निर्यात Hormuz से गुजरते हैं विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के लगभग आधे खाद्य उत्पादन की नींव उर्वरक पर टिकी है अगर उर्वरक महंगा या कम हो जाए तो गेहूं की पैदावार घटती है मकई की पैदावार घटती है चावल की पैदावार घटती है कुछ ही दिनों में यूरिया की कीमत 516 डॉलर से बढ़कर 683 डॉलर प्रति टन हो गई गेहूं की कीमत लगभग दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई पाम ऑयल 10 प्रतिशत बढ़ गया सोयाबीन और मकई भी महंगे हो गए अमेरिका के आयोवा के एक किसान ने कहा अगर नाइट्रोजन की कीमत कम नहीं हुई तो हम ज्यादा खेतों में सोयाबीन बो देंगे यह फैसला उसने नहीं लिया यह फैसला दुनिया के दूसरे कोने में शुरू हुई जंग ने लिया अब पूरी कड़ी समझो ईरान की जंग Hormuz में रुकावट उर्वरक की सप्लाई कम किसान कम उर्वरक इस्तेमाल करते हैं फसल कम होती है खाने की कीमत बढ़ती है ब्याज दरें बढ़ती हैं अर्थव्यवस्था धीमी होती है और आखिर में आम आदमी को हर चीज महंगी मिलती है यह पूरी कड़ी एक छोटे से 21 मील के समुद्री रास्ते से शुरू होती है और खत्म होती है तुम्हारी रसोई और बाजार में अब शिपिंग की बात करीब 150 जहाज Hormuz के आसपास फंसे हुए हैं बीमा कंपनियां अब युद्ध जोखिम बीमा रद्द कर रही हैं बड़ी शिपिंग कंपनी Hapag Lloyd ने हर कंटेनर पर 1500 डॉलर का युद्ध सरचार्ज लगा दिया CMA CGM ने खाड़ी के माल पर 3000 डॉलर तक का आपातकालीन शुल्क लगा दिया जहाज बिना बीमा के नहीं चल सकते बैंक बिना बीमा के जहाजों को फाइनेंस नहीं करते यानी रास्ता आधिकारिक तौर पर बंद नहीं है लेकिन बीमा हटने से असर वही हो रहा है जैसे रास्ता बंद हो गया हो दुबई का Jebel Ali पोर्ट भी आग लगने के बाद कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा एयर कार्गो नेटवर्क भी प्रभावित है Emirates Etihad और Qatar Airways मिलकर दुनिया की लगभग 13 प्रतिशत एयर कार्गो क्षमता संभालते हैं तीनों की उड़ानें गंभीर रूप से प्रभावित हैं 28 फरवरी के बाद से लगभग 20000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं दस लाख से ज्यादा यात्री फंसे हुए हैं इस पूरी घटना से सबसे बड़ी सीख क्या है दुनिया की अर्थव्यवस्था अलग अलग देशों का समूह नहीं है असल में यह एक ही जुड़ा हुआ सिस्टम है एक जंग जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार गिरा देती है जर्मनी में गैस महंगी कर देती है अमेरिका के किसानों के खर्च बढ़ा देती है ब्राजील को उर्वरक से रोक देती है भारत और फिलीपींस में महंगाई बढ़ा देती है सिर्फ एक समुद्री रास्ता 21 मील चौड़ा और असर पूरी दुनिया पर अक्सर लोग सिर्फ पेट्रोल पंप को दोष देंगे या किराने की महंगाई को लेकिन असली वजह तक कम लोग पहुंचते हैं दुनिया में पैसा कैसे चलता है ऊर्जा कैसे बहती है और कैसे किसी दूर जगह की जंग तुम्हारी रोटी की कीमत बढ़ा सकती है यही आज की दुनिया की सच्चाई है एक अर्थव्यवस्था एक जुड़ा हुआ सिस्टम और अभी यह सिस्टम भारी दबाव में है
एक अर्थव्यवस्था एक जुड़ा हुआ सिस्टम और अभी यह सिस्टम भारी दबाव में है ईरान की जंग हमें एक बहुत बड़ी बात सिखाती है दुनिया उतनी अलग अलग नहीं है जितना हम सोचते हैं सब कुछ आपस में जुड़ा हुआ है चलो इसे आसान तरीके से समझते हैं सबसे पहले समझो Strait of Hormuz क्या है यह समुद्र का एक बहुत पतला रास्ता है सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 मील है सिर्फ 21 मील लेकिन इसी छोटे से रास्ते से गुजरता है दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत LNG गैस दुनिया के करीब 30 प्रतिशत उर्वरक निर्यात यूरोप के जेट ईंधन का लगभग 30 प्रतिशत हर दिन करीब 20.9 मिलियन बैरल तेल अगर यह 21 मील का रास्ता बंद हो जाए तो सिर्फ दो तीन देशों को नहीं पूरी दुनिया को झटका लगेगा अब देखो इस रास्ते पर कौन किस पर निर्भर है Hormuz से तेल कौन भेजता है सऊदी अरब लगभग 37 प्रतिशत इराक लगभग 23 प्रतिशत यूएई लगभग 13 प्रतिशत ईरान लगभग 11 प्रतिशत कुवैत लगभग 10 प्रतिशत यानी पांच देश मिलकर लगभग 94 प्रतिशत तेल भेजते हैं और यह तेल किसे मिलता है चीन को लगभग 38 प्रतिशत भारत को लगभग 15 प्रतिशत दक्षिण कोरिया को लगभग 12 प्रतिशत जापान को लगभग 11 प्रतिशत यानी लगभग 84 प्रतिशत तेल एशिया जाता है ध्यान देने वाली बात यह है कि ये चारों देश इस युद्ध में शामिल नहीं हैं उन्होंने युद्ध शुरू नहीं किया लेकिन आर्थिक नुकसान सबसे ज्यादा इन्हें झेलना पड़ रहा है जापान जापान अपनी 90 प्रतिशत ऊर्जा बाहर से खरीदता है जब तेल की कीमत 100 डॉलर पार हुई तो जापान का Nikkei स्टॉक मार्केट एक ही दिन में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया जापान के पास लगभग 150 दिन का तेल भंडार है घड़ी चल रही है दक्षिण कोरिया अपना लगभग 70 प्रतिशत तेल खाड़ी इलाके से लाता है उनका KOSPI स्टॉक मार्केट एक दिन में 12 प्रतिशत गिर गया यह 2008 की आर्थिक मंदी के बाद सबसे बड़ा गिराव था ऐसी जंग की वजह से जिससे उनका सीधा कोई लेना देना नहीं था यूरोप ईरान के कतर के गैस ठिकानों पर हमले के बाद सिर्फ 48 घंटों में यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमत लगभग दोगुनी हो गई क्योंकि दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत LNG कतर से Hormuz के रास्ते यूरोप जाती है अब कई जहाज अफ्रीका के Cape of Good Hope के रास्ते घूमकर जा रहे हैं इससे एशिया से यूरोप की यात्रा में 15 से 20 दिन ज्यादा लग रहे हैं हर अतिरिक्त दिन का मतलब है ज्यादा शिपिंग खर्च महंगा सामान और आखिर में महंगाई भारत भारत हर दिन लगभग 2.5 मिलियन बैरल तेल Hormuz के रास्ते लाता है भारत के कई LNG प्लांट फारस की खाड़ी की गैस पर चलते हैं भारत खेती करता है और दुनिया को खाना भी देता है लेकिन खेती में इस्तेमाल होने वाला उर्वरक भी इसी रास्ते से आता है 6 तेल सिर्फ ईंधन नहीं है यह खाने से भी जुड़ा है खाड़ी के देश बहुत बड़ी मात्रा में नाइट्रोजन उर्वरक बनाते हैं जैसे यूरिया अमोनिया और फॉस्फेट कतर सऊदी अरब यूएई और बहरीन मिलकर हर साल लगभग 15 मिलियन टन उर्वरक बनाते हैं दुनिया के करीब एक तिहाई उर्वरक निर्यात Hormuz से गुजरते हैं विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के लगभग आधे खाद्य उत्पादन की नींव उर्वरक पर टिकी है अगर उर्वरक महंगा या कम हो जाए तो गेहूं की पैदावार घटती है मकई की पैदावार घटती है चावल की पैदावार घटती है कुछ ही दिनों में यूरिया की कीमत 516 डॉलर से बढ़कर 683 डॉलर प्रति टन हो गई गेहूं की कीमत लगभग दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई पाम ऑयल 10 प्रतिशत बढ़ गया सोयाबीन और मकई भी महंगे हो गए अमेरिका के आयोवा के एक किसान ने कहा अगर नाइट्रोजन की कीमत कम नहीं हुई तो हम ज्यादा खेतों में सोयाबीन बो देंगे यह फैसला उसने नहीं लिया यह फैसला दुनिया के दूसरे कोने में शुरू हुई जंग ने लिया अब पूरी कड़ी समझो ईरान की जंग Hormuz में रुकावट उर्वरक की सप्लाई कम किसान कम उर्वरक इस्तेमाल करते हैं फसल कम होती है खाने की कीमत बढ़ती है ब्याज दरें बढ़ती हैं अर्थव्यवस्था धीमी होती है और आखिर में आम आदमी को हर चीज महंगी मिलती है यह पूरी कड़ी एक छोटे से 21 मील के समुद्री रास्ते से शुरू होती है और खत्म होती है तुम्हारी रसोई और बाजार में अब शिपिंग की बात करीब 150 जहाज Hormuz के आसपास फंसे हुए हैं बीमा कंपनियां अब युद्ध जोखिम बीमा रद्द कर रही हैं बड़ी शिपिंग कंपनी Hapag Lloyd ने हर कंटेनर पर 1500 डॉलर का युद्ध सरचार्ज लगा दिया CMA CGM ने खाड़ी के माल पर 3000 डॉलर तक का आपातकालीन शुल्क लगा दिया जहाज बिना बीमा के नहीं चल सकते बैंक बिना बीमा के जहाजों को फाइनेंस नहीं करते यानी रास्ता आधिकारिक तौर पर बंद नहीं है लेकिन बीमा हटने से असर वही हो रहा है जैसे रास्ता बंद हो गया हो दुबई का Jebel Ali पोर्ट भी आग लगने के बाद कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा एयर कार्गो नेटवर्क भी प्रभावित है Emirates Etihad और Qatar Airways मिलकर दुनिया की लगभग 13 प्रतिशत एयर कार्गो क्षमता संभालते हैं तीनों की उड़ानें गंभीर रूप से प्रभावित हैं 28 फरवरी के बाद से लगभग 20000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं दस लाख से ज्यादा यात्री फंसे हुए हैं इस पूरी घटना से सबसे बड़ी सीख क्या है दुनिया की अर्थव्यवस्था अलग अलग देशों का समूह नहीं है असल में यह एक ही जुड़ा हुआ सिस्टम है एक जंग जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार गिरा देती है जर्मनी में गैस महंगी कर देती है अमेरिका के किसानों के खर्च बढ़ा देती है ब्राजील को उर्वरक से रोक देती है भारत और फिलीपींस में महंगाई बढ़ा देती है सिर्फ एक समुद्री रास्ता 21 मील चौड़ा और असर पूरी दुनिया पर अक्सर लोग सिर्फ पेट्रोल पंप को दोष देंगे या किराने की महंगाई को लेकिन असली वजह तक कम लोग पहुंचते हैं दुनिया में पैसा कैसे चलता है ऊर्जा कैसे बहती है और कैसे किसी दूर जगह की जंग तुम्हारी रोटी की कीमत बढ़ा सकती है यही आज की दुनिया की सच्चाई है एक अर्थव्यवस्था एक जुड़ा हुआ सिस्टम और अभी यह सिस्टम भारी दबाव में है
- गैस की किल्लत की अफवाहों पर जिलाधिकारी ने किया खंडन, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध प्रयागराज। जिले में गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है और आमजन को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों पर गैस की कमी की अफवाहें फैलायी जा रही हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं। जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की खरीद या भंडारण न करें। प्रशासन लगातार आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- बक्शी बाजार मस्जिद क़ाजी़ साहब से भोर में निकाला गया मोमबत्ती की रोशनी में ताबूत हजरत अली1
- Post by AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS1
- प्रयागराज शिवकुटी स्थित श्री नारायण महाप्रभु पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय महिला पखवाड़ा का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और प्रतियोगिताओं के साथ किया गया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को महिला शक्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। विश्व युवक केन्द्र, वसेरा तथा श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल, शिवकुटी के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला पखवारा का समापन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनामिका चौधरी, प्रदेश संयोजक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार और पूर्व सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश ने कहा कि आज भी महिलाओं के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं। इन चुनौतियों का समाधान महिलाओं और पुरुषों को मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विशिष्ट वक्ता प्रभा अग्रवाल, सचिव श्री नारायण आश्रम ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए। वहीं मुख्य वक्ता डॉ. विनीता विश्वकर्मा, प्रबंध निदेशक विनीता हॉस्पिटल ने कहा कि स्वस्थ महिला ही सशक्त महिला बन सकती है। कार्यक्रम में डॉ. विनीता विश्वकर्मा, डॉ. नीलम सिंह, रविंदर पाल कौर बिरदी, शिवांगी सिंह, अर्चना शुक्ला, स्मृति मालवीया, प्रिया श्रीवास्तव, नीलिमा रावत, सरिता मिश्रा, प्रभा अग्रवाल, मुन्नी गुप्ता, जूही जायसवाल, रूबी खरे और परिधि घोष को सामाजिक कार्यकर्ता महेश प्रताप सिंह स्मृति महिला शक्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण में सहयोग के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को महिला शक्ति प्रेरक सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं को निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या रविंदर पाल कौर बिरदी ने कहा कि श्री नारायण आश्रम की स्थापना का उद्देश्य ही महिला सशक्तिकरण है और विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ इस दिशा में कई गतिविधियां संचालित की जाती हैं। पवनदेव,लोकप्रिय,टीवी पत्रकार,प्रयागराज।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- संगम क्षेत्र श्री हनुमान जी का प्राचीन मंदिर जहां आस पास और दूर दराज से काफी संख्या में लोग दर्शन करने प्रतिदिन आते है।1
- Post by गुरु ज्ञान1
- झूंसी में ट्रक और कार की जोरदार टक्कर, एक गंभीर घायल प्रयागराज। झूंसी थाना क्षेत्र के मलावा के पास ट्रक और अर्टिगा कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि कार में सवार अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस ने गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल भेज दिया। कार चालक गुलाब सिंह और रोहित को भी हल्की चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि कार में सवार सभी लोग कुसेहटा, थाना फूलपुर के निवासी हैं। घटना की सूचना मिलने पर झूंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई है। बाकी सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।1