Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुजफ्फरपुर में खेत में मिट्टी भराने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप हुई मारपीट में मां और बेटा दोनों घायल हो गए। घटना के बाद, घायलों को इलाज के लिए SKMCH रेफर किया गया है।
Crime Sach Khabar
मुजफ्फरपुर में खेत में मिट्टी भराने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप हुई मारपीट में मां और बेटा दोनों घायल हो गए। घटना के बाद, घायलों को इलाज के लिए SKMCH रेफर किया गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। यह आग इतनी भयानक थी कि इसे बुझाने के लिए 12 दमकल गाड़ियों को घंटों तक जूझना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में तीन जेसीबी मशीनें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।1
- मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र के भटौना गांव में एक विवाह समारोह उस वक्त गमगीन हो गया, जब दुल्हन के मामा रंजीत साहनी की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना भटौना गांव निवासी शंभू सहनी के घर उनकी भांजी की शादी की रस्मों के दौरान हुई, जहाँ अचानक चली गोली रंजीत साहनी के सिर में जा लगी। गंभीर रूप से घायल रंजीत को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक के परिजनों ने इस घटना को मात्र एक हादसा मानने से स्पष्ट इनकार किया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए रंजीत साहनी की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही करजा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष परमहंस कुमार के अनुसार, पुलिस टीम घटनास्थल पर कैंप कर रही है और शादी समारोह में उपस्थित लोगों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि गोली हर्ष फायरिंग के कारण चली थी या यह किसी जानबूझकर की गई वारदात का परिणाम है।1
- बिहार की राजनीति में एक महिला के बयानों ने हलचल मचा दी है, जिसने खुले तौर पर मुख्यमंत्री को 'जाहिल' बताया है। यही महिला अब सम्राट चौधरी को भी खुलेआम चुनौती दे रही है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में इस सवाल को जन्म दिया है कि आखिर यह महिला कौन है, और बिहार की राजनीति में उसके इन तीखे बयानों के क्या मायने हैं।1
- वैशाली में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में देश की शिक्षा व्यवस्था 'ICU में' है, जो उसकी नाजुक स्थिति को दर्शाता है।1
- मुहर्रम पर्व को देखते हुए गोरौल में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान एसडीओ ने आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- यह बताया गया है कि सोशल मीडिया पर कामयाबी हासिल करने के लिए गाली-गलौज, अनावश्यक विवाद या गलत सामग्री का सहारा लेना ज़रूरी नहीं है। इसके बजाय, यह संदेश दिया गया है कि सकारात्मक और प्रेरणादायक कंटेंट भी बड़ी सफलता दिला सकता है। ऐसा कंटेंट बिना किसी नकारात्मकता के वायरल हो सकता है और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी कर सकता है, जिससे यह साबित होता है कि अच्छे विचारों से भी लोकप्रियता पाई जा सकती है।1
- सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) [SUCI(C)] ने मीनापुर प्रखंड-सह-अंचल मुख्यालय पर महंगाई, बेरोजगारी, प्रश्नपत्र लीक होने, बढ़ते अपराध, सरकारी अस्पतालों की बदहाली, वृद्धा पेंशन में अनियमितता, अंचल एवं प्रखंड कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन में किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाएं शामिल हुए। धरना को संबोधित करते हुए, SUCI(C) के राज्य कमिटी सदस्य और मुख्य वक्ता अर्जुन कुमार ने केंद्र तथा राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट में लगातार वृद्धि का कारण बताया। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता का जीवन दूभर कर दिया है। कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य को अधिकार के बजाय बाजार की वस्तु बनाया जा रहा है, जिससे गरीब और वंचित तबके इन बुनियादी सुविधाओं से दूर हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाली नीति बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। वहीं, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) के जिला सचिव लाल बाबू राय ने किसानों की दिन-प्रतिदिन बदतर होती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज लेकर खेती करने पर मजबूर हैं, लेकिन बाढ़, सूखा, प्राकृतिक आपदाओं और आवारा पशुओं से फसल नष्ट होने पर उन्हें कोई उचित मुआवजा नहीं मिलता। राय ने बताया कि खाद, बीज, सिंचाई और कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने किसानों और खेत मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस सरकारी पहल की मांग की। SUCI(C) मीनापुर लोकल कमिटी के इंचार्ज शिव कुमार यादव ने धरना की अध्यक्षता करते हुए मीनापुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार, घूसखोरी और प्रशासनिक अराजकता पर प्रकाश डाला, जिसके कारण आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी परेशान होना पड़ता है। उन्होंने वृद्धा पेंशन, राशन, आवास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में व्यापक अनियमितताओं का भी जिक्र किया। यादव ने NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि बढ़ते अपराध, जर्जर सड़कें, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था तथा बेरोजगारी के खिलाफ जनता को अब संगठित संघर्ष तेज करना होगा। धरना-प्रदर्शन के उपरांत, शिव कुमार यादव, राम प्रसाद राय, राजेश्वर प्रसाद शाही, राम किशोर राय और मदन कुमार सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के बड़ा बाबू को 15 सूत्री मांग-पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। कार्यक्रम में वीरेंद्र शरण, राम पहलाद राय, राम पुकार राय, गौरव कुमार, सिकंदर कुमार, सचिन कुमार, अनिल कुमार, राम नंदन साहनी, सुखदेव राम और गौरव कुमार जैसे अन्य वक्ताओं ने भी जनसमस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।1
- प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी है कि यदि भरत तिवारी को अगले 15 दिनों के भीतर न्याय नहीं मिलता है, तो वे सम्राट चौधरी के आवास का घेराव करेंगे। इस घोषणा के बाद से बिहार की राजनीति में जोरदार हलचल बढ़ गई है, जिससे राज्य में न्याय की मांग और राजनीतिक उठापटक का माहौल गरमा गया है।1
- मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएस से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक नेता की बाइक चोरी होने की घटना सामने आई है।1