भूपालसागर ब्लॉक में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए भूपालसागर ब्लॉक में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों की मुख्य विशेषता हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्सरे मशीन है, जिससे मौके पर ही फेफड़ों की जांच कर टीबी संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तारा चंद गुप्ता ने सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी कर्मचारियों से 'निक्षय मित्र' बनने का आग्रह किया। डॉ. गुप्ता ने समर्थ नागरिकों से टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए 'पोषण किट' उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी भूमिका निभाने की अपील की है। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. एल. मीणा ने बताया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहले स्क्रीनिंग की जाएगी। लक्षण वाले मरीजों की 'सीबीनाट' (CBNAAT) जांच होगी, जबकि बिना लक्षण वाले लोगों का पोर्टेबल एक्सरे मशीन से परीक्षण किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का इलाज तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। खंड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक श्याम सिंह चुण्डावत के अनुसार, इन शिविरों में उच्च जोखिम वाले समूहों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति और पूर्व में टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोग शामिल हैं। जिला क्षय निवारण अधिकारी डॉ. राकेश भटनागर ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर जांच करवाएं। इससे रोग की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
भूपालसागर ब्लॉक में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए भूपालसागर ब्लॉक में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों की मुख्य विशेषता हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्सरे मशीन है, जिससे मौके पर ही फेफड़ों की जांच कर टीबी संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तारा चंद गुप्ता ने सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी कर्मचारियों से 'निक्षय मित्र' बनने का आग्रह किया। डॉ. गुप्ता ने समर्थ नागरिकों से टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए 'पोषण किट' उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी भूमिका निभाने की अपील की है। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. एल. मीणा ने बताया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहले स्क्रीनिंग की जाएगी। लक्षण वाले मरीजों की 'सीबीनाट' (CBNAAT) जांच होगी, जबकि बिना लक्षण वाले लोगों का पोर्टेबल एक्सरे मशीन से परीक्षण किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का इलाज तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। खंड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक श्याम सिंह चुण्डावत के अनुसार, इन शिविरों में उच्च जोखिम वाले समूहों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति और पूर्व में टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोग शामिल हैं। जिला क्षय निवारण अधिकारी डॉ. राकेश भटनागर ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर जांच करवाएं। इससे रोग की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
- SRI LAKSHMINATH ♥️ BHAGVAN SIV ♥️ SANKAR JI VASAKRAJ 🙏🏽 MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH JI Aapki 🌺 JAY HO SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🌹 🌷 🙏🏽 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI OM 🕉 SIVAY NAMAH 🌷🙏🙏🌷🌷🌷🌷💖♥️1
- राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिफाइनरी का उद्घाटन करने पहुंचना था। आग लगने की घटना के बाद 21 अप्रैल का प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा और उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग रिफाइनरी के Crude Distillation Unit (CDU) सेक्शन में लगी, जो कच्चे तेल की प्राथमिक प्रोसेसिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही परिसर से काले धुएँ के विशाल गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट में तकनीकी खराबी और वाल्व/फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के तुरंत बाद रिफाइनरी प्रबंधन, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने मोर्चा संभाला। बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है। इस हादसे के बाद केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा स्थगित करने का निर्णय लिया। नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिनी जाती है। HPCL और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित यह परियोजना लगभग 9 MMTPA क्षमता वाली है, जिससे पेट्रोल, डीज़ल, LPG और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इस परियोजना से पश्चिम राजस्थान में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजना की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रधानमंत्री के नए दौरे की तारीख पर टिकी हुई है।1
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- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- 🚨 सड़क हादसा केस: घायल युवती को मिला 40.75 लाख का मुआवजा चित्तौड़गढ़, 20 अप्रैल — मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण, निम्बाहेड़ा (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02) की अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवती को 40 लाख 75 हजार रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला पीठासीन अधिकारी कुसुम सूत्रकार द्वारा सुनाया गया। 📌 क्या है पूरा मामला? निम्बाहेड़ा की अटल नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय काजल जैन ने अपने वकील करणसिंह भाटी के माध्यम से दावा पेश किया था। घटना 20 मई 2022 की है, जब काजल अपने साथियों के साथ बाइक से चित्तौड़गढ़ से निम्बाहेड़ा लौट रही थी। रास्ते में रावलिया गांव के पास पीछे से आ रहे एक ट्रेलर ने लापरवाही से टक्कर मार दी। ⚠️ हादसे के परिणाम बाइक चालक की मौके पर ही मौत काजल जैन गंभीर रूप से घायल इलाज के दौरान बायां पैर काटना पड़ा स्थायी दिव्यांगता 🏢 बीमा कंपनी की दलील नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से कहा गया कि: बाइक पर तीन लोग सवार थे दुर्घटना चालक की गलती से हुई ट्रेलर के पास वैध परमिट और फिटनेस नहीं था ⚖️ कोर्ट का निर्णय अदालत ने सभी साक्ष्यों और तथ्यों पर विचार करते हुए: काजल को कुशल श्रमिक माना उसकी अविवाहित स्थिति और भविष्य पर प्रभाव को ध्यान में रखा 👉 33,83,000 रुपये मुआवजा + 6% ब्याज 👉 कुल मिलाकर 40,75,000 रुपये देने का आदेश ✅ यह निर्णय सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अधिकारों और न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। . . #Rajasthan #chittorgah #acssident1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी सोमवार को कराणा स्थित बेणेश्वर धाम पहुंचे। जहां उन्होंने माँ आंजना माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन में पूरे विधि-विधान से भाग लिया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विधायक डांगी ने समाज के विभिन्न वर्गों के वरिष्ठ जनों और गणमान्य नागरिकों से मुलाकात की और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डांगी ने राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने सरकार की आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक ने भव्य आयोजन के लिए समस्त समाजजनों का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।1
- अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर घाटी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को मातम में बदल दिया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के भडसुरी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम में मायरा लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्कर घाटी में सांझी छत के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस पहले सड़क किनारे बनी रेलिंग से टकराई और फिर पलटियां खाते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में विमला देवी और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से निकालकर पुष्कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया। कपड़ों की रस्सी बनाकर बचाई जानें हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण लोगों ने अपने कपड़ों की रस्सी बनाकर घायलों को बाहर निकाला। कई लोग घायल यात्रियों को कंधों पर उठाकर सड़क तक लाए। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई जिंदगियां बच सकीं। झाड़ियों ने रोकी बस की रफ्तार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर बस गिरी, वहां नीचे पेड़ और कंटीली झाड़ियां थीं। बस सीधे नीचे गिरने के बजाय झाड़ियों में अटकती हुई पलटती गई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई। यही वजह रही कि बड़ा हादसा और अधिक भयावह होने से बच गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुष्कर घाटी जैसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तीखे मोड़, पुराने वाहन, कमजोर सुरक्षा रेलिंग और तकनीकी जांच की कमी जैसी समस्याएं लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। पुष्कर घाटी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का गंभीर संकेत है। दो महिलाओं की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं, जबकि स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता की मिसाल कायम की। अब देखना यह है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं।1