करनाल पुलिस ने आज, 31 मई 2026 को, समाज, प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने वीर और बहादुर पुलिस जवानों को पुलिस लाइन करनाल स्थित शहीदी स्मारक पर श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर दो मिनट का मौन धारण किया तथा शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी वीरता एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इसी दिन वर्ष 1992 में करनाल पुलिस के चार बहादुर जवान पंजाब में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए थे। इनमें सीआईए करनाल के इंचार्ज निरीक्षक बलजीत सिंह (निवासी छछरौली, जिला यमुनानगर), निरीक्षक विजेंद्र सिंह (निवासी आसन, जिला रोहतक), एएसआई रघुनंदन (निवासी मोहल्ला नालापार, नारनौल) और सिपाही नारायण सिंह (निवासी मुकीमपुर, जिला सोनीपत) शामिल थे। वे 31 मई 1992 को उग्रवादियों की सूचना पर गांव मतौली, जिला पटियाला (पंजाब) में रेड करने गए थे, जहाँ उग्रवादी जरनैल सिंह एवं उसके साथियों के साथ हुई मुठभेड़ में चारों पुलिस जवान बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2010 में जिला पुलिस के शहीद ईएचसी जगतार सिंह, दोषी गुरप्रीत को गिदड़वाड़ अदालत में पेश करने के लिए ले जाते समय शहीद हो गए थे। दोषी को छुड़वाने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेन में किए गए हमले और मुठभेड़ में गोली लगने से उन्होंने प्राण गंवाए। वहीं वर्ष 2018 में, एसआई नरेंद्र सिंह नारी निकेतन करनाल से किशोर न्याय बोर्ड रोहतक में पेशी के बाद बाल किशोरी ममता (निवासी रोहतक) के साथ बाहर निकल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने किशोरी पर गोली चला दी। एसआई नरेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी और साहस का परिचय देते हुए अपराधियों का सामना किया और किशोरी को बचाने के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति देकर शहीद हो गए। इस अवसर पर भलाई निरीक्षक दर्शन सिंह ने कहा कि करनाल पुलिस को अपने शहीद वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने समाज एवं देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया और अमर हो गए। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष 31 मई को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नमन किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
करनाल पुलिस ने आज, 31 मई 2026 को, समाज, प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने वीर और बहादुर पुलिस जवानों को पुलिस लाइन करनाल स्थित शहीदी स्मारक पर श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर दो मिनट का मौन धारण किया तथा शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी वीरता एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इसी दिन वर्ष 1992 में करनाल पुलिस के चार बहादुर जवान पंजाब में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए थे। इनमें सीआईए करनाल के इंचार्ज निरीक्षक बलजीत सिंह (निवासी छछरौली, जिला यमुनानगर), निरीक्षक विजेंद्र सिंह (निवासी आसन, जिला रोहतक), एएसआई रघुनंदन (निवासी मोहल्ला नालापार, नारनौल) और सिपाही नारायण सिंह (निवासी मुकीमपुर, जिला सोनीपत) शामिल थे। वे 31 मई 1992 को उग्रवादियों की सूचना पर गांव मतौली, जिला पटियाला (पंजाब) में रेड करने गए थे, जहाँ उग्रवादी जरनैल सिंह एवं उसके साथियों के साथ हुई मुठभेड़ में चारों पुलिस जवान बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2010 में जिला पुलिस के शहीद ईएचसी जगतार सिंह, दोषी गुरप्रीत को गिदड़वाड़ अदालत में पेश करने के लिए ले जाते समय शहीद हो गए थे। दोषी को छुड़वाने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेन में किए गए हमले और मुठभेड़ में गोली लगने से उन्होंने प्राण गंवाए। वहीं वर्ष 2018 में, एसआई नरेंद्र सिंह नारी निकेतन करनाल से किशोर न्याय बोर्ड रोहतक में पेशी के बाद बाल किशोरी ममता (निवासी रोहतक) के साथ बाहर निकल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने किशोरी पर गोली चला दी। एसआई नरेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी और साहस का परिचय देते हुए अपराधियों का सामना किया और किशोरी को बचाने के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति देकर शहीद हो गए। इस अवसर पर भलाई निरीक्षक दर्शन सिंह ने कहा कि करनाल पुलिस को अपने शहीद वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने समाज एवं देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया और अमर हो गए। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष 31 मई को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नमन किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
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- अतरौली में बहुचर्चित संत और वर्तमान समाज सुधारक रामपाल जी का तहसील स्तरीय सत्संग आयोजित किया गया। इस सत्संग से सैकड़ों लोगों को लाभ प्राप्त हुआ।1
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- कैराना और कांधला क्षेत्र में पुलिस ने नकली डीजल बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत, गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसी के साथ, कैराना में एक पेट्रोल पंप को भी सील कर दिया गया है।1
- alipur city kariana gali shamli1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक केमिकल गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह घटना के कारण गोदाम में रखा सारा केमिकल जलकर राख हो गया। इस आग से लाखों रुपए का बड़ा नुकसान होने की खबर है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया।1
- शामली जनपद की थाना थानाभवन पुलिस ने 12 टायरा ट्रक चोरी के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को चोरी किए गए डंपर की खरीद-फरोख्त से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिससे पूरे गिरोह तक पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला ग्राम मसावी निवासी नासिर पुत्र शान मोहम्मद की तहरीर पर 19 मार्च 2026 को अज्ञात चोरों द्वारा 12 टायरा ट्रक चोरी किए जाने के संबंध में थाना थानाभवन में दर्ज किया गया था। मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह ने थाना पुलिस को विशेष निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में चलाए गए संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान थानाभवन पुलिस ने फरीदाबाद (हरियाणा) के ग्राम धौज निवासी तौफीक पुत्र आजम खान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूछताछ में तौफीक ने बताया कि चोरी किया गया 12 टायरा डंपर, जिसका नंबर यूके-07 सीडी-3986 है, उसे नूंह (हरियाणा) निवासी आरिफ उर्फ मंगाड़ी पुत्र जान मोहम्मद उर्फ फौज अली ने थाना थानाभवन क्षेत्र से चुराया था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पहले से गिरफ्तार हो चुकी इमराना के माध्यम से यह डंपर आरिफ उर्फ मंगाड़ी से करीब 5 लाख 50 हजार रुपये में खरीदा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि तौफीक ने बाद में उक्त डंपर को नूंह (हरियाणा) के ग्राम अडवर निवासी रफीक उर्फ रफी को 5 लाख 90 हजार रुपये में बेच दिया था। अब पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1